1दुई दाहड़ा क बाद फसह आरू अखमीरी रोटा क पर्व हुयने वावा हुता। डाहला पुजारा आरू शास्त्री इन वात की खोज मा हुत की ईशु क कोसो छल छे धर कर मार नाखने;2पुन कये हुते, “पर्व क दाहडू नी, कयी ओसो नी होय की मानसे मा बलवा मच्या।”
बैतनिया मा ईशु क अभिषेक
3जव ईशु बैतनिया मा शमौन कुड़ावा क घर खाने क बट्या हुया हुता, तव एक बायर संगमरमर क ठाहरा मा जटामासी क मोहंगलो चुखो इत्र लीन आवी: आरू पात्र तुड़ीन इत्र क ओको मुनक पर नाखीन।4पुन काही आपने मन मा रिसियाने कयनो लाग्या, “इन इत्र क काय सच्चाईानाश कर्या गया?5काहकि यो इत्र तो तीन सौ सोनान सिक्का सवटो मूल्य मा वेचिया जाय कर गरीब मा वाट्या जाय सकता हुता।” आरू वो ओको झाटकने लाग्या।6ईशु ने कयो, “उको छुड़ी दो; उको काय सताते होय? उना ने तो मारे साथे भलाई करी छे।7गरीब तुमरे साथ मा जलोम रहवे, आरू तुमू जब जुवे तव उनछे भलाई कर सकते होय; पर हाव तुमरे साथे जलोम नी रहवे।8जो काय वो कर सकी, त्यो कर्यो; त्यो मारे गाड़ने जाने की तीयारी मा पेहले छे मारी देह पर इत्र लागाड़ी छे।9हाव तुमू छे सच कयता छे की सब धरतीम मा वा कयी खुश खबर कर्या जाछे, वाँ ओका इनीये काम की चर्चा भी ओको फोम की जाछे।”
यहूदा क विश्वास घात
10तव यहूदा इस्करियोती जो बारा चेला मा रयन एक हुता, डाहला पुजारा क साथे गया की ईशु क ओको हात धरीन देय।11वो यो सोमवीन खुश हुयो; आरू ओको पोशा आपने वायदो कर्यो; आरू वो मेखे हेरने लाग्या की ओको काही प्रकार धरीन देय।
ईशु चेला क साथे फसह क पछव खानो
12अखमीरी रोटा क पर्व क पेहले दाहडु, जिनमा वो फसह क बलिदान करता हुते, ईशु क चेला ने उको पुछा, “तु कयो जुवे छे की हामु जाईन तारे करता फसह खाने की तीयारी कर्या?”13त्यो ओका चेला मा सी दुय क यो कयीन मुकल्यो, “नगर मा जावु, आरू एक मानुस पानी क हाण्डो हाकलीन हुया तुमू मीवछे, ओका पछव होय लेन:14आरू वो जिना घर मा जाय, उना घर क भगवान छे कयनो, ‘गुरू कयता छे की मारी पाहंनतराय शाला जिनमा आपसा चेला क साथे फसह खावु कयो छे?’15वो तुमू एक सजी–सजावळी, आरू तीयार करी हुयी मोटी कमरो देखाय देसे, वो हामरे करता तीयार करू।”16चेला निकवीन नगर मा आश, आरू जोसो त्यो उनछे कयो हुता, वोसो ही देख्या; आरू फसह तीयार कर्या।17जव शाम हुयी, तो वो बारा क साथे आयु।18जव वो बठ्या खाने क रया हुते, तो ईशु ने कयो, “हाव तुमू छे सच कयता छे की तुमू मा छे एक, जो मारे साथे खाने क रया छे मखे धरावछे।”19चेला उदास होय गयो आरू एक करीन ओको पुछने लाग्या, “काय चु हाव ते नी छे?”20त्यो उनछे कयो, “वो बारा मा छे एक छे, जो मारे साथे थावी मा हात नाखता छे।21काहकि मानुस क पोर्या मतलब मखे तो जोसो ओको विषय मा लिख्या छे, जाता ही छे; पुन उना मानुस पर हाय ओका द्वारा मानुस क पोर्या मतलब मखे धराया जाय छे! यदि उना मानुस क जनम नी हुता तो ओको करता भलो होयतो।”
पोरबु–भोजन
22जव वो खाय ही रया हुते, ईशु ने रोटा लीन, आरू सय बरकत मांगीन तुड़ी तीनुक दी, आरू कयो, “ले, यो मारी देह छे।”23पछु त्यो वाटको लीन धन्यवाद कर्या, आरू तीनुक दिया; आरू उन सब ने उको छे पीया।24आरू त्यो कयो, “यो भोनु की मारो लुहूय यो छे, जो खुप क करता वयाड़े जा छे।25हाव तुमू छे सच कयता छे की अंगुर क रस उना दाहड़े तक पछु कदी नी पीस, जव तक यहोवा–भगवान क राज्य मा नयो नी पीस।”26पछु वो भजन गावीन बाहरता जैतुन क बयड़ा पर गया।
पतरस क मना की भविष्यव्दाणी
27तव ईशु ने उनछे कयो, “तुमू सब ठुकर खासे, काहकि लिख्या छे: ‘हाव गुवाळ क मारीस, आरू गाडरा इदीर तितर–बितर होय जाछे।’28पुन हाव म्हार जीव उठने क बाद मा तुमरे सी पेहल गलील मा जाईस।”29पतरस ने ओको कयो, “यदि सब ठुकर खाय तो खाय, पर हाव ठुकर नी खाम।”30ईशु पतरस सी कयो, “हाव तुखे छे सच कयता छे की आज ही इनी रात क कुकड़ा क दुई कावा वाषने देने छे पेहले, तु तीन कावा मखे छे मुकर जाछे।”31पर त्यो आरू भी जो सी दीन कयो, “यदि मखे तारे साथे मरना भी पड़े तीभी तारे मना कदी नी करीस।” इनी प्रकार आरू सब ने भी कयो।
गतसमनी मा प्रार्थना
32पछु वो गतसमनी नावन एक धरती मा आश, आरू ईशु ने आपसा चेला छे कयो, “याहा बठ्या रयो, जव तक हाव प्रार्थना करीस।”33आरू वो पतरस आरू याकूब आरू यहुन्ना क आपने साथे लेय गया; आरू खुप ही कमजोर आरू घबरायने हुयने लाग्या,34आरू त्यो कयो, “मारो मन खुप नराज छे याहा तक कि हाव मरना पर छे: तुमू याहा तक रूकु आरू जागता रयो।”35पछु वो थुड़ा अगळ ओगस आरू धरती पर टेकीन प्रार्थना करने लाग्यो की यदि होय सके तो यो घड़ी मखे पर छे टल जाय,36आरू कयो, “हे बाप, मखे छे सब काय होय सकता छे; इनीये वाटका क मारे साथे छे हटाय लेय: तव जोसो हाव जुवता छे वोसो नी, पर जो तु जुवता छे चो होय।”37पछु वो आश आरू तीनुक सुवता देखीन पतरस छे कयो, “हे शमौन, तु सुई रया छे? काय तु एक घड़ी भी नी जाग सके?38जागता आरू प्रार्थना करता रयो की तुमू परीक्षा मा नी पडु। आत्मा तो तीयार छे, पर शरीर दुर्बल छे।”39आरू वो पछु चालीन गया आरू तीनुक ओवाज मा प्रार्थना करी।40पछु आवीन तीनुक सुवता देख्या, काहकि ओकी डुवा नींद छे भर्या हुता; आरू नी जानता हुते की ओको काय जवाब देय।41पछु तीसरी बार आवीन उनछे कयो, “हिमी सुवता रयो आरू आराम करो, बस घड़ी आय पुच्या; देखो मानुस क पोर्या मतलब मखे क पापी क हात धराया जाता छे।42उठु चालु! देखो, मखे धरावने वावा नाट आय गयो छे।”
ईशु क धोखा छे धरीन जाने
43ईशु यो कय ही रया हुता की यहूदा जो बारा मा छे एक हुता, आपने साथे डाहला पुजारा आरू शास्त्री आरू पुरनियो की आरू छे एक मोटी गर्दी लीन तत्काल आय पुच्या, जो तलवार आरू ड़ेगा लीन हुता।44ओको धरावने वावा ने तीनुक यो पता दीया हुता की जिनाक हाव गुवू चो छे, उको धरीन यत्न छे ली जाने।45वो आश, आरू तत्काल ओको साथे जाईन कयो, “हे गुरू!” आरू ओको घोणा चूमा।46तव लोगहन ईशु पर हात नाखीन आरू उको धर लेदा।47उन मा छे जो साथे उबो हुतो एक ने तलवार हापक कर पुजारा क दास पर चालाड़ी, आरू ओका कांटो तुड़ देदो।48ईशु ने उनछे कयो, “काय तुमू डाकू जानीन मखे धरने क करता तलवार आरू ड़ेगा लीन निकव्या होय?49हाव तो हर दाहड़े मंदिर मा तुमरे साथे रयन खबर दिया करतो हुतो, आरू तव तुमू ने मखे नी दरिया: पुन यो एरकरीन हुयो छे की चुखलो शास्त्र की वात पुरी होयछे।”50इनीये पर सब चेला ओको छुड़ीन ढास गया।51एक जुवान आपसी उघाड़ा डील पर चादर पांगरी हुयो ओको पछव होय लेदा; आरू मानसे ने ओको दरिया।52पर वो चादर छुड़ीन उघाड़ा ढ़ास गया।
महासभा क सामने ईशु
53पछु वो ईशु क डाहला पुजारा क साथे ली गया; आरू सब प्रधान पुजारा आरू पुरनिय आरू शास्त्री ओका याहा एखठा होय गया।54पतरस दुर ही दुर ओको पोछव–पछव डाहला पुजारा क आंगना मा माहाय तक गया, आरू प्यादो साथे बठीन आगठी तापने लाग्या।55मुखी पुजारा आरू सारी महासभा ईशु क मार नाखने क करता ओको विरोध मा गवा की खोज मा हुते, पर नी मिवी।56काहकि घोणा छे ओको विरोध मा झुठ गवा दे रया हुते, पर ओकान गवा एक ओसी नी हुती।57तव काय मानसे ने उठीन ओको क विरोध यो झुठ गवा देदी,58“हामु इना ओसो कये सोमव्या छे, हाव इन हाथ क बनायू होय मंदिर क उदार दीस, आरू तीन दहाड़ा मा दिसरा बनाय दिस, जो हाथ छे नी बने होय।”59इनीये पर भी उनकी गवा एक ओसी नी निकवी।60तव डाहला पुजारा ने वीच मा उबो हईन ईशु छे पुछा, “तु काही जवाब नी देतो?”61पुन वो चुप रियो, आरू काय जवाब नी दिया। डाहला पुजारा ने ओका सी पछु पुछा, “काय तु उना सयाळा धन्य क पोर्यो मसीह छे?”62ईशु ने कयो, “हाव छे: आरू तुमू मानुस क पोर्यो क ताकत वाळा यहोवा–भगवानन क जेवड़े तरफ बठ्या, आरू वादळा साथे आवता देखछे।”63तव डाहला पुजारा आपसा छिंदरा फाड़ीन कयो, “हिमी हामु गवा क आरू काय योजना छे?”64तुमू ने यो निन्दा सोमवीन। तुमरी काय राय छे?65तव काही तो ओका पर थुप्या, आरू काही ओका मुय ढांकने आरू उको धुमाट्या, आरू ओको कयनो लाग्या, “भविष्यव्दाणी कर!” आरू पौलुसने ओको धरीन थापुड़ मारा।
पतरस क मना
66जव पतरस नेचो आंगना मा हुता, तो डाहला पुजारा की दासीयो मा छे एक वाँ आवी,67आरू पतरस क आगठो तापता देख्या उको टकटकी लागाड़ ़ी देख्या आरू कयनो लाग्या, “तु भी तो उना नासरत ईशु क साथे हुता।”68वो मुकर गया, आरू कयो, “हाव नी जानता आरू नी समझता छे कि तु काय कय रयी छे।” पछु वो बाहरता डेवढ़ी मा गया; आरू कुकड़ा वाषा।69वो दासी उको देखीन उनछे जो साथे उबो हुतो, पछु कयनो लागी, “यो उनमा छे एक छे।”70पुन वो पछु मुकर गया। थुड़ी वार बाद त्या जो साथे उबो हुत पछु पतरस छे कयो, “छाचो तु उनमा छे एक छे: काहकि तु गलीली भी छे।”71तव वो धिक्कारने आरू शपथ खाने लाग्या, “हाव उना मानुस क जेरी तुमू चर्चा करता होय, ओखे नी जानता।”72“तव तत्काल दूसरी बार कुकड़ो वाषो।” पतरस क वो वात जो ईशु ने ओका सी कयी हुती फोम आवी: “कुकड़ा दुई कावा वाषा ने छे पेहले तु तीन कावा मना करीस।” आरू वो इन वात क सुचीन रड़णे लाग्या।