1मूसा कर नियम के तो आमै बाले निक्खा बातन के चिन्हा हबै, उनखर नियम के जसना हर साल बलि चढाय जथै। मूसा कर नियम उन बलि के दवारा किरतन भजन करै बालेन के बिलकुन पूर सुध्द नेहको दइ सकथै।2अगर असना होतिस ता का उनखर बलि चढावा बन्द नेहको हुइ जातिस? काखे फेर तो उपास करै बाले अक्कै बेर हे सबरोज के निता सुध्द हुइ जातिन। अउ अपन पापन के निता फेर कबहुन खुद के पापी नेहको समझतिन।3पय अब तो उन बलि के दवारा हर साल पाप के सुरता करवाथै।4काखे बइला अउ बोकडा के खून लग पाप मिट नेहको सकथै।5इहैनिता जब यीसु हइ दुनिया हे आयके हइ कथै,“तै न तो चढावा अउ न बलि चाहथस,पय तै मोर निता अक्ठी देह तइयार करे हबस।6तै न तो गोरूबलि लग मगन हुइस,अउ न पाप बलि लग,7इहैनिता मै कथो,हे भगवान मै तोर इक्छा पूर करे आय हबो,जसना कि मूसा कर किताब हे मोर बारे हे लिखवरे हबै।”8ऊ पहिले कहे रथै, “बलि अउ चढावा, गोरूबलि अउ पापबलि नेहको चाही अउ न तै उनखर लग मगन होथस।” अगर हइ सब बलि मूसा कर नियम के जसना चढाय जथै।9तब मसीह हइ कथै, “देख, मै तोर इक्छा पूर करे आय हबो।” हइ मेर ऊ पहिले बाले मूसा कर नियम के खतम करथो अउ दूसर नबा नियम ठहराथो।10उहै भगवान के इक्छा लग अक्कै बेर सबरोज के निता यीसु मसीह के देह के बलि के दवारा हम पवितर करै गय हबन।11सगलू पुजारी रोज दिना ठाड हुइके अपन सेबा के काम के पूर करथै। उन घरी-घरी अक्ठी मेर के बलि चढाथै जउन पाप के कबहुन दुरिहां नेहको के सकथै।12पय पुजारी के जसना मसीह तो पाप के निता, सबरोज निता अक्ठिन बलि चढाय के भगवान के दहिना पल्ला जायके बइठ गइस,13अउ उहै टेम लग उके अपन बैरिन के ओखर गोड तरी के पीडा बनाय दय जायके निता ओरगथै।14काखे मसीह अक्ठिन बलि के दवारा जउन पवितर करे जथै, उनही सबरोज के निता सिध्द के दइस।15एखर निता पवितर आतमो हमही गवाह देथै। काखे ऊ पहिले कथै,16“हइ ऊ टीमा हबै जेही मै उनखर लग करिहों।अउ फेर ओखर बाद परभु कथै मै अपन नियम निकाडही।मै अपन नियम उनखर हिरदय हे रखिहों,मै उनखर मन हे ओही लिख दइहों।”17फेर ऊ हइ कथै “मै उनखर पाप अउ अधरम के फेर कबहुं सुरता नेहको करहुं।”18अउ फेर जब पाप छमा के दय गय हबै ता पाप के निता कउनो बलि के जरूरतो नेहको हबै।
भगवान के लिघ्घो आबा
19इहैनिता भाई अउ बेहन, अब हम पूर भरोसा करथन कि यीसु के खून के दवारा हम “पवितर आतमा के जिघा” हे घुस सकथन।20यीसु हमर निता जिन्दा अउ नबा गली निकार दइस जउन ओखर देह परदा लग हुइके जथै।21काखे हमर लिघ्घो अक्ठी असना बड्डे पुजारी हबै, जउन भगवान के घर के साहब हबै।22ता आबा हम सही मन अउ पूर बिस्वास के संग अउ अपन पाप लग सुध्द होय के निता हिरदय हे पानी लग झडक अउ अपन देह के सुध्द पानी लग धोय के निस पाप हिरदय लग सगलू बिस्वास के संग भगवान के लिघ्घो आबा।23हम अपन आसा के गवाह देय के निता डटे अउ मजबूत बने रही, काखे जउन हमके टीमा करे रहै ऊ बिस्वासओग हबै।24हमके हइ बात समझै के हबै, कि हम कसना अक दूसर लग माया अउ अक दूसर के निक्खा काम करै के निता उतसाहित के सकथन।25हमर मंडली आमै के निता झइ छांडा, जसना कि कुछ मनसे करथै बकि हम अक दूसरे के हिम्मत बांधी। अउ जसना कि तुम देखत हबा कि ऊ दिन लिघ्घो आउत हबै, ता असना करिहा कि अउ जादा परभु के संगति करिहा।26काखे सत्य के ग्यान होय के बादो अगर हम जान बूझ के पाप करथन, ता पाप के निता फेर कउनो बलि बाकी नेहको हबै।27पय सजा के अक्ठी बोहत भयानक ओरगे अउ आगी के आंच बाकी हबै, जउन भगवान के बिरोध करै बालेन के नास के देही।28जउन कउ मूसा कर नियम के नेहको मानथै, उनही बिना दया करे दुइ या तीन झन के गवाह लग मार डारे जथै।29ता सोच लेया कि ऊ मनसे केतका अउ बोहत सजा के कबिल ठहरही, जउन भगवान कर टोरवा के गोड लग कचरिन अउ टीमा के खून के, जेखर दवारा उके पवितर करे रथै, अक्ठी अपवितर चीज मानिन अउ जउन अनुगरह के आतमा के बेज्जती करिन।30काखे हम उके जानथन, जउन कहे रथै, “बदला लेयके मोर काम हबै, हे बदला लइहों।” अउ फेर हइ, “परभु अपन मनसेन के नियाव करही।”31जिन्दा भगवान के हाथ हे पडैके केतका भयानक बात हबै।32कुछ रोज के बाद सुरता करा जब तुम उजेड पाय रहा अउ ओखर बाद जब तुम दुख भोगत बोहत संघर्स करके सामना करत मजबूत बने रइहा।33कबहुन तो सब मनसेन के आगू तुमही बेज्जती अउ अतियाचार सहै के पडिस अउ कुछ झन के असना संकट हे पडे हरन के सहभागी बनै के पडिस।34अपन जेलियर मनसेन के संग दुख हे उनखर दुख बांटा अउ जब तुम्हर डेरा जइजात के छंडाय लइन, ता अपने-अपन हे जउन नुसकान हुइस उके खुसी-खुसी सुइकार लइन, काखे उन जानथै कि हमर लिघ्घो अभिन्नो कुछ डेरा जइजात हबै जउन सबरोज रही।35इहैनिता तुम अपन बिस्वास अउ हिम्मत झइ छंडिहा काखे एखर इनाम बडा हबै।36तुमही धीर धरै के जरूरी हबै, जेखर लग भगवान के इक्छा पूर करै के बाद तुमही ऊ मिल जही, जेखर टीमा भगवान करे हबै।37ऊ जउन आमै बाले हबै,ऊ चुटु टेम बाद आही,ऊ देर नेहको करही।38मोर धरमी काम करै बाले मनसे बिस्वास के दवारा जीवन पइहीं,पय अगर कउ पाछू हटही,ता मै उनखर लग मगन नेहको हुइहों।39हम उन मनसेन मेर नेहको हबन, जउन पाछू हटै के कारन नास हुइ जथै, बकि हम उन मनसेन मेर हबन, जउन अपन बिस्वास के दवारा जीवन के पाउथिन।