1याहवेह ने मोशेह तथा अहरोन को यह आज्ञा दी:2“इस्राएल के वंश प्रत्येक अपने-अपने झंडे के नीचे ही पड़ाव डाला करेंगे. ये झंडे उनके पिता के गोत्रों की निशानी होंगे. वे मिलनवाले तंबू के आस-पास उसकी ओर मुख किए हुए अपने-अपने शिविर खड़े करेंगे.”3वे, जो अपने शिविर सूर्योदय की दिशा, पूर्व में स्थापित करेंगे, वह होगा यहूदाह गोत्र, वे अपने शिविर अपने झंडे के नीचे स्थापित करेंगे. यहूदाह के गोत्र का प्रधान होगा अम्मीनादाब का पुत्र नाहशोन.4उनके सैनिकों की संख्या है 74,600.5उनके निकट होगा इस्साखार का शिविर. इस्साखार के गोत्र का प्रधान होगा ज़ुअर का पुत्र नेथानेल.6उसके सैनिकों की संख्या है 54,400.7इसके बाद होगा ज़ेबुलून का शिविर. ज़ेबुलून गोत्र का प्रधान होगा हेलोन का पुत्र एलियाब8उसके सैनिकों की संख्या है 57,400.9यहूदाह के शिविर के लिए गिने गए सैनिक, जिन्हें उनके दलों के अनुसार तैयार किया गया था, वे गिनती में 1,86,400 थे. वे सबसे पहले कूच करेंगे.10दक्षिण दिशा: ये रियूबेन के झंडे के नीचे उसके सैनिकों का शिविर होगा तथा रियूबेन गोत्र का प्रधान शेदेउर का पुत्र एलिज़ुर होगा.11उसके सैनिकों की संख्या है 46,500.12इसके पास वाला शिविर होगा शिमओन गोत्र का, तथा उनका प्रधान होगा ज़ुरीशद्दाय का पुत्र शेलुमिएल.13इनके सैनिकों की संख्या है 59,300.14इसके बाद गाद का गोत्र, और इनका प्रधान था देउएल का पुत्र एलियासाफ़.15इसके सैनिकों की संख्या है 45,650.16रियूबेन के शिविर के गिने गए सैनिकों की संख्या है 1,51,450. ये कूच करते हुए दूसरे स्थान पर रहा करेंगे.17इनके बाद मिलन वाला तंबू और लेवियों का शिविर कूच करेगा. लेवियों का शिविर सारे शिविरों के बीच होगा. जिस प्रकार वे अपने शिविर स्थापित करते हैं, उसी क्रम में वे कूच करेंगे; अपने-अपने झंडों के साथ.18पश्चिमी दिशा में: उनके झंडे के नीचे एफ्राईम गोत्र की सेना का शिविर होगा. इनका प्रधान होगा अम्मीहूद का पुत्र एलीशामा.19उसकी सेना की, गिन कर लिखी गई संख्या है 40,500.20उसके पास होंगे मनश्शेह के गोत्र. उनका प्रधान था पेदाहज़ुर का पुत्र गमालिएल.21उनके सैनिकों की संख्या है 32,200.22इसके बाद बिन्यामिन गोत्र के लोग. उनका प्रधान था गिदयोनी का पुत्र अबीदान.23उसके सैनिकों की संख्या 35,400 गिनी गई.24एफ्राईम गोत्र के दलों के अनुसार की गई सैनिकों की गिनती में संख्या है, 1,08,100. यात्रा के अवसर पर वे तीसरे स्थान पर रहेंगे.25उत्तर दिशा में उनके झंडे के नीचे दान गोत्र के सैनिकों का स्थान होगा. इनका प्रधान था अम्मीशद्दाय का पुत्र अहीएज़र.26उसके सैनिकों की संख्या है 62,700.27इनसे लगा हुआ दूसरा शिविर आशेर गोत्र का होगा. इनका प्रधान था ओखरन का पुत्र पागिएल.28इसके गिने हुए सैनिकों की संख्या है 41,50029इसके बाद होगा नफताली गोत्र का शिविर. इनका प्रधान था एनन का पुत्र अहीरा.30उसके सैनिक गिनती में 53,400 थे.31दान के सैनिकों की संख्या हुई 1,57,600. वे सभी अपने-अपने झंडे के नीचे सबसे पीछे चला करेंगे.32ये ही थे सारे इस्राएली, जिनकी गिनती उनके गोत्रों के अनुसार की गई थी. वे सभी, जिनकी गिनती उनके दलों के अनुसार की गई थी, संख्या में 6,03,550 थे.33किंतु इस गिनती में लेवी नहीं गिने गए, क्योंकि यह मोशेह को दी गई याहवेह की आज्ञा थी.34इस्राएल के घराने ने यह प्रक्रिया पूरी कर ली. वे मोशेह को दी गई याहवेह की आज्ञा के अनुसार शिविर डाला करते थे, इसी क्रम में अपने-अपने गोत्र के अनुसार अपने-अपने गोत्र और कुटुंब में यात्रा करते थे.