ज़बूर70urd_irv

1ऐ ख़ुदा! मुझे छुड़ाने के लिए, ऐ ख़ुदावन्द, मेरी मदद के लिए कर जल्दी कर!2जो मेरी जान को हलाक करने के दर पै हैं,वह सब शर्मिन्दा और रुस्वा हों।जो मेरे नुक़्सान से ख़ुश हैं,वह पस्पा और रुस्वा हों।3अहा! हा! हा!करने वाले अपनी रुस्वाई के वजह से पस्पा हों।4तेरे सब तालिब तुझ में ख़ुश — ओ — ख़ुर्रम हों;तेरी नजात के 'आशिक़ हमेशा कहा करें, “ख़ुदा की तम्जीद हो!”5लेकिन मैं ग़रीब और मोहताज हूँ; ऐ ख़ुदा,मेरे पास जल्द आ!मेरा मददगार और छुड़ाने वाला तू ही है;ऐ ख़ुदावन्द, देर न कर!