1फिर परमेश्वर न मूसा सी कह्यो,2“तय हारून अऊर ओको टुरावों को कपड़ावों, अऊर अभिषेक को तेल, अऊर पापबलि को बईल, अऊर दोयी मेंढावों, अऊर अखमीरी रोटी की टोकनी ख,3मिलाप वालो तम्बू को फाटक पर ले आव, अऊर वहांच पूरी मण्डली ख जमा कर।”4परमेश्वर की या आज्ञा को अनुसार मूसा न करयो; अऊर मण्डली मिलाप वालो तम्बू को फाटक पर जमा भयी।5तब मूसा न मण्डली सी कह्यो, “जो काम करन की आज्ञा परमेश्वर न दी हय वा या आय।”6फिर मूसा न हारून अऊर ओको टुरावों ख जवर लाय क पानी सी नहलायो।7तब ओन हारून ख कुरता पहिनायो, अऊर कुरता ख कमर पट्टा सी कस दियो। ओख अंगरखा पहिनायो। अऊर एपोदडाल्यो, अऊर कलात्मक ढंग सी बुन्यो हुयो एपोद को पट्टा सी ओख बान्ध क कस दियो।8अऊर ओन चपरास लगाय क सिनाबन्ध म ऊरीम अऊर तुम्मीम रख दियो।9तब ओन ओको मुंड पर फेटा बान्ध क फेटा को आगु सोना की पट्टी ख मतलब पवित्र मुकुट ख लगायो, जो तरह परमेश्वर न मूसा ख आज्ञा दी होती।10तब मूसा न अभिषेक को तेल ले क निवास को अऊर जो कुछ ओको म होतो उन सब को भी अभिषेक कर क् उन्ख पवित्र करयो।11अऊर ऊ तेल म सी कुछ ओन वेदी पर सात बार छिड़क्यो, अऊर पूरो सामान सहित वेदी को अऊर पाया समेत गंगार को अभिषेक कर क् उन्ख पवित्र करयो।12अऊर ओन अभिषेक को तेल म सी कुछ हारून को मुंड पर डाल क ओको अभिषेक कर क् ओख पवित्र करयो।13तब मूसा न हारून को टुरावों ख जवर लाय क, अंगरखा पहिनाय क, अऊर कमर पट्टा बान्ध क उन्को मुंड पर टोपी रख दियो, जो तरह परमेश्वर न मूसा ख आज्ञा दी होती।14तब ऊ पापबलि को बईल ख जवर लाय क; अऊर हारून अऊर ओको टुरावों न अपनो अपनो हाथ पापबलि को बईल को मुंड पर रखे।15तब मूसा न ओख बलि करयो, अऊर मूसा न खून ले क बोट सी वेदी को चारयी सींगो पर लगाय क पवित्र करयो, अऊर खून ख वेदी को पाया पर कुड़ाय दियो, अऊर ओको पाप झाके अऊर ओख पवित्र करयो।16अऊर मूसा न अतड़ियां पर की चरबी, अऊर कलेजा पर की झिल्ली, अऊर चरबी समेत दोयी गुड़दावो ख ले क वेदी पर जलायो।17पर बईल म सी जो कुछ बच्यो रह्य गयो ओख, मतलब गोबर समेत ओकी खाल, मांस अऊर मांस ख छावनी सी बाहेर आगी म जलायो, जो तरह परमेश्वर न मूसा ख आज्ञा दी होती।18तब मूसा न होमबलि लायी मेंढा ख लायो, हारून अऊर ओको टुरावों न ऊ मेंढा को मुंड पर अपनो हाथ रखे।19मूसा न ओख बलि करयो, अऊर येको खून ख वेदी को चारयी तरफ छिड़क दियो।20उन्न यो मेंढा को तुकड़ा तुकड़ा करयो अऊर मूसा न ओको मुंड, ओको टुकड़ावों अऊर चरबी ख जलाय दियो।21मूसा न अतड़ियां अऊर पाय ख पानी सी धोय क पूरो मेंढा ख वेदी पर जलायो; अऊर ऊ सुखदायक सुगन्ध देन लायी होमबलि अऊर परमेश्वर लायी बलिदान भय गयो, जो तरह परमेश्वर न मूसा ख आज्ञा दी होती।22तब मूसा न दूसरो मेंढा ख जो अभिषेक को मेंढा होतो जवर लायो, अऊर हारून अऊर ओको टुरावों न अपनो अपनो हाथ मेंढा को मुंड पर रख्यो।23तब ऊ बलि करयो गयो, अऊर मूसा न ओको खून म सी कुछ ले क हारून को दायो कान को कोना पर अऊर ओको दायो हाथ अऊर दायो पाय को अंगूठा पर लगायो।24अऊर ऊ हारून को टुरावों ख जवर ले गयो, अऊर खून म सी एक-एक को दायो कान को कोना पर अऊर दायो हाथ अऊर दायो पाय को अंगूठा पर लगायो; अऊर मूसा न खून ख वेदी पर चारयी तरफ छिड़क्यो।25अऊर ओन चरबी, अऊर चरबीदार पूछ, अऊर अतड़ियों पर की सब चरबी, अऊर कलेजा पर की झिल्ली समेत दोयी गुड़दा, अऊर दियो जांघ, हि सब ले क अलग रखे।26अऊर अखमीरी रोटी की टोकनी जो परमेश्वर को आगु रखी गयी होती ओको म सी एक अखमीरी रोटी, अऊर तेल सी सान्यो हुयो मैदा को एक सुवारी, अऊर एक सुवारी ले क अऊर चरबी दायो जांघ पर रख दियो।27अऊर या सब चिजे हारून अऊर ओको टुरावों को हाथों पर रख दी गयी, इन्ख परमेश्वर ख चढ़ावन की भेंट मान क परमेश्वर को आगु हिलायी गयी।28तब मूसा न उन्ख फिर उन्को हाथों पर सी ले क उन्ख वेदी पर जलायो, यो सुखदायक सुगन्ध देन लायी अभिषेक की भेंट अऊर परमेश्वर लायी अग्निबलि होती।29तब मूसा न छाती ख ले क हिलावन की भेंट को रूप म परमेश्वर को सामने हिलायो। अभिषेक को मेंढा म सी मूसा को हिस्सा होतो; जसो परमेश्वर न मूसा ख आज्ञा दी होती।30तब मूसा न अभिषेक को तेल अऊर वेदी पर को खून, दोयी म सी कुछ ले क हारून अऊर ओको कपड़ा पर, अऊर ओको टुरावों अऊर उन्को कपड़ा पर भी छिड़क्यो; अऊर ओन कपड़ा समेत हारून ख भी पवित्र करयो।31तब मूसा न हारून अऊर ओको टुरावों सी कह्यो, “मांस ख मिलाप वालो तम्बू को फाटक पर पकावों, अऊर वा रोटी ख जो अभिषेक की टोकनी म हय उतच खावो, जसो मय न आज्ञा दी हय कि हारून अऊर ओको टुरा ओख खाये।32अऊर मांस अऊर रोटी म सी जो बच्यो हुयो ख आगी म जलाय देवो।33अऊर जब तक तुम्हरो अभिषेक को दिन पूरो नहीं होय जाये तब तक, मतलब सात दिन तक मिलाप वालो तम्बू को फाटक को बाहेर मत जाजो, कहालीकि ऊ सात दिन तक तुम्हरो अभिषेक करतो रहेंन।34जो तरह अज करयो गयो हय वसोच करन की आज्ञा परमेश्वर न दी हय, जेको सी तुम्हरो पाप झाक्यो जायेंन।35येकोलायी तुम मिलाप वालो तम्बू को फाटक पर सात दिन अऊर सात रात ठहरे रहजो, ताकि तुम मर नहीं जावो; कहालीकि असीच आज्ञा मोख दी गयी हय।”36तब परमेश्वर की याच सब निर्देश आज्ञावों को अनुसार जो ओन मूसा सी दी होती हारून अऊर ओको टुरावों न करयो।