उजेंता बुले14bhi_twf

गाडरा ने तेरा माणसे

1तत्‌यार मे देख्‌यु, ने देखु, हयो गाडरान पीलो सीयोन नावेन उंचा बयड़ा पर उबा हय रवला देख्‌यु, ने तेरे साते एक लाख चाळीस ने चार हजार माणसे छे, तींद्‌रा नींडाळे पर तेरो ने तेरे बासेन नाव लिखलो छे।2ने सरग सी मेसेक एक अवाज सामळाय, चो पाणीन मटा सुसवणेन ने मटा गाजणेन तसों अवाज हतलो, ने जी अवाज मे सामळ्‌यु चो असो हतलो, मानु काहनाक झुणगा वाजाड़नेवाळा झुणगा वाजाड़ र्‌या।3ने राजगादीन अगळ ने चारु जीव ने डाहला मुख्‌यान अगळ मानु, एक नवलो गीत गावतेला, ने तीनु एक लाख चाळीस ने चार हजार माणसेक छुड़ीन, जे धरती पर सी छुड़ावला हतला, कुय बी तीना गीत काजे सीक नी सकतेलो।4जे चे छे, जे बायरा साते वीटळ्‌या नी, बाकुन कुवारला छे; जे चेत छे, की जां कांखुर गाडरान पीलो जाय, चे तेरे पछळ हय ले; जे ते भगवान ने गाडरा वाटे पेहलो फळ हवणे करीन माणसे मां सी छुड़ावला छे।5ने तींद्‌रा मुंहडा सी कदी झुट नी नीकळतेलो, चे नी-गुना वाळा छे।

तीन सरग वाळा काहवाळ्‌या

6तत्‌यार मे एक अळी सरग वाळा काहवाळ्‌या काजे सरगेन ईचमां उडतेलो देख्‌यु तीना धड़े धरती पर रहणे वाळान हरेक जाती, कुळ, बुली, ने माणसेक सामळावणे करीन अमरेन खुस-खबर हतली।7ने हयु मटा अवाज सी कह्‌यु, “भगवान सी बीहु, ने तेरु सेक-सींगार करु, काहाकी तेरु नीयाव करनेन टेम आय गुई; ने तेरी बड़ाय करु, जु सरग ने धरती ने दरीया ने पाणीन झीरे बणायु।”8तत्‌यार तेरे पछेन एक अळी दीसरु सरग वाळु काहवाळ्‌यु असु कवतु आयु, “हीट पड़्‌यो, चु मट्‌लु बाबेल हीट पड़्‌यु जी आपसी छीनाळान पागलेन तसी दारु आखी जाती काजे पावाड़्‌या।”9तेर पछळ एक अळी तीसरु सरग वाळु काहवाळ्‌यु मटी अवाज सी असु कवतु आयु, “जु काहनुक तीना जनवार्‌यान ने जीनी मुरतीन पुजा करे, ने आपसे नींडाळे नीते आपसे हाते पर तेरी छाप लेय,10ती हयु भगवानेन रीसेन पीयालु चो पाखुर पाणी मीलाड़े, ने तेरा रीसेन दारु मां नाखली छे, पीसे ने चुखला सरग वाळा काहवाळ्‌या अगळ ने गाडरान पीला अगळ आकठो ने धपतेला गन्‌धकेन पीड़ा मां पड़से।11ने तींद्‌री पीड़ान कुळु जलम उठतु रवसे, ने जु तीना जनवार्‌या ने तेरी मुरतीन पुजा करे, ने जे तेरे नावेन छाप लेय, तीनुक रात दाहड़ु चेन नी पड़से।”12चुखला माणसेन गम हेरेमां छे, जे भगवानेन हुकुम काजे माने, ने ईसु पर भुरसु राखे।13अळी मे सरग सी असु अवाज सामळ्‌यु, “लिख: मरने वाळा मालीक मां मरे, चे हय सी वारु छे।” आत्‌मा कहें, “हव, काहाकी चे आपसा मेहनत सी सांतीक हेरसे, ने तींद्‌रा काम तींद्‌रे साते हय लेय।”

धरतीन फसलेन काटणी

14मे नींगा कर्‌यु, ने देखु, एक धवेळो वादळो छे, ने तीना वादळा पर माणसेन पुर्‌यान तसु काहनुक बठलु छे, ने तेरे मुणका पर सनान मुड़ ने हाते मां पांजावलु दातळु छे।15तत्‌यार एक अळी सरग वाळु काहवाळ्‌यु मंदीर मां सी नीकळीन, तीनाक जु वादळा पर बठलु हतलु, जुर सी आयड़ीन कह्‌यु, “तारु दातळु लीन काटणी चालु कर, काहाकी काटणीन टेम आय गुई, ने धरतीन फसल पाकी गुई।”16तेरेमां जु वादळा पर बठलु हतलु, चु धरती पर तेरु दातळु फेरव्‌यु, ने धरतीन काटणी चालु कर्‌यु।17तत्‌यार एक अळी सरग वाळु काहवाळ्‌यु तीना मंदीर मां सी नीकळ्‌यु, जु सरग मां छे, ने तेरे धड़े बी पांजावलु दातळु हतलु।18तत्‌यार एक अळी सरग वाळु काहवाळ्‌यु, तीनाक आकठा पर हक हतलु, चड़ावान जागा मां सी नीकळ्‌यु, ने तेरे धड़े पांजावलु दातळु हतलु, तीनाक उचा अवाज सी कह्‌यु, “तारु पांजावलु दातळु लागाड़ीन धरतीन अंगुरेन गुछ्‌छा काट ले; काहाकी तेरा अंगुर पाक गुयला छे।”19तत्‌यार हयु सरग वाळु काहवाळ्‌यु धरती पर तेरु दातळु लागाड़्‌यु, ने धरतीन अंगुरेन फळ काटीन, तेरा भगवानेन रीसेन मटला रसेनकुंडा मां नाख देदु।20ने गांवेन बाहर तीना रसेनकुंडा मां अंगुर रंदळाय गुया, ने रसेनकुंडा मां सी अतरो लुही नीकळ्‌यो की घुल्‌लान रासे लग पुग्‌यो, ने तीन सोव कीलु मीटर लग उही गुयो।