1हे भाई अउ बेहन, एखर कउनो जरूरी नेहको हबै कि तुमही टेम अउ कालन के बारे हे लिखे जाय,2तुम अच्छी तरह जानथा कि परभु के रोज के आमै के ठीक ओसनेन अचनकै होही जसना रात हे चोरटन के,3जब मनसे हइ कइहीं, “अब तो सान्ति अउ कउनो समस्या नेहको हबै,” तबै बिनास गरभबती के टेम दरद-पीरा के मेर, उनखर हे अचनकै आय पडही अउ उन ओखर लग नेहको बच पइहीं।4हे भाई, तुम तो अंधियार हे नेहको हबा, कि ऊ दिन तोर उप्पर चोरटा के जसना अचनकै आय जही।5तुम सब उजियार के लरका हबा अउ दिन के लरका हबा, हम न तो रात के हबन अउ न अंधियार के हबन।6इहैनिता हम दूसर के जसना सोउत झइ रही, पय जागत अउ चेतन्त रही।7जउन सोउत हबै उन रात हे सोउत हबै, अउ जउन दरुहा हबै ऊ रातै के दरुहा होथै।8हम जउन दिन के हबन, बिस्वास अउ माया के कवच पहिन के अउ मुकति के आसा के टोपी पहिन के चेतन्त बने रही।9भगवान हमही गुस्साय के निता नेहको, पय हम अपन परभु यीसु मसीह के दवारा मुकति पामै के निता ठहराय गय हबन।10यीसु मसीह हमरे निता मरिस, जेखर लग हम चाहे जिन्दा रही, या मर गय होंय, ओखर संग जीवन बितइ।11इहैनिता तुम जसना हइ टेम करतेन हबा, अक दूसर के सान्ति देया अउ अक दूसर के उन्नत करै हे लगे रइहा।
आखरी सब्द अउ आसिरबाद
12हे भाइयो, हमर तुम्हर लग बिनती हबै कि तुम उन मनसेन के इज्जत करा जउन तुम्हर बीच मेहनत करथै, अउ परभु हे तुम्हर अगुवा हबै अउ तुमही सिक्छा देथै।13उनखर मेहनत के धियान हे रखत उनही माया के संग इज्जत करा, अक दूसर लग मिलके रइहा।14हे भाइयो, हम तुम्हर लग बिनती करथन कि जउन बिगड गय हबै, उनही डांटा जउन डेराय हबै, उनही हिम्मत देया जउन कमजोर हबै उनखर सहयोग करा अउ सबझन के संग धीर धरै बाले बने रइहा।15तुम हइ बात के धियान देया, कि बुराई के बदला बुराई झइ करा, पय हरमेसा अक दूसर के अउ सब मनसेन के भलाई करै के परयास करा।16हरमेसा खुस रहा।17लगेतार पराथना बिनती करत रहा,18हर बात हे भगवान के धन्यबाद देया, काखे तुम्हर निता मसीह यीसु हे भगवान के इहै इक्छा हबै।19पवितर आतमा के झइ बुझवाबा।20आगू कर बात करै बालेन के बेकार झइ समझा।21सगलू बातन के परखा, जउन निक्खा बात हबै उके गरहन करा।22सबैमेर के बुराइयन लग बचे रइहा।23सान्ति के भगवान खुदय पूरी तरह लग पवितर करै, अउ तुम्हर आतमा अउ परान अउ देह हमर परभु यीसु मसीह के आमै तक पुरी तरह लग बेकसूर पाय जाय।24भगवान हइ सब करही, काखे ऊ तुमही बोलाय हबै अउ ऊ बिस्वासओग हबै।25हे भाइयो, तुमो हमर निता पराथना बिनती करिहा।26सगलू भाई-बेहन के सान्ति के पवितर चुम्मा लग नमस्ते करा।27परभु हे हमर हइ आदेस हबै कि हइ चिट्ठी सब भाई के आगू पढे जाय।28हमर परभु यीसु मसीह के अनुगरह किरपा तुम्हर हे बने रहै।