1मनसेन के सुरता देबाबा कि राज करै बाले अउ सासक के वस हे रहै, अउ उनखर आदेस के मानै, अउ हर अकझन निक्खा काम करै के निता तइयार रहै,2कउनो के बुराई झइ करै, झगडा करै बाले झइ होय, पय कोमर आदत के होय अउ सगलू मनसेन के आगू बडा नमरता के संग आय,3हइ मै इहैनिता गुठेथो, काखे हमु पहिले मूरुख रहन, अउ आदेस न मानै बाले अउ भरम हे पडे हर अउ बोहत मेर के लालच अउ सुखबिलास हे फसे रहन, अउ छुवाछुत, अउ जलन करै हे जीवन जियत रहन, अउ घिनहा रहन, अउ अक दूसर लग इसात रहन।4पय जब हमर मुकति करै बाले भगवान के दया अउ मनसेन हे ओखर माया परगट हुइस,5ता भगवान हमर मुकति करिस, अउ हइ धरम के कामन के कारन नेहको, जउन हम खुद करन, पय अपन दया के जसना नवा जनम अउ नबा जीवन अउ पवितर आतमा के दवारा नबा बनाय जथन।6भगवान हमर उप्पर पवितर आतमा के हमर मुकति करै बाले यीसु मसीह के दवारा भरपूर लग उलदिस7अब भगवान हमके अपन अनुगरह किरपा लग धरमी ठहराइस ताकि जेखर हम आसा करत रहन, ऊ सबरोज के जीवन के आसा के पाय सकि।8हइ बात सही हबै, अउ मै चाहथो, कि तै हइ बातन के बारे हे हिम्मत लग बोल इहैनिता कि जिनही भगवान हे बिस्वास करे हबै, उन निक्खा-निक्खा कामन हे लगे रहै, हइ बात निक्खा हबै अउ मनसेन के निता फायदा हबै।9पय मूरुख के झगडा, अउ पुरखन अउ बिरोध अउ लडाइयन लग जउन बेवस्था के बारे हे होय ऊ बचे रहै, काखे ऊ आधा अउ बेकार हबै।10असना मनसे लग दुरिहां रहा, जउन अक दुइ बेर मना करै जाय बाद उहै काम करै।11हइ जानके कि असना मनसे रास्ता लग भटक गय हबै अउ खुद के दोसी मानके पाप करत रथै।
व्यक्तिगत सलाह अउ नमस्ते
12जब मै तोर लिघ्घो अरतिमास या तुखिकुस के पठोहूं ता मोर लिघ्घो निकुपुलिस सहर के आमै काहिन परयास करबे, काखे मै उहै जाड काटैके ठान लय हव।13जेनास गुरू अउ अपुल्लोस के उनखर यातरा हे हरबी पठोबा, ताकि उनके कउनो चीज के घाटा झइ होय14हमर मनसेन के सिखै चाही कि निक्खा कामन हे लगे रहै, ताकि जरुरत के पूर करै के निता निक्खा कामन हे लगे रहै के सिखै, ताकि उनखर जीवन ढिलवा झइ होय।15मोर सब संगिन के तुमके नमस्ते। जउन बिस्वास के कारन हमर लग माया रखथै, उनके नमस्ते। भगवान के अनुगरह किरपा तुम सबके उप्पर होवत रहै।