1हे मोर बहिनी, मोर दुलहिन, मेंह अपन बारी म आ गे हंव;मेंह अपन लोहबान ला अपन मसाला संग संकेल ले हंव।मेंह मंधरस सहित अपन मधु-छत्ता ला खा ले हंव;मेंह अपन अंगूर के मंद अऊ दूध पी ले हंव।सहेलीमनहे सहेलीमन खावव अऊ पीयव;अपन बड़े मया से पीयव।
दुलहिन
2में तो सुते रहेंव, पर मोर मन ह जागत रिहिस।सुन! मोर मयारू ह कपाट ला खटखटावत हे अऊ कहत हे,“हे मोर बहिनी, मोर मयारू,मोर पंड़की, मोर उत्तम जन! मोर बर कपाट ला खोल।मोर मुड़ ह ओस म,अऊ मोर चुंदी ह रथिया के नमी म भीग गे हवय।”3मेंह अपन ओनहा ला उतार चुके हंव—का ओला फेर पहिर लंव?मेंह अपन गोड़ ला धो डारे हंव—का ओला फेर मईला करंव?4मोर मयारू ह अपन हांथ ले कपाट के सिटकिनी ला धक्का देवथे;मोर हिरदय ह ओकर मया बर छलकत हे।5मेंह अपन मयारू बर कपाट ला खोले बर उठेंव,अऊ मोर हांथ ले लोहबान चूहत रिहिस,मोर अंगठीमन ले लोहबान हबेड़ी के मुठ म बह गीस।6मेंह अपन मयारू बर कपाट ला खोलेंव,पर मोर मयारू ह वापिस चल देय रिहिस; ओह चले गीस।ओकर जाय ले मोर मन ह बियाकुल होईस।मेंह ओला खोजेंव, पर नइं पायेंव।मेंह ओला बलाएंव, पर ओह जबाब नइं दीस।7जब पहरेदारमन सहर म पहरा देवत रिहिन,त ओमन मोला भेंटिन।ओमन मोला मारिन अऊ मोला घायल कर दीन;ओ सहर के दीवारमन के पहरेदारमन,मोर ओढ़ना ला लूटके ले गीन।8हे यरूसलेम के बेटीमन, तुमन मोर ले वायदा करव—कहूं तुमन ला मोर मयारू ह मिल जावय,त तुमन ओला बताहूकि मोला मया के रोग हो गे हवय।
सहेलीमन
9हे माईलोगन म परम सुन्दरी,तोर मयारू ह आने मन ले कोन बात म उत्तम हवय?तोर मयारू ह कोन बात म आने मन ले बने अय,कि तेंह हमन ला अइसने वायदा करवात हस?10मोर मयारू ह हंसमुख अऊ चमकीला ए,ओह दस हजार मनखे म उत्तम अय।11ओकर मुड़ ह सुध सोन के सहीं अय;ओकर चुंदी ह लहर सहींअऊ कऊआ सहीं करिया हवय।12ओकर आंखीमन पंड़कीमन सहीं अंयजऊन मन बोहावत पानी के तीर म,दूध म धोवाके,माला म पीरोय जेवर सहीं कतार म हवंय।13ओकर गालमन खुसबू देवतमसाला के दसना सहीं अंय।ओकर ओंठ ह कुमुदिनी फूल सहीं अयजेमा ले लोहबान चूहत रहिथे।14ओकर बाहांमन पुखराज ले सजेसोन के छड़ सहीं अंय।ओकर देहें ह नीलमनि ले सजेचमकत हाथी-दांत सहीं अय।15ओकर गोड़मन सुध सोन के नीव म बईठायसंगमरमर के खंभामन सहीं अंय।ओकर रूप ह लबानोन के सहीं हवय,अऊ देवदार के सहीं मनोहर हवय।16ओकर मुहूं के अपन मिठास हवय;ओह हर किसम ले मयारू ए।हे यरूसलेम के बेटीमन,येह मोर मयारू ए अऊ येह मोर संगी अय।