ज़बूर117urd_irv

1ऐ क़ौमो सब ख़ुदावन्द की हम्द करो! करो!ऐ उम्मतो! सब उसकी सिताइश करो!2क्यूँकि हम पर उसकी बड़ी शफ़क़त है;और ख़ुदावन्द की सच्चाई हमेशा है ख़ुदावन्द की हम्द करो।