येरेमियाह4hin_cvb
1याहवेह की यह वाणी है,“इस्राएल, यदि तुम लौटो, तो तुम्हारा मेरे पास लौट आना उपयुक्त होगा,यदि तुम वे घृणास्पद वस्तुएं मेरे समक्ष से दूर कर दोऔर यदि तुम अपने संकल्प से विचलित न हो,2और तुम पूर्ण निष्ठा में, न्यायपूर्णता में तथा पूर्वजों में यह शपथ लो,‘जीवित याहवेह की शपथ,’तब जनता स्वयं ही याहवेह द्वारा आशीषित की जाएंगीतथा याहवेह में उनका गौरव हो जाएगा.”3यहूदिया एवं येरूशलेम के निवासियों के लिए याहवेह का आदेश है:“उस भूमि पर हल चला दो,कंटीली भूमि में बीजारोपण न करो.4यहूदिया तथा येरूशलेम के वासियो,याहवेह के लिए अपना ख़तना करो,ख़तना अपने हृदय की खाल का करो,अन्यथा मेरा कोप अग्नि-समान भड़क उठेगा और यह ज्वाला ऐसी होगी,जिसे अलग करना किसी के लिए संभव न होगा—क्योंकि यह तुम्हारे दुष्कर्मों का परिणाम है.