ज़बूर99urd_irv
1ख़ुदावन्द सलतनत करता है,क़ौमें काँपी। वह करूबियों पर बैठता है, ज़मीन लरज़े।2ख़ुदावन्द सिय्यून में बुज़ु़र्ग़ है;और वह सब क़ौमों पर बुलंद — ओ — बाला है।3वह तेरे बुज़ुर्ग और बड़े नाम की ता'रीफ़ करें वह पाक हैं।4बादशाह की ताक़त इन्साफ़ पसन्द हैतू रास्ती को क़ाईम करता है तू ही ने 'अद्लऔर सदाक़त को या'क़ूब, में रायज किया।5तुम ख़ुदावन्द हमारे ख़ुदा की तम्जीद करो,और उसके पाँव की चौकी पर सिज्दा वह पाक है।6उसके काहिनों में से मूसा और हारून ने,और उसका नाम लेनेवालों में से समुएल ने ख़ुदावन्द से दुआ की और उसने उनको जवाब दिया।7उसने बादल के सुतून में से उनसे कलाम किया;उन्होंने उसकी शहादतों को और उस क़ानून को जो उनको दिया था, माना।8ऐ ख़ुदावन्द हमारे ख़ुदा, तू उनको जवाब देता था;तू वह ख़ुदा है जो उनको मु'आफ करता रहा,अगरचे तूने उनके आ'माल का बदला भी दिया।9तुम ख़ुदावन्द हमारे ख़ुदा की तम्जीद करो,और उसके पाक पहाड़ पर सिज्दा करो;क्यूँकि ख़ुदावन्द हमारा ख़ुदा क़ुददूस है।