सूक्ति संग्रह1
1इस्राएल के राजा, दावीद के पुत्र शलोमोन की सूक्तियां:2ज्ञान और शिक्षा से परिचय के लिए;शब्दों को समझने के निमित्त ज्ञान;3व्यवहार कुशलता के लिए निर्देश-प्राप्ति,धर्मी, पक्षपात किए बिना तथा न्यायसंगति के लिए;4साधारण व्यक्ति को समझ प्रदान करने के लिए,युवाओं को ज्ञान और निर्णय-बुद्धि प्रदान करने के लिए.5बुद्धिमान इन्हें सुनकर अपनी बुद्धि को बढ़ाए,समझदार व्यक्ति बुद्धिमानी का परामर्श प्राप्त करे;6कि वह सूक्ति तथा दृष्टांत को, बुद्धिमानों की योजना कोऔर उनके रहस्यों को समझ सके.7याहवेह के प्रति श्रद्धा ही ज्ञान का प्रारम्भ-बिंदु है,मूर्ख हैं वे, जो ज्ञान और अनुशासन को तुच्छ मानते हैं.