1मोला दुनिया को सबा भासा आवा सेत, अना सरगदूत को भासा भी आवा सेत। अना मोरो भीतर पिरेम नाहती तो मोरो बोलनो पितर को झनकार जसो सेत।2अदी मोरो जवर पेरीत जसो उपदेस देवन को वरदान सेत। मोला सबा परकार को गियान हो सका सेत, अना सबा राज की गोस्टी समजनो असान सेत। पहाड़ ला हटान को बिस्वास सेत। पर पिरेम नाहती तो काही नाहती।3अदी मी आपरो धन कंगालगिन ला दे देऊ, अना आपरो देह ला जलन काजी दे दू अना माया नही राखू तो काही फायदा नाहती।4माया सहन करनवारा सेत अना दयालू सेत। माया न तो जलन करासेत ना डीग हाका सेत ना गरब करा सेत।5माया सोभा नही देवनवारा बेवहार नही करा सेत। उ आपरो सुवारत नही ढूढा सेत। माया न तो हिजड़ा सेत अना बुराई को गिनती नही राखा सेत।6उ अन्याय लक नही, पर सच्चो चाल लक खूस होवासेत।7उ सबा काही ला ढाँक देसे, सबा काही पर भरोसा ठेवा सेत। सबा काही को आस राखासेत, अना सबा सह लेवा सेत।8भविस्यवानी चली जाहेत भासा मुका हो जाहेती। अना गियान मीट जाहेती, पर माया को अन्त नाहती।9काहेकी आमरो गियान, अना आमरो भविस्यवानी अधूरो सेत।10अना जबा पूरो आय जाहे, तो जोन पूरो नाहती वा मिट जाहेती।11जबा मी लेकरा होतो तो मी लेकरा बारा जसो बिचार करत होतो। लेकरा जसो होतो अना वसोच समज होती। पर जबा मी सियानो बन गयो, तो लेकरा जसो गोस्टी छोड़ दियो।12अबा अमीला आरसा मा धुधरो-धुधरो चोवा सेत पर वोना बेरा तहताज चोवबिन। अबा तो मोरो गियान अधूरो सेत, पर तबा मी वसोच पूरो लक जानीन, जसो परमेस्वर मोला जानिसेस।13पर अबा भरोसा, आस, माया यो तीन हमेसा रव्हेत, पर यो सबा लक मोठो पिरेम सेत।