रोमीयो9goj_twf

परमेश्वर अरु ओका चुन्यो हुया दुन्या

1मी मसीह मे सच्ची बोलस हय, मी झुटी नी बोली रोस अरु मरो विवेक भी पवित्र आत्मा मे गवय देस हइ2की मेखे बडो शोक अरु दर्द हइ, अरु मरो मन कभी भी दुखी रोस हइ,3क्युकी मी ह्या तक चातो थो की अपना भैइ का लिये जो आंग का भाव से मरा कुटुम्बी हइ, परमेश्वर से श्रापित अरु मसीह से अलग हुये जाए.4वे इस्त्राएलि हइ, अरु परमेश्वर से सन्तान अधिकार अरु महिमा अरु वाचा अरु व्यवस्था अरु उपास अरु प्रतीज्ञा ओने करी हइ.5बुजुरुख भी ओका ही हइ, अरु मसीह भी आंग का भाव से ओका मेसे हुयो. सब का उपर परम परमेश्वर राज्य करस पिडमपिडि धन्य होस. आमीन.6पन यो नी की परमेश्वर को वचन नीकली गयो, येकालिये की जो इस्राएल का कुल हइ, वे सब इस्राएली नी.7अरु नी अब्राहम का कुल होन का कारन सब ओका बेटा रख्यो, “पन लिख्यो हइ इसहाक का वजेसे तरो कुल बोलस.”8अगर आंग को बेटो परमेश्वर को बेटो नी पन प्रतीज्ञा को बेटो कुल गिन्यो जास हइ.9क्युकि प्रतीज्ञा को वचन यो हइ “मी उचित टेम का अनुसार आयु अरु सारा को बेटो हुयु.”10अरु फक्त यो नी, पन जब रिबका भी एक से अगर हमारो बाप इसहाक से दो बेटा हुया,11अरु अभी तक नी ते बच्चा पइदा हुयो यो थो, अरु कुच्छ अच्छो या बुरो कर्‍यो थो, येकालिये परमेश्वर की मनसा जो ओका चुनी लेना का अनुसार हइ, करम का कारन नी, पन बुलान वाला पर बनी र्‍हे12या बात परमेश्वर ने जन्म से पैयले अरु ओका कुछ भलो बुरो बोलन का पैयले बोली ते परमेश्वर की पसन्द ओकी बुलाहट पर नीर्बल हइ नी की वे दोय ने का कऱ्यो ओका पर ओने बोल्यो, “बडा छोटा को सेवक हुए.”13जसो शास्त्र मे लिख्यो हइ, “मे ने याकूब से प्रेम कऱ्यो, पन एसाव खे प्रिय जान्यो हइ.”14येकालिये हम का बोला? का परमेश्वर का यो बुरो हइ? कभी नी.15क्युकी उ मूसा से बोलस हइ, “अरु जेका पर दया करणो चास ओका पर दया कऱ्यु, अरु जो कोय पर कृपा करणु चास ओका पर कृपा करणु”16येकालिये यो नी ते चानआला की, नी मैहनत करणवाला की पन दया करणआलो परमेश्वर पर नीर्भर हइ.17क्युकी पवित्रशास्त्र मे फिरौन से बोल्यो गयो, “मे ने तोखे येका लिये खडो कऱ्यो हइ की तरा मे अपनो सामर्थ्य बतायु, अरु मरो नाम को प्रचार सब पृथ्वी पर हुये.”18येकालिये उ जेका पर चास हइ ओका पर दया करस हइ, अरु जेखे चास हइ ओको खतना करी देस हइ.

परमेश्वर की घुसा अरु ओकी दया

19आखरी तु मरा से बोल्हे, “परमेश्वर फिर का दोष लगास हइ? कोन ओकि इच्छा को सामनो करस हइ?”20हे इंन्सान, अच्छो तू कोन हइ जो परमेश्वर को सामनो करस हइ? का गाड्यो हुयो सामन गडनवाली से बोली सकस हइ, “तो ने मेखे असो का बनायो हइ?”21का कुमार खे यो अधिकार नी कि उ मट्टी को एक ही लोंदा से एक बर्तन विशिष्ट प्रयोजन का लिये बनायो अरु दुसरा बर्तन साधाराण प्रयोजन का लिये.22कि परमेश्वर ने अपनी घुस्सा बतानो अरु अपनी सामर्थ्य प्रगट करण की इच्छा से घुस्सा का बर्तन पर जो विनाश का लिये तैयार करी गयो थो, बडा धीरज से सही.23अरु दया का बर्तन पर जेने ओने महिमा का लिये पैयले से तैयार कऱ्यो, अपनी महिमा को धन खे प्रगट करण की इच्छा करी.24अगर हम पर जेने ओने नी फक्त गैरयहूदीहोन मे से, वरन यहूदीहोन मे से भी बुलयो.25जसो वावो होशे की किताब मे भी बोलस हइ,जो मरा दुन्या नी थाओखे मी अपना दुन्या बल्यु.अरु जो प्रिय नी थो,उ प्रिय बोल्यु.26अरु असो हुये कि जो जगा मे ओखे योबोली गयो थो कीतुम मरा दुन्या नी हुये,उ जगा वे जिवन परमेश्वर का सन्तानबोल्ये.27अरु यशायाह इस्राएल का बारे मे बुलैखे बोलुस हइ,“चाये इस्राएल का बेटा का गिनससमुद्र का रेती का बरोबर होस,तेभी ओमे से थोडो ही बच्हे.28क्युकी प्रभु अपनो वचन पृथ्वी पर पुरोकरीखे,धार्मीकता से झल्दी उ सिध्द कर्‍हे.”29जसो यशायाह ने पैयले भी बोलो थो,“अगर सुन्ये प्रभु हमारा लिये कुछकुल नी छोलस,ते हम सदोम का सामने हुइ जास,अरु गमोरा का जसो ही रखस.”

इस्राएल को अविश्वास

30आखरी हम का बोल्हे? यो का गैरयहूदीहोन नी जो धर्मीकता खे ढुडस नी धर्मीकता मील्हे की अगर उ धर्मीकता को जो विश्वास से हइ.31पन इस्राएल, जो धर्म कि व्यवस्था खे ढुडस उ व्यवस्था तक नी पोचे.32को का लिये? येकालिये कि वे विश्वास से नी, पन मानीखे कामहोन से ओखे ढुडस. करस्या ओने ओखे ठोकर का फत्थर पर ठोकर खइ,33जसो लिख्यो हइ,“देख, मी सिय्योन मे एक ठोकर लगन को पत्थर,अरु ठोकर खान की टेकडी रखस हइ,अरु जोओका पर विश्वास करस उ लाजित नी हुइ.”