1हे भाऊवों-बहिनों, मय तुम सी यो रीति सी बाते नहीं कर सक्यो जसो की उन लोगों सी जिन्म परमेश्वर की आत्मा हय, पर जसो सांसारिक लोगों सी, अऊर उन्को सी जो मसीह म बच्चा हंय।2मय न तुम्ख दूध पिलायो, खाना नहीं खिलायो; कहालीकि तुम ओख नहीं खाय सकत होतो; बल्की अब तक भी नहीं खाय सकय हय,3कहालीकि अब तक तुम शारीरिक लोगों जसो हय। येकोलायी कि जब तुम म जलन अऊर झगड़ा हय, त का तुम सांसारिक लोगों को जसो नहीं? अऊर का आदमी की रीति पर नहीं चलय?4कहालीकि जब एक कह्य हय, “मय पौलुस को आय,” अऊर दूसरों, “मय अपुल्लोस को आय,” त का तुम जगत को लोगों को जसो नहाय?5अपुल्लोस का हय? अऊर पौलुस का हय? केवल सेवक, जिन्को द्वारा तुम न विश्वास करयो, जसो हर एक ख प्रभु न दियो। वसो हम्न काम करन ख होना।6मय न लगायो, अपुल्लोस न सीच्यो, पर परमेश्वर न बढ़ायो।7येकोलायी नहीं त लगावन वालो कुछ हय अऊर नहीं सीचन वालो, पर परमेश्वरच सब कुछ हय जो बढ़ावन वालो हय।8लगावन वालो अऊर सीचन वालो दोयी एक हंय; पर हर एक आदमी ख उन्कोच कामों को अनुसार मजूरी देयेंन।9कहालीकि हम परमेश्वर को सहकर्मी हंय; तुम परमेश्वर की खेती अऊर परमेश्वर को भवन आय।10परमेश्वर को ऊ अनुग्रह को अनुसार जो मोख दियो गयो, मय न बुद्धिमान राजमिस्त्री को जसो नीव डाल्यो, अऊर दूसरों ओको पर रद्दा रखय हय। पर हर एक आदमी चौकस रह कि ऊ ओको पर कसो रद्दा रखय हय।11कहालीकि ऊ नीव ख छोड़ जो पड़ी हय, अऊर ऊ यीशु मसीह आय, कोयी दूसरों पायवा नहीं डाल सकय।12यदि कोयी यो नीव पर सोना या चांदी या बहुत कीमती वालो गोटा या लकड़ी या घास-फूस को रद्दा रखय,13त हर एक को काम प्रगट होय जायेंन; कहालीकि न्याय को दिन ओख बतायेंन, येकोलायी कि आगी को संग प्रगट होयेंन अऊर ऊ आगी हर एक को काम परखेंन कि कसो हय।14जेको काम ऊ पायवा पर बन्यो स्थिर रहेंन, ऊ मजूरी पायेंन।15यदि कोयी को काम जर जायेंन, त ऊ हानि उठायेंन; पर ऊ खुद बच जायेंन पर ज्वाला।16का तुम नहीं जानय कि तुम परमेश्वर को मन्दिर आय, अऊर परमेश्वर की आत्मा तुम म सिरय हय?17यदि कोयी परमेश्वर को मन्दिर ख नाश करेंन त परमेश्वर ओख नाश करेंन; कहालीकि परमेश्वर को मन्दिर पवित्र हय, अऊर ऊ तुम आय।18कोयी अपनो आप ख नहीं फसाय। यदि तुम म सी कोयी यो जगत म अपनो आप ख ज्ञानी समझय, त ज्ञानी होन लायी मूर्ख बन जाये।19कहालीकि यो जगत को ज्ञान परमेश्वर को जवर मूर्खता हय, जसो शास्त्र म लिख्यो हय, “ऊ ज्ञानियों ख उन्की चालाकी म फसाय देवय हय,”20अऊर असो भी कह्य हय, “प्रभु ज्ञानियों को बिचार ख जानय हय कि हि बेकार हंय।”21येकोलायी आदमियों पर कोयी घमण्ड नहीं करे, कहालीकि सब कुछ तुम्हरो आय :22का पौलुस, का अपुल्लोस, का कैफा, का जगत, का जीवन, का मरन, का वर्तमान, का भविष्य, सब कुछ तुम्हरो आय,23तुम मसीह को आय, अऊर मसीह परमेश्वर को आय।