1यहूदा को तरफ सी जो यीशु मसीह को सेवक अऊर याकूब को भाऊ आय, उन बुलायो हुयो को नाम जो परमेश्वर पिता म प्रिय अऊर यीशु मसीह को लायी सुरक्षित हंय।2दया अऊर शान्ति अऊर प्रेम तुम्ख बहुतायत सी हासिल होतो रहे।
झूठो शिक्षक
3हे प्रिय संगियों, जब मय तुम्ख ऊ उद्धार को बारे म लिखनो म अत्यन्त मेहनत सी कोशिश कर रह्यो होतो जेको म हम सब सहभागी हंय, त मय न तुम्ख यो लिखन अऊर उत्साहित करन की जरूरत महसुस करयो कि तुम ऊ विश्वास को लायी संघर्ष करतो रहो जेक परमेश्वर न अपनो पवित्र लोगों ख एकच बार सब को लायी सौंप्यो गयो हय।4कहालीकि कितनो असो आदमी चुपका सी हमरो झुण्ड म आय मिल्यो हंय, उन लोगों को सजा को बारे म शास्त्रों न बहुत पहिलेच भविष्यवानी कर दी होती: हि लोग भक्तिहीन हंय, अऊर हमरो परमेश्वर को अनुग्रह ख इन लोगों न परमेश्वर को अनैतिक रस्ता को बहाना बनाय डाल्यो हय तथा असो हमरो प्रभु यीशु मसीह एकमात्र स्वामी अऊर प्रभु ओख इन्कार करय हंय।5पर यानेकि तुम सब बात एक बार जान गयो हय, तब भी मय तुम्ख या बात की याद दिलानो चाहऊ हय कि प्रभु न इस्राएल ख मिस्र देश सी छुड़ावन को बाद विश्वास नहीं लान वालो ख नाश कर दियो।6तुम्ख यो भी याद दिलानो चाहऊ हय जो स्वर्गदूतों न अपनी सत्ता ख बनाय क नहीं रख सक्यो पर अपनी निजी निवास ख छोड़ दियो, ओन उन्की भी ऊ कठिन दिन को न्याय को लायी अन्धारो म, जो सनातन काल को लायी हय, बन्धनों म रख्यो हय।7जो रीति सी सदोम अऊर अमोरा अऊर उन्को आजु-बाजू को नगर, जो स्वर्गदूतों को जसो व्यभिचारी होय गयो होतो अऊर अनैतिक यौनसंबन्ध को पीछू लग गयो होतो, आगी को अनन्त दण्ड म पड़ क उदाहरन को रूप म स्थित हंय।8उच रीति सी यो स्वप्नदर्शी भी अपनो-अपनो शरीर ख अशुद्ध करय, अऊर परमेश्वर को अधिकार अऊर स्वर्गदूतों ख तुच्छ मानय हय, अऊर ऊचो पद वालो ख बुरो भलो कह्य हंय।9पर प्रधान स्वर्गदूत मीकाईल न, जब शैतान सी मूसा को मरयो शरीर को बारे म वाद-विवाद करयो, त ओख बुरो-भलो कह्य क् मीकाईल न दोष लगातो हुयो अपमान जनक को साहस नहीं करयो पर कह्यो, “प्रभु तोख डाटे।”10पर हि लोग उन बातों की आलोचना करय हय जिन्ख हि समझावय नहाय हि लोग बुद्धीहीन जनावरों को जसो जिन बातों सी सहज रीति सी परिचीत हय यो बाते या आय जिन्कोसी उन्को नाश होन वालो हंय।11उन पर हाय! कहालीकि हि कैन को जसी चाल चले, अऊर पैसा को लोभ को वजह सी बिलाम को जसो भ्रष्ट होय गयो हंय, अऊर कोरह को जसो विरोध कर क् नाश भयो हंय।12हि लोग तुम्हरो प्रिति भोज म घातक हय हि लूकी हुयो ककंर को जसो हय हि केवल अपनोच स्वार्थ कोच चिन्ता करय हय। हि बिना पानी को बादर को जसो हय, हि पतझड़ को असो झाड़ हय जिन पर फर नहीं होवय हय हि दुबारा मरयो हुयो हय उन्ख जड़ी सी उखाड़्यो जाय चुक्यो हय;13ऊ समुन्दर की भयानक लहर जसो हय जो अपनी लज्जा पूरो कार्यो ख फेस दिखाती रह्य हंय, हि भटकतो तारा जसी रह्य हंय, जिन्को लायी परमेश्वर न अनन्त घोर अन्धारो सुनिश्चित कर दियो हय।14हनोक न भी जो आदम सी सातवी पीढ़ी म होतो, इन्को बारे म या भविष्यवानी करी, “देखो, प्रभु अपनो हजारों पवित्रों स्वर्गदूतों को संग आयेंन।15कि सब को न्याय करे, अऊर सब भक्तिहीनों ख उन्को अभक्ति को सब कामों को बारे म जो उन्न भक्तिहीन होय क करयो हय, अऊर उन सब कठोर बातों को बारे म जो भक्तिहीन पापियों न ओको विरोध म कहीं हंय, दोषी ठहरायो।”16हि लोग असंतुष्ट, चुगलखोर अऊर दूसरों पर दोष लगावन वालो हंय, हि लोग अपनीच बुरी लालसावों पर चलन वालो हय, हि अपनोच बारे म घमण्ड करय हंय, अऊर अपनो फायदा को लायी दूसरों की चापलूसी करय हंय।
चेतावनी अऊर निर्देश
17पर हे प्रिय संगियों, तुम उन बातों ख याद रखो जो हमरो प्रभु यीशु मसीह को प्रेरित पहिलेच कह्य चुक्यो हंय।18हि तुम सी कहत होतो, “आखरी को दिनो म असो लोग प्रगट होयेंन जो ठट्ठा करन वालो होयेंन हि लोग जो अपनीच अभक्ति की इच्छावों को अनुसार चलेंन।”19यो हि लोग आय जो फूट डालय हंय; हि उन्को शारीरिक इच्छावों को नियंत्रन म हंय, जिन को जवर परमेश्वर की आत्मा नहाय।20पर हे प्रियो, तुम अपनो अति पवित्र विश्वास म उन्नति करतो हुयो अऊर पवित्र आत्मा की सामर्थ म प्रार्थना करतो हुयो,21अपनो आप ख परमेश्वर को प्रेम म बनायो रखो; अऊर अनन्त जीवन को लायी हमरो प्रभु यीशु मसीह की दया की बाट देखतो रहो।22उन पर जो शक म हंय दया करो;23अऊर बहुतों ख आगी म सी झपट क निकालो; अऊर बहुतों पर डर को संग दया करो, पर उन्को कपड़ा सी घृना करो जिन पर कामुक्ता को धब्बा लग्यो हुयो हय।
आशीर्वाद वचन
24अब ओको प्रति जो तुम्ख गिरन सी बचाय सकय हय, अऊर अपनी महिमामय उपस्थिति म निर्दोष कर क् खड़ो कर सकय हय,25ऊ एकमात्र परमेश्वर हमरो उद्धारकर्ता की महिमा अऊर गौरव अऊर पराक्रम अऊर अधिकार, हमरो प्रभु यीशु मसीह को द्वारा जसो युग युगान्तर काल सी हय, अब भी हो अऊर हमेशा हमेशा रहेंन। आमीन।