1समुद्र किनारे की मरुभूमि के विरुद्ध भविष्यवाणी:जिस प्रकार दक्षिण के भूमि में आंधी आती है,उसी प्रकार बंजर भूमि से,अर्थात् आतंक का देश से निकलकर आक्रमणकारी आ रहा है.2मुझे एक दर्शन मिला जो दुःख का था कि:विश्वासघाती विश्वासघात करता है और नाशक नाश करता है.हे एलाम, चढ़ाई करो! हे मेदिया, सबको घेर लो!मैं उन सबके दुःख को खत्म कर दूंगा जो उसके कारण हुए हैं.3इस कारण मेरे शरीर में दर्द है,मैं इतना घबरा गया हूं, कि मुझे सुनाई नहीं देता;मैं इतना डर गया हूं,कि मुझे दिखाई नहीं देता.4मेरा हृदय कांपता है,डर ने मुझे घेर लिया है;वह शाम जिसकी मुझे चाह थीवह डर में बदल गई है.5भोजन की तैयारी हो गईऔर मेहमानों को बिठाया जा रहा है,शासकों उठो,ढालों पर तेल लगाओ!6प्रभु ने मुझसे कहा है:“जाओ, एक पहरेदार को खड़ा करोऔर जो कुछ वह देखे उसे बताने दो.7जब घोड़ों, गधों और ऊंटों परसवारी आता देखे तब उन पर खास दे.”8तब वह पहरेदार सिंह के समान गुर्राते हुए कहेगा,“हे स्वामी, मैं दिन भर खड़ा पहरा देता रहता हूं;और पूरी रात जागता हूं.9और देखो रथ में एक आदमी आता है,दो-दो घोड़ों के रथ में सवार होकर आ रहे हैं.उसने कहा:‘गिर गया, बाबेल गिर गया!सभी मूर्तियां गिरकरचूर-चूर हो गई हैं!’ ”10हे मेरे कुचले गए पुत्र,हे मेरे खलिहान के पुत्रसर्वशक्तिमान याहवेह इस्राएल के परमेश्वर ने,मुझसे जो कुछ कहा, वह मैंने तुम्हें बता दिया.
एदोम के विरोध में भविष्यवाणी
11दूमाहके विरोध में भविष्यवाणी:सेईर से मुझे कोई बुला रहा है,“हे पहरेदार, रात की क्या ख़बर है?”12पहरेदार ने कहा,“सुबह होती है, और रात भी.और जो कुछ आप पूछना चाहते हैं, पूछिए;और पूछने के लिये आईये.”
अराबिया के खिलाफ़ एक भविष्यवाणी
13अराबिया के खिलाफ़ एक भविष्यवाणी: ददान के यात्री संघो,अराबिया के बंजर भूमि में तुम रात बिताओगे,14तेमा देश के लोगों को पानी पिलाओगे;भागे हुओं को खाना दो.15क्योंकि वे युद्ध से भागे हुए हैं,और तलवारऔर धनुष केसामने से भागे हुए हैं.16क्योंकि प्रभु ने मुझसे ऐसा कहा है: “मज़दूर के अनुसार एक ही वर्ष में, केदार की शान खत्म हो जाएगी.17केदार के तीर चलानेवालों की गिनती कम हो जाएगी.” यह याहवेह, इस्राएल के परमेश्वर, का वचन है.