1सुनव कि यहोवा ह का कहत हे:“उठव, अऊ पहाड़मन के आघू म मोर मामला ला रखव;पहाड़ीमन सुनंय कि तुम्हर का कहना हे।2“हे पहाड़मन, यहोवा के दुवारा लगाय आरोप ला सुनव;हे धरती के अटल नीव, तुमन घलो सुनव।काबरकि यहोवा के अपन मनखेमन के बिरूध एक मामला हवय;ओह इसरायल के बिरूध एक मामला दायर करत हवय।3“हे मोर मनखेमन, मेंह तुम्हर संग का अनियाय करे हवंव?मोला बतावव कि मेंह तुम्हर ऊपर का बोझ डारे हवंव?4मेंह तुमन ला मिसर देस ले बाहिर निकालेंवअऊ तुमन ला गुलामी के देस ले छोंड़ांय।मेंह तुम्हर अगुवई करे बर मूसा ला पठोंय,हारून अऊ मिरियम ला घलो पठोंय।5हे मोर मनखेमन, सुरता करवमोआब के राजा बालाक ह का सडयंत्र करे रिहिसअऊ बेओर के बेटा बिलाम ह का जबाब दीस।सित्तीम ले गिलगाल तक अपन यातरा ला सुरता करव,ताकि तुमन यहोवा के धरमी काममन ला जान सकव।”6में यहोवा के आघू म का लेके आवंवअऊ महिमामय परमेसर के आघू म दंडवत करंव?का में होम-बलिदान बर एक-एक साल के बछरू लेकेओकर आघू म आवंव?7का यहोवा ह हजारों मेढ़ा,अऊ जैतून तेल के दस हजार नदीमन ले खुस होही?का में अपन अपराध के पछतावा करे बर अपन पहिलांत बेटा ला बलिदान करंवया अपन आतमा के पाप बर अपन जनमाय कोनो ला बलिदान करंव?8हे मरनहार मनखे, ओह तोला देखाय हवय कि का ह बने अय।अऊ यहोवा ह तोर ले का चाहथे?नियाय के काम करव अऊ दया करे बर झन छोंड़वअऊ अपन परमेसर संग नमरता से चलव।
इसरायल के अपराध अऊ दंड
9सुनव! यहोवा ह सहर ला बलावत हे—अऊ तोर नांव के भय मनई ही बुद्धिमानी ए—“लउठी अऊ येला ठहिरानेवाला के बात ला धियान देके सुनव।10हे दुस्ट घर, का में अब घलो तोर दुस्टता ले कमाय धन,अऊ ओ छोटे नाप ला बिसरा दंव, जऊन ह सरापित अय?11का में कोनो ला बेईमानी के नाप,अऊ गलत वजन के थैली के संग छोंड़ दंव?12तोर धनी मनखेमन हिंसा करथें;तोर निवासीमन लबरा अंयअऊ ओमन धोखा देवइया बात करथें।13एकरसेति, मेंह तुम्हर पाप के कारनतुमन ला नास करई, तुम्हर पतन करई सुरू कर चुके हंव।14तुमन जेवन तो करहू पर मन ह नइं भरही;खाय के बाद घलो तुम्हर पेट ह खाली रहिही।तुमन जमा तो करहू पर कुछू घलो नइं बांचही,काबरकि तुम्हर जमा-पूंजी ला मेंह तलवार ले लुटवा दूहूं।15तुमन अनाज के बोवई तो करहू, पर फसल नइं काटहू;तुमन जैतून के तेल तो निकालहू, पर ओ तेल के उपयोग नइं कर सकहू,तुमन अंगूर ला तो कुचरहू, पर ओकर मंद ला पी नइं सकहू।16तुमन ओमरी राजा के बिधि-बिधानअऊ अहाब राजा के घर के जम्मो रीति-रिवाजमन ला पालन करे हव;तुमन ओमन के परंपरा के घलो पालन करे हव।एकरसेति मेंह तुम्हर बिनास कर दूहूंअऊ तुम्हर मनखेमन के ठट्ठा करे जाही;तुमन जाति-जाति के मनखेमन के अपमान सहिहू।”