1एक भविष्यवाणी:हद्राख देश के विरुद्ध में याहवेह का यह वचन हैऔर इसका प्रभाव दमेशेक पर पड़ेगा—क्योंकि सारे लोगों और इस्राएल के सारे गोत्रों की दृष्टियाहवेह पर लगी है—2और इसकी सीमा से लगे देश हामाथ पर लगी है,और सोर और सीदोन पर भी लगी है, यद्यपि वे बहुत कुशल हैं.3सोर ने अपने लिए एक दृढ़ गढ़ बनाया है;उसने चांदी को धूल के समान,और सोना को गली के कीचड़ के समान बटोर रखा है.4पर प्रभु उसकी सब चीज़ों को ले लेगाऔर उसकी शक्ति को समुद्र में डाल देगा,और वह आग में जलकर नष्ट हो जाएगी.5अश्कलोन यह देखकर भयभीत होगा;अज्जाह अति कष्ट में छटपटाएगा,और यही स्थिति एक्रोन की भी होगी, क्योंकि उसकी आशा जाती रहेगी.अज्जाह में राजा न रह जाएगाऔर अश्कलोन को त्याग दिया जाएगा.6एक दोगली जाति के लोग अशदोद पर अधिकार कर लेंगे,और मैं फिलिस्तीनियों के घमंड को तोड़ दूंगा.7मैं उनके मुंह में से रक्त,और उनके दांतों के बीच से निषेध किए गये भोजन को छीन लूंगा.तब वे जो बच जाएंगे, वे हमारे परमेश्वर के हो जाएंगेऔर यहूदिया में एक गोत्र बन जाएंगे,और एक्रोन यबूसियों के समान हो जाएगा.8पर मैं अपने मंदिर को लुटेरों से बचाने के लियेउसकी पहरेदारी हेतु पड़ाव डालूंगा.कोई भी अत्याचारी फिर कभी मेरे लोगों पर अधिकार करने न पाएगा,क्योंकि अब मैं पहरेदारी कर रहा हूं.
ज़ियोन के राजा का आना
9हे बेटी ज़ियोन, अति आनंदित हो!हे बेटी येरूशलेम, जय जयकार करो!देखो, तुम्हारा राजा तुम्हारे पास आ रहा है,वह धर्मी और विजयी होकर आता है,वह विनम्र और एक गधे पर,एक बछड़े पर, एक गधी के बच्चे पर सवार है.10मैं एफ्राईम से रथों कोऔर येरूशलेम से युद्ध के घोड़ों को ले लूंगा,और युद्ध के धनुष तोड़ दिये जाएंगे.तब वह जाति-जाति के लोगों के बीच शांति की घोषणा करेगा.उसका साम्राज्य एक समुद्र से लेकर दूसरे समुद्र तकऔर नदी से लेकर पृथ्वी के छोर तक फैलेगा.11जहां तक तुम्हारा संबंध है, तुम्हारे साथ मेरी वाचा के लहू के कारण,मैं तुम्हारे कैदियों को उस जलहीन गड्ढे से बाहर निकाल लूंगा.12हे आशा लिये हुए कैदियों, अपने गढ़ में लौट आओ;आज मैं घोषणा करता हूं कि मैं तुम्हें उसका दो गुणा लौटा दूंगा.13मैं यहूदिया को अपने धनुष के सदृश झुकाऊंगाऔर एफ्राईम से इसे भर दूंगा.हे ज़ियोन, मैं तुम्हारे बेटों को यावन केबेटों के विरुद्ध उत्तेजित करूंगा,और तुम्हें योद्धा की तलवार के समान कर दूंगा.
याहवेह प्रगट होगा
14तब याहवेह उन पर प्रकट होगा;और उसके तीर बिजली के समान चमकेंगे.परम याहवेह तुरही फूंकेंगे;वे दक्षिण से उठे आंधी से होकर चलेंगे,15और सर्वशक्तिमान याहवेह उनकी रक्षा करेंगे.वे नष्ट कर देंगेऔर गोफन के पत्थरों के द्वारा उन पर जयवंत होंगे.वे पिएंगे और ऐसा कोलाहल करेंगे जैसे लोग दाखमधु पीकर करते हैं;वे उस कटोरे के समान भर जाएंगेजिसका उपयोग वेदी के कोनों को छिड़कने के लिये किया जाता है.16जैसे कि एक चरवाहा अपने झुंड की रक्षा करता हैवैसे ही उनका परमेश्वर याहवेह उस दिन अपने लोगों की रक्षा करेगा.वे उसके देश में ऐसे चमकेंगेजैसे मुकुट में जड़े हुए रत्न चमकते हैं.17कितने आकर्षक और सुंदर होंगे वे!जवान अन्न खाकर,और जवान युवतियां नयी अंगूर की दाखमधु पीकर हृष्ट-पुष्ट हो जाएंगी.