1जबा यीसु मंदिर लक हिट रहयो होतो, त ओको चेला मा लक, एक ना ओला कहीस, हे गुरुजी चोव, कसो मोठो गोटा अना कसो सुंदर मकान सेत!2यीसु ना ओला कहीस, का तुमी यो मोठा- मोठा घर चोवसो, यो गोटा पर गोटा नही बचेत जो नोको पड़ेत।
मुसीबत अना दुख
3जबा उ जैतून को पहाड़ पर मंदिर को पुढा बसयो होतो, त पतरस, याकूब अना योहन अना अन्दिरयास ना एक कन जायके ओला पुसिन,4“आमी ला साँग की यो गोस्टी कब होहेत? अना जबा यो सब गोस्टी पूरी होवन पर होयेत ओनो बेरा को काजक निसान होहेत?”5यीसु उनलक कव्हन लगयो, “होसियार रव्हने” का कोनी तुमला नोको बहेकाय।6काहेका लगत सा मोरो नाव लक आयके कहेत, “मि मसिहा आऊ!” अना लगत लोक ला बहेकायेत।7जबा तुम लड़ाई-वड़ाई की चरचा आयको, त नोको घबराने, काहेकी इनको होवनो जरुरी से, पर ओनो बेरा अन्त नही होहेत।8काहेकि जाति पर जाति, अना देस- देस पर चढाई करयेत। जघा-जघा भुईडोल होहेत, अना गिरानी पड़हेत, यो तो जचकि को पयलो दुख को जसो से।9पर तुमी आपरो बारे मा होसियार रव्हो, काहेकी लोकगीन तुमला मोठी सभामा सौपेत अना तुमला सभाघर पंचायत मा पिटेत। अना मोरो कारन हाकिम अना राजा गीनको पुढा उभा कियो जाहो, असो परकार लक उन पर गवाही होयेत।10पर जरुरी से की पुढा साजरो बारता सब देस गीनमा आयकवायो जाहेत।11जबा वय तुमला ले जायके कचहरी मा सोपेत, ता पयले लक चिन्ता नोको करने की आमी काजक कव्हबिन पर जोन काही तुमला ओना बेरा सांगोसे वोच कव्हने। काहेकि बोलन वारा तुमी नही सेव, पर पवीतर आतमा से।12भाऊ ला भाऊ अना बाप ला टूरा मार डाकन ला सोपेत, अना लेकरागीन माय- बाप को खिलाप मा जायके उनला मरवाय डाकेत।13अना मोरो नाव को कारन सबच लोकगीन तुमी लक बैर करयेत, पर जोन अन्त तकन धीरज धरयो रहेत, वोकोच सूटकारा होयेत।
मोठो आफद की बेरा
14एकोलाय जबा तुमी ओनो “उजाड़नवारी बेकार चीज” ला जोन साजरो नहात, उता उभी चोवो, जहान वोको होवनो साजरो नहात। एला बाचनवालो समझ लेहे, तबा जो यहुदिया नगर मा होहे, वय पहाड़ मा पराय जाय,15जोन छत मा होयेत, उ आपरो घर लक काही लेवन ला खाल्या नोको उतरे अना भीतर जाये,16अना जोन खेत मा होहेत, उ आपरो कपरा लेवन को लाई मंघा नोको मुरके।17ओनो दिवस मा जोन पोट लक अना दुध पिलावन वारी होहेत, उनको लाई हाय से।18अना पिराथना करो की असो थन्डी मा नोको होय।19काहेका वय दिवस असो आफद होयेत, जसो परमेस्वर ना दुनिया बनायो से तब लक अबा तकन नही भयो से। ना ता कभ्भू होयेत।20अदी पिरभु उन दिवस ला कम नही करतो त कोनी नही बचतो पर ओनो बेचयो हुयो को मानूस को कारन जिनला ओना बेचीसेस, ओनो दिवस ला घटाइसेस।21ओनो बेरा अदी कोनी तुमिलक कहे, चोवो, मसीह इता से या उता से, त भरोसा नोको करने22काहे की खोटो मसीहा अना खोटो भविस्यवक्ता उभो होयेत, अना निसान आना अचँभा काम चोवाहेत की अदी होय सके ता बेचयो हुया ला भी भरमाहेत।23पर तुमी सतरक रव्हने, मिना तुमला सबच गोस्टी पयले लक साँग देईसेउ।
मानूस को टूरा को आवनो
24“ओनो दिवस मा दुख को मंघा दिन अँधारो भई जाहेत” अना चँदा को उजाड़ो नही होहेत।25अना बादल लक तारागीन पड़ेत, अना बादल को सक्ति हिलायो जाहे।26तबा लोक मानूस को टूरा ला मोठी ताकत अना महिमा को सँगा बादल मा आवता चोव्हेत।27ओनो बेरा उ आपरो सरग दूत गीनला धाड़के, धरती को एकछोर लक धरती को दुसरो छोर तकन, चहु दिसा लक आपरो निवाड़ो लोकगीन ला जमा करयेत।
अँजीर को झाड़ को हाना
28अँजीर को झाड़ लक यो हाना लक यो सिक्सा सीको, जबा ओकी डार मुलाम होय जासेत, अना पत्ता हिटासेत, ता तुमी जान लेसो की गरमी जवर आय गई से।29येने रिती लक जबा तुमी यो गोस्टी ला होता चोव्हो, ता जान लेव की बेरा जवर च नहाय, पर बेसकुड़ मा से।30मि तुमी लक खरो कव्हसू, की जबा तकन यो सबच गोस्टी पूरी नोको होय जाय, तबा तकन यो पीढी को लोकगीन बनयो रहेति।31बादल अना धरती टल जायेत, पर मोरी गोस्टी कभ्भूच नही टलेत।
ओनो बेरा को कोनीला पता नहात
32“वा बेरा कब आहे कोनीला पता नहात? न सरग को दूत अना ना टूरा पर सीरप परमेस्वर बाबूजी।”33देखो, जागत रव्हो अना तैय्यार रव्हने, काहेकि तुमीला पता नहात का वा बेरा कब आहे?34यो उ मानूस को दसा जसो से, जोन परदेस ला जातो बेरा आपरो घर ला सोड़के जासे, आपरो दास ला हक देसे, अना हर कोनीला ओको काम देवासे अना चौकीदार ला जागन को हुकूम देवासेत।35एकोलाय जागत रव्हो, काहेकी तुमीला पता नहात की घर को मालिक कबा आहे? सन्जा ला या अरधी रात या कुकड़ा को चिल्लान को बेरा, या पहट ला या दिवस हिटन को बेरा।36असो नोको होय की उ आहे अना तुमला झोपत पाहे।37एको लाई मि जो तुमला कव्हसु, तुम सब लक कव्हसु, जागत रव्हो!