भजन-संहिता1hne_twf
1धइन अय ओ मनखे,जऊन ह दुस्टमन के चाल म नइं चलयया पापीमन के रद्दा म ठाढ़ नइं होवय,या ठट्ठा करइयामन के संग म नइं बईठय,2पर ओह यहोवा के कानून म खुस रहिथे,अऊ ओह ओकर कानून म रात अऊ दिन मनन-चिंतन करत रहिथे।3ओ मनखे ह ओ रूख सहीं अय, जऊन ला बहत नरवा के तीर म लगाय गे हवय,अऊ सही समय म फरथे,अऊ जेकर पान ह कभू नइं अयलाय—जऊन कुछू ओह करथे, ओह सफल होथे।4दुस्ट मनखेमन अइसे नइं होवंय,ओमन बदरा जइसे होथें,जऊन ला हवा ह उड़िया ले जाथे।5एकरसेति दुस्ट मनखेमन अदालत म ठहर नइं सकंय,अऊ न ही पापीमन धरमीमन के सभा म ठहिरहीं।6काबरकि यहोवा के नजर ह धरमीमन के चालचलन ऊपर रहिथे,पर दुस्टमन के चालचलन ह ओमन ला बिनास कोति ले जाथे।