1परमेश्वर को यो वचन मोरो जवर पहुंच्यो :2“हे आदमी की सन्तान, इस्राएल को घराना सी या पहेली अऊर दृष्टान्त कह्य; प्रभु परमेश्वर यो कह्य हय,3एक लम्बो पंख वालो, पंखों सी भरयो अऊर रंग-बिरंगो बड़ो उकाब पक्षी न लबानोन देश की पहाड़ी पर जाय क एक देवदार को डगाली की सेंडी तोड़ दी।4तब ओन वा सब सी कोमल पतली डगाली ख तोड़ लियो, अऊर ओख लेन-देन करन वालों को देश म लिजाय क व्यापारियों को एक नगर म रोप दियो।5तब ओन इस्राएल की जमीन सी कुछ बीज ले क एक उपजाऊ खेत म बोयो, अऊर ओख बहुत पानी सी भरयो जागा म मजनू नाम को झाड़ को जसो लगायो।6ऊ उग क छोटी फैलन वाली अंगूर की बेला बन गयी जेकी डगाली उकाब को तरफ झुक गयी, अऊर ओकी जड़ी खल्लो फैल गयी, यो तरह सी वा अंगूर की बेला बन ख पिचाटा फूट्यो अऊर पत्ता सी झकन लगी।7“फिर एक लम्बो पंख वालो अऊर पंखों सी भरयो हुयो बड़ो उकाब पक्षी होतो; अऊर वा अंगूर की बेला वा जागा सी जहां वा लगायी गयी होती, ऊ दूसरो उकाब पक्षी को तरफ फैलावन अऊर अपनी डगालियां झुकावन लगी कि ऊ ओख सींच सके।8पर वा त येकोलायी अच्छी जमीन म लगायी गयी होती, कि पिचाटा फोड़े, अऊर फरे, अऊर अच्छी अंगूर की बेला बने।9“येकोलायी तय यो कह्य, प्रभु परमेश्वर यो पूछय हय : का या बेला फलेंन-फूलेंन? का ऊ ओख जड़ी सी नहीं उखाड़ेंन, अऊर ओको फरों ख नहीं झाड़ डालेंन कि वा अपनो सब हरो नयो पाना समेत सूख जायेंन? ओख जड़ी सी उखाड़न लायी जादा ताकत अऊर बहुत आदमियों की जरूरत नहीं पड़ेंन।10यदि ओख उखाड़ क दूसरी जागा म लगायो जाये, त का वा फिर सी उग सकेंन, का वा पूरी तरह सूख नहीं जायेंन? जब येको पर पूर्व की हवा चलेंन, वाच जमीन म सूख जायेंन वहां वा उगी होती।”
दृष्टान्त को अर्थ
11फिर परमेश्वर को वचन मोरो जवर पहुंच्यो,12“ऊ विद्रोह करन वालो घराना सी कह्य, का तुम इन बातों को अर्थ नहीं समझय? फिर उन्को सी कह्य, बेबीलोन को राजा यरूशलेम ख जाय क वहां को राजा अऊर मुखियावों ख अपनो संग बेबीलोन म पहुंचायो।13तब राजघराना म सी एक आदमी ख ले क ओको सी वाचा बान्धी, अऊर ओख अधिन रहन की कसम खिलायी, अऊर ऊ देश को बलवान लोगों ख बन्दी बनाय क ले गयो14कि ऊ राज्य कमजोर रहे अऊर मुंड नहीं उठाय सके, बल्की वाचा पालन करतो हुयो बन्यो रहे।15पर यहूदा को राजा न घोड़ा अऊर बड़ी सेना मांगन ख अपनो दूत मिस्र देश म भेज क ओको सी विद्रोह करयो। का ऊ सफल होयेंन? का असो कामों ख करन वालो बच सकय हय? का ऊ अपनी वाचा तोड़न पर भी बच सकेंन?16“प्रभू परमेश्वर यो कह्य हय, मोरो जीवन की कसम,” जो राजा की खिलायी हुयी कसम ओन तुच्छ समझ्यो, अऊर जेकी वाचा ओन तोड़ी, जो देश को राजा न ओख राजा बनायो होतो, उच राजा को देश बेबीलोन म ऊ मर गयो।17जब हि बेबीलोन को बहुत सो लोगों को नाश करन लायी खाई खोदेंन, अऊर गढ़ बनायेंन, तब मिस्र देश को राजा की शक्तिशाली सेना भी युद्ध म ओकी मदत नहीं कर सकेंन।18कहालीकि ओन कसम ख तुच्छ समझ्यो, अऊर वाचा ख तोड़्यो; देखो, ओन वचन देन पर भी असो असो काम करयो हय, येकोलायी अब ऊ बच नहीं सकेंन।19प्रभु परमेश्वर यो कह्य हय : मोरो जीवन की कसम, ओन मोरी कसम तुच्छ समझी हय, अऊर मोरी वाचा तोड़ी हय; यो पाप मय ओकोच मुंड पर डालूं।20मय अपनो जार ओको पर फैलाऊं अऊर ऊ मोरो फन्दा म फसेंन; अऊर मय ओख बेबीलोन देश म लाय क ओको पर विश्वासघात को मुकद्दमा ओको सी लड़ूं, जो ओन मोरो सी करयो हय।21ओको सब दलों म सी जितनो भग्यो हि सब तलवार सी मारयो जायेंन, अऊर जो बच जायेंन हि चारयी दिशावों म तितर-बितर होय जायेंन। तब तुम लोग जान लेवो कि मय परमेश्वर न असो कह्यो हय।
परमेश्वर की प्रतिज्ञा
22फिर प्रभु परमेश्वर यो कह्य हय :“मय भी देवदार की डगाली की सेंडी म सी कुछ ले क लगाऊं,अऊर ओकी सब सी ऊपर वालो पिचाटा म सी एक कवलो पिचाटा तोड़ कएक बहुत ऊंचो पहाड़ पर लगाऊं,23मतलब इस्राएल को ऊंचो पहाड़ पर लगाऊं;तब ओको म सी डगालियां निकलेंन अऊर फर लगेंनतब ऊ एक शानदार देवदार को झाड़ बन जायेंन,अऊर ओको खल्लो ओकी डगाली की सावली म अलग अलग तरह कोसब पक्षी बसेरा करेंन।24तब मैदान को सब झाड़ जान लेयेंन किमय परमेश्वर न ऊंचो झाड़ ख छोटोअऊर छोटो झाड़ ख ऊंचो करूं,हरो झाड़ ख सुखाय देऊंअऊर सुख्यो झाड़ खहरो-भरो कर देऊं।मय परमेश्वर नच यो कह्यो अऊर वसोच कर भी दियो हय।”