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बिलदद : अल्लाह के सामने कोई रास्तबाज़ नहीं ठहर सकता

1फिर बिलदद सूख़ी ने जवाब देकर कहा,2“अल्लाह की हुकूमत दहशतनाक है। वही अपनी बुलंदियों पर सलामती क़ायम रखता है।3क्या कोई उसके दस्तों की तादाद गिन सकता है? उसका नूर किस पर नहीं चमकता?4तो फिर इनसान अल्लाह के सामने किस तरह रास्तबाज़ ठहर सकता है? जो औरत से पैदा हुआ वह किस तरह पाक-साफ़ साबित हो सकता है?5उस की नज़र में न चाँद पुरनूर है, न सितारे पाक हैं।6तो फिर इनसान किस तरह पाक ठहर सकता है जो कीड़ा ही है? आदमज़ाद तो मकोड़ा ही है।”