1येको बाद ऊ स्वर्गदूत न मोख जीवन देन वालो पानी की नदी दिखायी। वा नदी स्फटिक को जसी उज्वल होती। ऊ परमेश्वर अऊर मेम्ना को सिंहासन सी निकलत होती2ऊ नगर की सड़क को बीचो बीच सी बहत होती। नदी को यो पार अऊर ओन पार जीवन को झाड़ होतो; उन पर हर साल बारा बार फर लगत होतो हर महीना म एक बार, अऊर ऊ झाड़ियों को पाना सी राष्ट्रों को लोगों ख निरोगी करन लायी होतो।3अऊर नगर म कोयी भी परमेश्वर को श्राप म नहीं रहेंन, अऊर परमेश्वर को सिंहासन अऊर मेम्ना ऊ नगरी म रहेंन अऊर ओको सेवक ओकी सेवा करेंन।4हि ओको मुंह देखेंन, अऊर ओको नाम ओको हाथों पर लिख्यो हुयो होना।5फिर रात नहीं होयेंन, अऊर उन्ख दीया अऊर सूरज को प्रकाश की जरूरत नहीं होयेंन, कहालीकि प्रभु परमेश्वर उन्को प्रकाश होयेंन, अऊर ऊ राजा को जसो हमेशा हमेशा शासन करेंन।
यीशु को आवनो
6फिर ऊ स्वर्गदूत न मोरो सी कह्यो, “या बाते सत्य अऊर विश्वास को लायक हंय। अऊर प्रभु परमेश्वर, जो भविष्यवक्तावों ख ओकी आत्मा देवय हय, अपनो स्वर्गदूत ख येकोलायी भेज्यो कि अपनो सेवकों ख हि बाते, जिन्को जल्दी पूरो होनो जरूरी हय, दिखाये।”7“देख, मय जल्दी आवन वालो हय! धन्य हय ऊ जो या किताब की भविष्यवानी की बाते पालन करय हय।”8मय उच यूहन्ना आय, जो या बाते सुनत अऊर देखत होतो। जब मय न सुन्यो अऊर देख्यो, त जो स्वर्गदूत मोख या बाते दिखावत होतो, मय ओको पाय पर दण्डवत आराधना करन लायी गिर पड़्यो।9पर ओन मोरो सी कह्यो, “देख, असो मत कर; कहालीकि मय तोरो, अऊर तोरो भाऊ भविष्यवक्तावों, अऊर या किताब की बातों को मानन वालो को संगी सेवक हय। परमेश्वर कि आराधना कर।”10फिर ओन मोरो सी कह्यो, “या किताब की भविष्यवानी की बातों ख गुप्त मत रख; कहालीकि या सब बातों को पूरो होन को समय बहुत जवर हय।11जो अधर्म करय हय, ऊ अन्याय करतो रहे; अऊर जो मलिन हय, ऊ मलिन बन्यो रहे; अऊर जो अच्छो हय, ऊ अच्छो बन्यो रहे; अऊर जो सच्चो हय; ऊ पवित्र बन्यो रहे।”12“देख, मय जल्दी आवन वालो हय; अऊर हर एक को काम को अनुसार बदला देन लायी प्रतिफल मोरो जवर हय।13मय अल्फा अऊर ओमेगा, पहिलो अऊर आखरी, आदि अऊर अन्त आय।14“धन्य हि आय, जो अपनो कपड़ा धोय लेवय हंय, कहालीकि उन्ख जीवन को झाड़ को जवर आवन को अधिकार मिलेंन, अऊर हि द्वार सी होय क नगर म सिरेंन।15पर कुत्ता, अऊर टोन्हा करन वालो, अऊर अनैतिक सम्बन्ध करन वालो, अऊर हत्यारों, अऊर मूर्तिपूजक, अऊर हर एक झूठ को चाहन वालो अऊर गढ़न वालो बाहेर रहेंन।16“यीशु न अपनो स्वर्गदूत ख येकोलायी भेज्यो कि तुम्हरो आगु मण्डलियों को बारे म इन बातों की गवाही दे। मय दाऊद को परिवार को वंशज आय, अऊर भोर को चमकतो हुयो तारा आय।”17आत्मा अऊर दुल्हिन दोयी कह्य हंय, “आव!” अऊर सुनन वालो भी कहे, “आव!” जो प्यासो हय ऊ आवो, अऊर जो कोयी चाहे ऊ जीवन को जल को ईनाम फुकट भाव सी ले।
समापन
18मय यूहन्ना हर एक आदमी ख, जो या किताब की भविष्यवानी की बाते सुनय हय, चेतावनी देऊ हय: यदि कोयी आदमी इन बातों म कुछ बढ़ाये त परमेश्वर उन विपत्तियों ख, जो इन किताब म लिखी हंय, ओको शिक्षा पर बढ़ायेंन।19यदि कोयी या भविष्यवानी की किताब की बातों म सी कुछ निकाल डाले, त परमेश्वर ऊ जीवन को झाड़ अऊर पवित्र नगर म सी, जेको वर्नन या किताब म हय, ओको भाग निकाल देयेंन।20यीशु जो इन बातों को गवाह हय, ऊ कह्य हय, “हव, मय जल्दी आय रह्यो हय।” आमीन। हे प्रभु यीशु आव!21प्रभु यीशु को अनुग्रह परमेश्वर को लोगों को संग रहे। आमीन।