आमोस6hne_twf

आत्म-संतुस्ट मनखेमन ला धिक्कार

1हाय तुमन ऊपर, जेमन सियोन म संतुस्ट हवव,हाय तुमन ऊपर, जेमन सामरिया नगर के पहाड़ म अपनआप ला सुरकछित मानथव,तुमन, जेमन सबले उत्तम देस के नामी आदमी अव,जेमन करा इसरायल के मनखेमन आथें!2कलने नगर जाके ओला देखव;उहां ले हमात नांव के बड़े सहर म जावव,अऊ तब खाल्हे पलिस्ती के गत नांव के सहर म जावव।का येमन तुम्हर दूनों राजमन ले जादा बढ़िया हवंय?का तुम्हर देस ले ओमन के देस ह बड़खा हवय?3तुमन संकट के दिन ला दूरिहा कर देथव,अऊ आतंक के राज ला लकठा म ले आथव।4तुमन हाथी-दांत ले सजे पलंग ऊपर लेटथवअऊ अपन सोफा म अराम करथव।तुमन मनपसंद भेड़अऊ चरबीदार बछवामन ला खाथव।5तुमन दाऊद सहीं अपन बीना ला बजाथवअऊ बाजामन ला तुरते बजाथव।6तुमन कटोरा भरके अंगूर के मंद पीथवअऊ सबले बढ़िया तेल ला देहें म चुपरथव,पर तुमन यूसुफ के बरबादी बर दुखी नइं होवव।7एकरसेति तुमन सबले पहिली बंधुवई म जाहू;तुम्हर भोज खवई अऊ मऊज करई ह बंद हो जाही।

यहोवा ह इसरायल के घमंड ले घिन करथे

8परमपरधान यहोवा ह अपनेच कसम खाय हवय—यहोवा सर्वसक्तिमान परमेसर ह घोसना करत हे:“मेंह याकूब के घमंड ले घिन करथंवअऊ ओकर किलामन ले घलो घिन करथंव;मेंह सहर अऊ ओमा के जम्मो चीज लाबईरी के हांथ म कर दूहूं।”9कहूं एक घर म दस मनखे घलो बांचे रहिहीं, त ओमन घलो मर जाहीं।10कहूं कोनो रिस्तेदार ह ओमन के देहें ला जराय खातिर घर ले बाहिर ले जाय बर आथे अऊ उहां कोनो लुकाय मनखे ले पुछथे, “इहां तोर संग म कोनो अऊ हवंय?” अऊ ओह कहिथे, “नइं,” तब ओह ये कहिही, “चुपे रह! हमन ला यहोवा के नांव नइं लेना हवय।”11काबरकि यहोवा ह हुकूम देय हवय,अऊ ओह बड़े घर ला फोरके कुटा-कुटाअऊ छोटे घर ला चूर-चूर कर दीही।
12का घोड़ामन ठाढ़ चट्टान म दऊड़थें?का कोनो मनखे बईलामन ले समुंदर म नांगर जोतथे?पर तुमन नियाय ला जहर मअऊ धरमीपन के फर ला करूवाहट म बदल दे हवव—13तुमन, जेमन लो-देबार ला अपन बस म करके आनंदित होथवअऊ कहिथव, “हमन का अपन बल म करनेम ला नइं जीत ले हन?”
14काबरकि यहोवा सर्वसक्तिमान परमेसर ह घोसना करत हे,“हे इसरायल, मेंह तोर बिरूध म एक जाति ला भड़काहूं,जऊन ह तुम्हर ऊपर लेबो-हमात ले लेकेअराबा के घाटी तक अतियाचार करही।”