1पहले को जमाने म परमेस्वर न बापदादा से थोडो थोडो कर ख अर भाँति-भाँति से भविस्यवक्ता हुन को व्दारा बात करी,2इ आखरी दिनम ओ न हम से पोरिया को दुवारा बात करी, जिन ख उन न सब चीज को वारिस रखयो अर ओको दुवारा ओ ना सब दुनिया ख ओ न रची हैं।3यु पोरिया परमेस्वर कि महिमा वह उन की महिमा को उजाला अर उन को तत्व को छाप हैं, अर सब चीज अपनी सक्ति को वचन से संभालयो हैं। उ पाप ख धो ख ऊँचो जगह पर महामहिम परमेस्वर ख जेनो तरफ जा ख बठयो;4अर ओको पद स्वर्गदूत से उंचो ठहरो; काहेकि जे नाम ओ ख उत्तराधिकार म मिल्यो हैं, उ ओको नाम से कही गुना बडो हैं।
परमेस्वर को पोरिया स्वर्गदूत हुन से सर्वाच्चय हैं
5काहेकि परमेस्वर न कभी कोई स्वर्गदूत से यहाँ कहयो,“तु मोरो पोरिया आय,आज मी न तो ख पैदा कियो हैं”अऊर मी ओको लाने बाप बन जाऊँगो,अऊर उ मोरो पोरिया होगा?6अर जब सबसे पहले पोरिया की दुनिया म फिर लावा हैं ते कवह हैं,“परमेस्वर को पुरो स्वर्गदूत हुन ओ ख दण्डवत करहे।”7अर स्वर्गदूत को बारे म यू कहवा हैं,“वह अपना दुत हुन ख हवा,अर अपना सेवक ख धधक्ती आगी बनावा हैं।”8कि अपनो पोरिया को बारे म कहव हैं,“हे परमेस्वर तोरो सिंहासन हमेसा हमेसा तक रय्हे:तोरो राज को राजदण्ड न्याव को राजदण्ड आय।9तू न धरम से प्यार रखयो अर अधर्म से दुसमनी रखी;एकोलाने हे परमेस्वर,तोरो परमेस्वर न, तोरो संगी हुन से बड ख,हर्सरुपी तेल से तोरो अभिसेक करयो।”10अऊर ओ न याहा भी कहयो“हे प्रभु, आदि म तू न जमीन की नीव डाली,अर स्वर्ग तोरो हात की बनावट आय।11वी तो खत्म हो जाये, पर तू बन्यो रय्हे;अर वी सब कपड़ा को समान पुराना हो जाहे,12अर तू उन ख चादर को समान लपेटेगो,अर वी कपड़ा को समान बदल जाहे:पर तू बदलेगो नी,अर तोरो साल कभी खत्म नी होवन को।”13परमेस्वर न कभी कोई स्वर्ग दूत हुन से असो नी कहयो,“तू मोरो जेवनो तरफ बठ,जब लक कि मी तोरा दुसमन ख तोरा पाय को नीचे की पीढ़ी नी कर दूँ?”14का वी सब सेवा टहल करन वाली आत्मा नी, जो उध्दार पावन वाला को लाने सेवा करन ख भेजी जावह हैं।