बिलापगीत4hne_twf
1सोन ह कइसे अपन चमक गंवा दे हवय,सुध सोन ह खोटा हो गीस!हर एक गली के कोना मपबितर रत्न बगरे परे हवंय।2सियोन के कीमती लइकामन,एक समय ओमन के कीमत सोन सहीं रिहिन,पर अब माटी के बरतन सहीं समझे जावत हें,कुम्हार के हांथ के बनाय चीज सहीं!3अऊ त अऊ सियार हअपन लइकामन ला अपन दूध पीयाथे,पर मोर मनखेमन मरू-भुइयां केसुतुरमुर्ग सहीं निरदयी हो गे हवंय।4पीयास के मारे दूध पीनेवाला लइका के जीभ हओकर तालू म चपक जाथे;लइकामन रोटी मांगथें,पर ओमन ला कोनो रोटी नइं दें।5ओ मनखे जऊन मन एक समय सुवादवाला भोजन करत रिहिनओमन अब गली म अनाथ हो गे हवंय।ओ मनखे जऊन मन राजकीय कपड़ा पहिरे पलिन-बढ़िनओमन अब राख के कुढ़ा म परे हवंय।6मोर मनखेमन के दंड हसदोम ले कहीं बढ़के हवय,कोनो मदद के हांथ भी नइं उठिसअऊ देखते-देखत ओकर सर्वनास हो गीस।7ओमन के राजकुमारमन बरफ ले जादा चमकवालेअऊ दूध ले जादा सफेद रिहिन,ओमन के देहें ह गुलाबी रत्न ले भी जादा चमकीला,अऊ ओमन के रूप ह नीलमनि सहीं रिहिस।8पर अब ओमन कालिख ले घलो जादा करिया हो गे हवंय;गली म ओमन ला कोनो नइं चिनहें।ओमन के चमड़ी ह हाड़ामन म चिपक गे हवय,येह छड़ी सहीं सूख गे हवय।9जऊन मन तलवार ले मारे गीन, ओमन बेहतर अंययेकर बनिस्पत कि जऊन मन अकाल ले मरथें;खेत म अन्न के कमी के कारनभूख ले मरथें अऊ बेकार होथें।10करूना ले भरपूर दाईमन अपन खुद के हांथ लेअपन खुद के लइकामन ला रांधे हवंय,अऊ येह ओमन के जेवन होय हेजब मोर मनखेमन ला नास करे गीस।11यहोवा ह अपन कोप ला पूरा भड़काय हवय;ओह अपन भयंकर कोरोध परगट करे हवय।ओह सियोन म एक आगी लगाय हवयजऊन ह ओकर नीव ला जलाके भसम कर दीस।12धरती के राजामन बिसवास नइं करिनन ही संसार के कोनो मनखे बिसवास करिनकि बईरी अऊ बिरोधीमन यरूसलेम केदुवारमन के भीतर जा सकहीं।13पर ओकर अगमजानीमन के पापअऊ पुरोहितमन के अपराधमन के कारन अइसने होईस,जऊन मन ओकर भीतरधरमी के खून बहाईन।14अब ओमन गलीमन म टटोलत हवंयमानो ओमन अंधरा हो गे हवंय।ओमन खून ले अइसने असुध हो गे हवंयकि कोनो ओमन के कपड़ा ला छुए के हिम्मत नइं करंय।15मनखेमन ओमन ले चिचियाके कहिथें, “दूर हटव, तुमन असुध हव।दूरिहा रहव! दूरिहा! हमन ला झन छुवव!”जब ओमन भागथें अऊ भटकथें,त जाति-जाति के मनखेमन कहिथें,“ओमन अब इहां नइं रह सकंय।”16यहोवा ह खुद ओमन ला तितिर-बितिर कर दे हवय;ओह अब ओमन के धियान नइं देवय।पुरोहितमन ला आदर नइं दिये जावय,अऊ अगुवामन ऊपर किरपा नइं करे जावय।17अऊ ये घलो कि हमर आंखीमनमदद बर बेकार के रसता देखत कमजोर हो गे हवंय;हमन अपन किलामन ले एक जाति कोति देखत रहेंनजऊन ह हमर बचाव नइं कर सकिस।18मनखेमन हर कदम म हमर पीछा करिन,जेकर से हमर गलीमन म हमन चल नइं सकेंन।हमर आखिरी समय लकठा म रिहिस, हमर दिनमन गनती के रिहिन,काबरकि हमर अन्त आ गे रिहिस।19हमर पीछा करइयामन अकास केगिधवामन ले घलो तेज रिहिन;ओमन पहाड़ ऊपर हमर पीछा करिनअऊ निरजन जगह म हमर घात म रिहिन।20यहोवा के अभिसिक्त, हमर खुद के जिनगी के सांस हओमन के फांदा म फंस गीस।हमन सोचेंन कि ओकर छइहां महमन जाति-जाति के मनखेमन के बीच रहिबो।21हे बेटी एदोम, तें जो ऊज देस म रहिथस,आनंद मना अऊ खुसी रह।पर ओ कटोरा ह तोर मेर घलो हबरही;तेंह मंद पीके नंगरी हो जाबे।22हे बेटी सियोन, तोर सजा ह खतम हो जाही;ओह तोर बंधुवई के समय ला अऊ नइं बढ़ावय।पर हे बेटी एदोम, ओह तोर पाप के दंड दीही,अऊ तोर दुस्टता ला परगट कर दीही।