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पक्षपात को विरुद्ध चेतावनी

1हे मोरो भाऊवों अऊर बहिनों, हमरो महिमायुक्त प्रभु यीशु मसीह पर तुम्हरो विश्वास पक्षपात को संग नहीं हो।2समझो यदि एक धनवान आदमी सोनो को छल्ला अऊर अच्छो कपड़ा पहिन्यो हुयो तुम्हरी सभा म आयेंन, अऊर एक गरीब भी गन्दो कपड़ा पहिन्यो हुयो आये,3अऊर तुम ऊ अच्छो कपड़ा वालो को मुंह देख क कहो, “तय उत अच्छी जागा म बैठ,” अऊर ऊ गरीब सी कहो, “तय इत खड़ो रह,” यां “मोरो पाय को जवर बैठ।”4त का तय न आपस म भेद-भाव नहीं करयो अऊर बुरो बिचार सी न्याय करन वालो नहीं ठहरयो?5हे मोरो प्रिय भाऊवों अऊर बहिनों, सुनो। का परमेश्वर न यो जगत को गरीबों ख नहीं चुन्यो कि विश्वास म धनी अऊर ऊ राज्य को अधिकारी हो, जेकी प्रतिज्ञा ओन उन्को सी करी हय जो ओको सी प्रेम रखय हंय?6पर तुम ऊ गरीब को अपमान करय हय। का धनी लोग तुम पर दबाव नहीं डालय अऊर का हिच तुम्ख कचहरी म घसीट क नहीं ले जावय?7का हि यो नोहोय, जो ऊ अच्छो नाम की निन्दा नहीं करय जो तुम ख दियो गयो हय?8तब भी यदि तुम पवित्र शास्त्र को यो वचन को अनुसार कि “तय अपनो पड़ोसी सी अपनो जसो प्रेम रख” सचमुच ऊ राज व्यवस्था ख पूरी करय हय, त अच्छोच करय हय।9पर यदि तुम लोगों को बाहरी पहरावा देख क व्यवहार करय हय त तुम पाप करय हय; अऊर व्यवस्था तुम्ख नियम को उल्लंघन करन वालो ठहरावय हय।10कहालीकि जो कोयी पूरी व्यवस्था को पालन करय हय पर एकच बात म चूक जाये त ऊ सब बातों म दोषी ठहर चुक्यो हय।11येकोलायी कि जेन यो कह्यो, “तय व्यभिचार मत करजो” ओनच यो भी कह्यो, “तय हत्या मत करजो,” येकोलायी यदि तय न व्यभिचार त नहीं करयो पर हत्या करी तब भी तय व्यवस्था को उल्लंघन करन वालो ठहरयो।12तुम उन लोगों को जसो वचन बोलो अऊर काम भी करो, जिन्को न्याय ऊ व्यवस्था को अनुसार होयेंन जो हम्ख स्वतंत्र करय हय।13येकोलायी जो दयालु नहाय ओको लायी परमेश्वर को न्याय भी बिना दया कोच होयेंन पर दया न्याय पर विजय हय।

विश्वास अऊर कर्म

14हे मोरो भाऊवों अऊर बहिनों, यदि कोयी कहे कि मोख विश्वास हय पर ऊ कर्म नहीं करय हय, त येको सी का फायदा? का असो विश्वास कभी ओको उद्धार कर सकय हय?15यदि कोयी भाऊ यां बहिन को जवर कम कपड़ा होना अऊर उन्ख हर दिन भोजन की कमी होना,16अऊर तुम म सी कोयी उन्को सी कहे, “शान्ति सी जावो, अऊर तुम्ख कपड़ा की कमी नहीं होय तुम स्वस्थ रहो अऊर अच्छो सी खाय क तृप्त रहो,” पर जो चिजे शरीर लायी जरूरी हंय ऊ उन्ख नहीं दे त का फायदा?17वसोच विश्वास भी हय, यदि कर्म सहित नहीं होना त अपनो स्वभाव म मरयो हुयो हय।18बल्की कोयी कह्य सकय हय, “तोख विश्वास हय अऊर मय कर्म करू हय।” तय अपनो विश्वास मोख कर्म बिना त दिखाव; अऊर मय अपनो विश्वास अपनो कर्मों को द्वारा तोख दिखाऊं।19का तोख विश्वास हय कि एकच परमेश्वर हय? तय अच्छो करय हय। दुष्ट आत्मा भी विश्वास रखय, अऊर कापय हंय।20पर हे निकम्मो आदमी, का तय यो भी नहीं जानय कि कर्म बिना विश्वास बेकार हय?21जब हमरो पुर्वज अब्राहम न अपनो बेटा इसहाक ख वेदी पर चढ़ायो, त का ऊ कर्मों सी सच्चो नहीं ठहरयो होतो?22यानेकि तय न देख लियो कि विश्वास न ओको कामों को संग मिल क प्रभाव डाल्यो हय, अऊर कर्मों सी विश्वास सिद्ध भयो,23अऊर पवित्र शास्त्र को यो वचन पूरो भयो: “अब्राहम न परमेश्वर को विश्वास करयो, अऊर यो ओको लायी सच्चो ठहरयो;” अऊर ऊ परमेश्वर को संगी कहलायो।24यो तरह तुम न देख लियो कि आदमी केवल विश्वास सीच नहीं, बल्की कर्मों सी भी सच्चो ठहरय हय।25वसीच राहब वेश्या भी, जब ओन दूतों ख अपनो घर म उतारयो अऊर दूसरों रस्ता सी बिदा करयो, त का कर्मों सी सच्चो नहीं ठहरी?26यानेकि जसो शरीर आत्मा बिना मरी हुयी हय, वसोच विश्वास भी कर्म बिना मरयो हुयो हय।