1ज़ियोन के हित में मैं चुप न रहूंगा,येरूशलेम के कल्याण के लिए मैं शांत न रहूंगा,जब तक कि उसकी धार्मिकता के समान,और उसका उद्धार जलते हुए पीतल के समान दिखाई न दे.2तब अन्य जातियां,तेरा धर्म और सब राजा तेरी महिमा देखेंगे;और तेरा एक नया नाम रखा जायेगाजो याहवेह के मुंह से निकलेगा.3तुम याहवेह के हाथों में एक सुंदर मुकुट,तथा परमेश्वर की हथेली में राज मुकुट ठहरोगे.4इसके बाद तुम्हारी पहचान त्यागी हुई के रूप में न होगी,न ही तुम्हारा देश उजड़ा हुआ कहलायेगा.परंतु तुम हेप्सीबा ,और तुम्हारी भूमि ब्यूला कहलाएगी;क्योंकि याहवेह तुमसे प्रसन्न है,और तुम्हारी भूमि अच्छी उपज उपजायेगी.5जिस प्रकार एक युवा कुंवारी कन्या से विवाह करता है,उसी प्रकार तुम्हारे निर्माण-कर्ता पुनः तुमसे विवाह करेंगे;जिस प्रकार वर के आनंद का विषय होती है वधू,उसी प्रकार तुम्हारे परमेश्वर तुम्हारे कारण आनंदित होंगे.6हे येरूशलेम, मैंने तुम्हारी शहरपनाह पर स्वर्गदूत बिठाए हैं;सारी रात और दिन वे चुप न रहेंगे.हे याहवेह को स्मरण करनेवालो, चुप न रहो.7तुम याहवेह को चैन मत देना जब तक वे येरूशलेमको स्थिर करके उसे पृथ्वी की प्रशंसा पात्र न बना दें!8याहवेह ने अपने दाएं हाथ:“तथा बलवंत हाथ की शपथ ली है:निश्चय अब मैं कभी भी तुम्हारी उपज कोतुम्हारे शत्रुओं का भोजन न होने दूंगा,न ही मैं तुम्हारे मेहनत से लगाये दाखरस कोपरदेशियों को खाने दूंगा;9किंतु वे जो इसे जमा करेंगेवे इसे खाकर याहवेह की स्तुति करेंगे,और जिन्होंने दाखमधु भंडार में रखा होवे ही उसके पवित्र स्थान के आंगनों में पायेंगे.”10सब फाटकों से होकर निकलो!लोगों के लिए मार्ग सीधा करो.राजमार्ग को बनाओ!सभी पत्थर मार्ग से हटाकर.लोगों के लिए झंडा ऊंचा करो.11देखो, याहवेह ने पृथ्वी की छोर तकइस आज्ञा का प्रचार किया है:“ज़ियोन की बेटी से कहो,‘देख, तेरा उद्धारकर्ता आया है!और मजदूरी उसके पास है,तथा उनका प्रतिफल उन्हें देगा.’ ”12वे उन्हें पवित्र प्रजा,और याहवेह के छुड़ाए हुए कहेंगे,और तेरा नाम गृहण की हुई,अर्थात् न त्यागी गई नगरी पड़ेगा.
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