ज़बूर47urd_irv

1ऐ सब उम्मतों, तालियाँ बजाओ!ख़ुदा के लिए ख़ुशी की आवाज़ से ललकारो!2क्यूँकि ख़ुदावन्द ता'ला बड़ा है,वह पूरी ज़मीन का शहंशाह है।3वह उम्मतों को हमारे सामने पस्त करेगा,और क़ौमें हमारे क़दमों तले हो जायेंगी।4वह हमारे लिए हमारी मीरास को चुनेगा,जो उसके महबूब या'क़ूब की हश्मत है। सिलाह5ख़ुदा ने बुलन्द आवाज़ के साथ,ख़ुदावन्द ने नरसिंगे की आवाज़ के साथ सु'ऊद फ़रमाया।6मदहसराई करो, ख़ुदा की मदहसराई करो!मदहसराई करो, हमारे बादशाह की मदहसराई करो!7क्यूँकि ख़ुदा सारी ज़मीन का बादशाह है;'अक़्ल से मदहसराई करो।8ख़ुदा क़ौमों पर सल्तनत करता है;ख़ुदा अपने पाक तख़्त पर बैठा है।9उम्मतों के सरदार इकट्ठे हुए हैं,ताकि अब्रहाम के ख़ुदा की उम्मत बन जाएँ;क्यूँकि ज़मीन की ढालें ख़ुदा की हैं,वह बहुत बुलन्द है।