1दुख देवइया, बिदरोहीअऊ असुध मनखेमन के सहर ऊपर हाय!2ओह काकरो बात ला नइं मानय,अऊ न ही काकरो सलाह ला स्वीकार करय।ओह यहोवा ऊपर भरोसा नइं करय,ओह अपन परमेसर के लकठा म नइं आवय।3ओकर अधिकारीमन ओकर भीतरदहाड़त सेर कस,अऊ ओकर सासन करइयामन सांझ के बेरा सिकार करइया ओ भेड़ियामन कस अंय,जेमन बिहनियां बर कुछू ला नइं बचांय।4ओकर अगमजानीमन सही मनखे नो हंय;ओमन बिसवासघाती अंय।ओकर पुरोहितमन पबितर-स्थान ला अपबितर करथेंअऊ ओमन कानून ला टोरथें।5यहोवा, जऊन ह ओकर भीतर हवय, ओह धरमी अय;ओह कोनो गलत काम नइं करय।रोज बिहनियां ओह अपन नियाय ला परगट करथे,अऊ कोनो दिन ओह कोनो बात म नइं चुकय,तभो ले अधरमीमन ला लाज नइं आवय।
यरूसलेम के मनखेमन पछताप नइं करिन
6“मेंह जाति-जाति के मनखेमन ला नास करे हंव;अऊ ओमन के गढ़मन ला गिरा देय गे हवय।मेंह ओमन के गलीमन ला सुन्ना कर दे हंव,अऊ ओ गलीमन ले होके कोनो नइं जावंय।ओमन के सहरमन उजर गे हवंय;ओमन ला छोंड़ देय गे हवय अऊ ओमन खाली हवंय।7यरूसलेम के बारे म मोर ये बिचार रिहिस,‘तेंह जरूर मोर भय मानबेअऊ मोर सलाह ला मानबे!’तब ओकर सरन-स्थान ला न तो नास करे जातिस,अऊ न ही मोर कोनो दंड ओमन ऊपर आतिस,पर ओमन तब भी अपन जम्मो काम मउत्सुक होके बुरई के काम करे लगिन।8एकर कारन मोर बर ओ दिन के इंतजार करव,” यहोवा ह घोसना करत हे,“जब मेंह गवाही देय बर ठाढ़ होहूं।मेंह ठान ले हंव कि मेंह जाति-जाति के मनखे,अऊ राज-राज के मनखेमन ला इकट्ठा करहूंअऊ ओमन ऊपर अपन कोप परगट करहूं—मोर पूरा भयानक गुस्सा।मोर जलन के कोरोध के आगी लेपूरा संसार ह जलके नास हो जाही।
इसरायल के बांचे भाग के फेर स्थापित होवई
9“तब में मनखेमन के ओंठ ला सुध करहूं,ताकि ओमन जम्मो झन यहोवा के नांव ला पुकारंयअऊ कंधा ले कंधा मिलाके ओकर सेवा करंय।10कूस के नदीमन के ओ पार लेमोर अराधना करइया, मोर तितिर-बितिर होय मनखेमनमोर बर चढ़ावा लानहीं।11हे यरूसलेम, ओ दिन, तोला मोर बिरूध करे गयखराप काम के कारन लज्जित होय बर नइं पड़य,काबरकि मेंह तोर बीच लेतोर जिद्दी घमंडी मनखेमन ला निकाल दूहूं।अऊ तेंह मोर पबितर पहाड़ी ऊपरफेर कभू घमंड नइं करबे।12पर मेंह तुम्हर बीच मसिरिप नम्र अऊ दीन मनखेमन ला रहन दूहूं।इसरायल के बांचे मनखेमनयहोवा के नांव म भरोसा करहीं।13ओमन कोनो गलत काम नइं करहीं;ओमन लबारी नइं मारहीं।ओमन के मुहूं लेकोनो छल के बात नइं निकलही।ओमन खाहीं अऊ अराम करहींअऊ कोनो ओमन ला नइं डराहीं।”14हे बेटी सियोन, गा;हे इसरायल, जय-जयकार कर!हे बेटी यरूसलेम,खुसी रह अऊ अपन पूरा मन से आनंद मना!15यहोवा ह तोर दंड ला दूरिहा कर दे हवय,ओह तोर बईरीमन ला हटा दे हवय।यहोवा, इसरायल के राजा ह तोर संग हवय;फेर कभू तोला कोनो हानि के डर नइं होही।16ओ दिनओमन यरूसलेम ले कहिहीं,“हे सियोन, झन डर;तोर हांथ ह दुरबल झन होवय।17यहोवा, तोर परमेसर ह तोर संग हवय,ओह बड़े सूरबीर अय, जऊन ह तोला बचाथे।ओह तोर कारन बहुंत आनंदित होही;अपन मया म ओह तोला फेर कभू नइं डांटही,पर तोर कारन ओह गीत गावत आनंदित होही।”18“मेंह ओ सबो झन ला तोर बीच ले हटा दूहूंजऊन मन तोर ठहिराय तिहारमन के हट जाय के कारन दुखी हवंय,जऊन ह तोर बर एक बोझा अऊ कलंक अय।19ओ समय मेंह ओ जम्मो झन ले लेखा लूहूंजेमन तोला दुख देय रिहिन।मेंह खोरवा मनखे ला बचाहूं;अऊ बंधुवामन ला संकेलहूं।मेंह ओमन ला हर ओ देस म महिमा अऊ आदर दूहूंजिहां ओमन लज्जित होवत रिहिन।20ओ समय मेंह तुमन ला संकेलहूं;ओ समय मेंह तुमन ला घर ले आनहूं।मेंह धरती के जम्मो मनखेमन के बीचतुमन ला आदर अऊ महिमा दूहूंजब मेंह तुम्हर आंखी के आघू मतुम्हर खुसहाली जिनगी ला लहुंटा लानहूं,”यहोवा ह कहत हे।