1ओमन ऊपर हाय, जेमन मदद पाय बर खाल्हे मिसर देस म जाथें,जेमन घोड़ामन के आसरा करथें,जेमन अपन भारी संखिया के रथमन ऊपर भरोसा रखथेंअऊ अपन घुड़सवारमन के बड़े ताकत ऊपर भरोसा करथें,पर इसरायल के पबितर परमेसर कोति नइं देखंय,अऊ न ही यहोवा ले मदद मांगंय।2पर ओह घलो बुद्धिमान अय अऊ बिपत्ति ला सकथे;ओह अपन बचन ला वापिस नइं लेवय।ओह ओ दुस्ट जाति के बिरूध ठाढ़ होही,ओह ओमन के बिरूध ठाढ़ होही, जेमन कुकरमीमन के मदद करथें।3पर मिसरीमन सिरिप मरनहार मनखे अंय। परमेसर नइं;ओमन के घोड़ामन आतमा नो हंय, पर मांस ही अंय।जब यहोवा ह अपन हांथ ला बढ़ाही,त जेमन मदद करथें ओमन लड़खड़ाहीं,अऊ जेमन मदद पाथें ओमन गिरहीं;जम्मो के जम्मो एक संग नास होहीं।4यहोवा ह मोला ये कहत हे:“जइसन सिंह हएक बड़े सिंह ह अपन सिकार ऊपर गुर्राथे—अऊ चरवाहामन के पूरा दलयेकर बिरूध आय ले घलोयेह ओमन के अवाज ले नइं डरावयया ओमन के हल्ला-गुल्ला से येला कोनो फरक नइं पड़य—वइसने ही सर्वसक्तिमान यहोवा ह खाल्हे आकेसियोन पहाड़ ऊपर अऊ येकर ऊंचई म लड़ई करही।5जइसे चिरईमन मुड़ ऊपर मंडराथें,वइसे सर्वसक्तिमान यहोवा ह यरूसलेम के रकछा करही;ओह ओकर रकछा करही अऊ ओला छोंड़ाही,ओह ओमा ले होके जाही अऊ ओला बचाही।”6हे इसरायलीमन, जेकर बिरूध म तुमन भारी बिदरोह करे हवव, ओकर मेर लहुंटके आवव।7काबरकि ओ दिन, तुमन म ले हर एक जन ओ सोन अऊ चांदी के मूरतीमन ला अस्वीकार करहू, जेमन ला तुम्हर पापी हांथमन बनाय हवंय।8“अस्सूरीमन मनखे के तलवार ले मारे नइं जाहीं;एक अइसन तलवार ह ओमन ला खा जाही, जऊन ह मरनहार मनखेमन के नो हय।ओमन तलवार के सामने ले भागहींअऊ ओकर जवानमन ले बेगारी कराय जाही।9आतंक के मारे ओमन के गढ़ ह गिर जाही;लड़ई के झंडा ला देखके ओमन के सेनापतिमन डर जाहीं,”यहोवा ह घोसना करत हे,जेकर आगी ह सियोन म,अऊ जेकर भट्ठी ह यरूसलेम म हवय।