यहोशू13hin_cvb
कुलों में कनान का विभाजन
1जब यहोशू बहुत बूढ़े हो चुके थे, तब याहवेह ने उनसे यह कहा: “तुम बूढ़े हो चुके हो, और भूमि का एक बड़ा अंश अब भी तुम्हारें अधिकार में नहीं आया हैं.2“वह देश जो रह गए है:“फिलिस्तीनियों की समस्त भूमि तथा गेशूरियों का देश;3मिस्र के पूर्व में स्थित शीहोर से लेकर उत्तर में एक्रोन की सीमा तक, जो कनान देश माना जाता था, हालांकि यह प्रदेश फिलिस्तीनियों के पांच शासकों के कब्जे में था. उनके नगर थे: गाज़ा, अशदोद, अश्कलोन, गाथ, एक्रोन; तथा दक्षिण में अव्वी,4कनानियों का पूरा देश तथा मेआराह, जो सीदोनियों का राज्य था, यह अमोरियों के अफेक की सीमा तक फैला था;5गिबलियों का देश लबानोन, बाल-गाद से नीचे की ओर हरमोन पर्वत से लेकर लबो-हामाथ तक.6“मैं इस्राएलियों के सामने से लबानोन के पर्वतीय क्षेत्र के पूरे निवासियों को, जो मिसरेफोत-मयिम तक बसे हैं, सीदोनियों को, सबको भगा दूंगा. और मेरे कहे अनुसार यह देश इस्राएलियों को मीरास में दिया जायेगा,7और यह देश नौ गोत्रों तथा मनश्शेह के आधा गोत्र को दे मीरास में दिया जाएगा.”