तीतुस2bhu_twf

अच्छी सिधान्त के सिक्छा

1पय जउन बात सही सिक्छा के जसना हबै, तुम उहै के कहे करिहा।2सियान मनसेन के गंभीर अउ ईज्जत लग संयमी, बिस्वास अउ माया , धीर हे पक्का होय चाही।3उहै मेर सियान डउकी के आदत पवितर मनसेन लग होय, ऊ दोस लगामै बाले गुलाम बनामै बाले अउ दरुहा झइ होय, पय निक्खा बात सिखामै बाले होय,4ताकि उन जबान डउकिन के सिखामै कि अपन डउकन अउ लरकन लग माया करै बाले होय,5अउ संयमी, पवितर घर के कारोबार करै बाले, निक्खा अउ अपन-अपन डउका के बात के मानै बाले होय, ताकि भगवान के बचन के बुराई झइ होय।6ओसनेन जबान मनसेन के समझामै के संयमी होय।7सगलू बातन हे खुद के निक्खा कामन के उदाहरन बना। सिक्छा हे इमानदारी, गंभीर, पवितर,8अउ सही बोल चाल होय, जेही कउ गलत झइ कहि सकै, ताकि तुम्हर बैरी सरमिन्दा होय, अउ तुम्हर पल्ला कहै के निता उनखर लिघ्घो कुछु सब्द झइ होय।9हरवाह के समझा कि अपन-अपन मालिक के वस हे रहै, अउ सगलू बातन हे उनही खुस रखै, अउ बात के उलटा जबाब झइ दे,10चोरी झइ करै, पय बिस्वास के काबिल होय, ताकि हमर भगवान अउ मुकति करै बाले के सिक्छा के सान बढै।11भगवान के अनुगरह किरपा लग सगलू मनसेन के मुकति के निता परगट हुइ गय हबै,12अउ हमही सिखाथै, कि हम दुस्टता अउ दुनिया के अभिलासा के छांडके गंभीर लग, खराई अउ भगवान के आदत के संग हइ पीढी हे जी।13अउ धन्य आसा मतलब भगवान अउ मुकति करै बाले यीसु मसीह जब दुबारा आही, अपन महिमा के संग ओही ओरगत रही14जउन खुद के हमर निता दय दइस, ताकि हमके सबैमेर के अधरम लग छंडाइस, अउ सुध्द करके अपन निता खास मनसेन के तइयार करै, जउन निक्खा काम करै के निता तइयार होय।15हइ बातन के सिखाय करा, हिम्मत बढाबा, अउ पूर हक के संग डांटा अउ कउ तुमके बेकार झइ जान पामै।