भजन-संहिता99hne_twf
1यहोवा ह सासन करथे,देस-देस के मनखेमन कांपंय;ओह करूबमन के बीच सिंघासन म बिराजमान होथे,धरती ह डोलय।2सियोन म यहोवा ह महान ए;ओह जम्मो देसमन के ऊपर उठाय गे हवय।3ओमन तोर महान अऊ अद्भूत नांव के परसंसा करंय—ओह पबितर अय।4राजा ह सक्तिसाली हवय, ओह नियाय ले मया करथे—तेंह समानता के इस्थापना करे हस;याकूब म तेंह ओ करे हस,जऊन ह नियाय-संगत अऊ सही अय।5यहोवा हमर परमेसर के बहुंत परसंसा करवअऊ ओकर पांव के चउकी करा अराधना करव;ओह पबितर ए।6मूसा अऊ हारून ओकर पुरोहितमन म रिहिन,समूएल ह ओमन के बीच म ले रिहिस, जऊन मन ओकर नांव लेवंय;ओमन यहोवा ला पुकारंयअऊ ओह ओमन ला जबाब देवय।7ओह ओमन ले बादर के खंभा म ले बात करय;ओमन ओकर दिये गय नियम अऊ बिधिमन ला मानंय।8यहोवा हमर परमेसर,तेंह ओमन ला जबाब देय;इसरायल बर तेंह छेमा करइया परमेसर रहय,हालाकि तेंह ओमन के गलत काम बर दंड देय।9परभू हमर परमेसर के बहुंत परसंसा करवअऊ ओकर पबितर पहाड़ करा अराधना करव,काबरकि यहोवा हमर परमेसर ह पबितर ए।