1फिर मे ने बद्दल मे एक अरु बडो अरु अद्भुत चिन्ह देख, अगर सात स्वर्गदूत जे पास सात आखरी विपतिहोन थो,क्युकि ओका खत्म हुए जाना पर परमेश्वर को दुख, आखरी हइ.2फिर मेने काच का जसो समुदर देख्ये दियो जेमे समजो अंगार मीली हुये. अरु मेने देख्यो की जिनने जनवर कि मेर्ती पर अरु ओको नाम पर विजय मीली हइ काच को समुदर पर खडो हइ नजिक परमेश्वर कि वाणीहोन दि.3अरु वे परमेश्वर को सेवक मूसा को गीद कि अरु मुडा को गीद गय खे बोलता था ,“हे सर्वशक्तिमान प्रभू परमेश्वर,तरो कर्य महान अरु अद्भुत हइ.हे राष्ट्र को राजो कितरी चाल ठिक अरु सच्ची हइ.”4“हे प्रभुकोन तरा से नी डरे अरु तरो नाम को महिमा करस?क्युकि फक्त तु पवित्र हइ.सब जातहोन अयखे तरा सामने आराधना करस कि क्युकितरो न्याय काम प्रगट हुए गयो हइ.”5येका बाद मेने देख्यो कि स्वर्ग मे झोपडि मे प्रतीज्ञा को तम्बु कि मन्दिर खोल्यो गयो.6अरु वे सात स्वर्गदूत जे, पास विपतिहोन थोकाम लमल को शुध्द अरु चमकदार कपडा पेन्यो अरु छाती पर सोना को पट्टो बाधी दियो मन्दिर से नीकल्यो.7तब उ चार जनवरहोन मे से एक ने उ सात स्वर्गदूत, परमेश्वर, जो हमेशा हमेशा जिस हइ, दुख से भऱ्यो हुए सोना को सात कटोरो दियो.8अरु परमेश्वर कि महिमा अरु ओकि सामर्थ्य कारन मन्दिर खुसी से भरी गयो, अरु जब तक उ सात स्वर्गदूत कि सात विपतियो खतम नी हुयो जब तक कोय भी मन्दिर मे नी जय सक्यो.