1अब तीसरी बार म तुमारे नजीकआयो हैं: दो या तीन गवाह हुन को मुडा से हर एक बात रखी जाहे।2जसो मी जब दुसरी बार तुमारा संग हतो, असो ही अब दूर रह हुए वी अदमीहुन से जीन ख पहले पाप कियो, अर अन्य हुन सब अदमी हुन से अब पहले से कह दे हैं कि अदि मी फिर आऊ ते नी छोड़गो,3काहेकि तुम तो एको प्रमाण चाहते हो की मसी मो म बोलह हैं, जे तुम्हारो लाने निर्बल नी पर तुम म सामर्थी हो।4उ कमजोरी हुन ख लाने सूली पर चढ़ायो ते गयो, तेबी परमेस्वर की सक्ति से जो तुमारो लाने हैं, ओखा संग जीवित हे। हम भी ओ म कमजोर हैं, पर परमेस्वर कि सक्ति से जे तुम्हारो लाने हैं, ओको संग जीएँगो।5अपनो तुम ख जाँच ख विस्वास म होए कि नी। अपनो तुम ख परख। का तुम अपनो बारा म यू नी जानह हैं कि यीसु मसी तुम म हैं? नी ते तुम परख म बेकुपनिकले हो।6पर मोरी आसा हैं कि तुम जान ले हे कि हम बेकुप नी हैं।7हम अपनो परमेस्वर से यू प्रार्थना करिये हैं कि तुम कोई बुराई नी कर, एकोलाने नी कि हम विस्वास लायक दिख सके, पर एकोलाने कि तुम भलाई कर, चाहे हम बेकुप ही रहे।8काहेकि हम सच का लाने खलाप म कई नी कर सक, पर सच का लाने ही कर सक हैं।9जब हम कमजोर हैं अर तुम ताकत वार हैं, ते हम खुसी होए हैं, अर प्रार्थना भी करिये हैं कि तुम सिध्द हो जा।10एका लाने मी तुमारा पीठ पीछु यी बात हुन लिखू हैं, कि उपस्थित हो ख मो ख उ अधिकार को अनुसार जेसे प्रभु न बिगाड़न का लाने नी पर सुधार करन का लाने मो ख दियो हैं, कड़ाई महेनत से कुछ करनु नी पड़े।
आखरी अभिवादन
11आखरी म, अरे मोरो भई बहिन हुन, खुसी रह; सिध्द बनते जा; धीरज रख; एक ही मन रख; मिल ख रवह। अर प्रेम सान्ति को दाता परमेस्वर तुमारा संग होए।12एक दुसरा ख सुध्द से नमस्कार कर।13प्रभु यीसु मसी कृपा, परमेस्वर को प्रेम सब सुध्द अदमी तुम ख नमस्कार कह हैं।14प्रभु यीसु मसी को दयाअर परमेस्वर को प्यार अर सुध्द आत्मा कि सहभागिता तुम सब का संग होती रहे।