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अगुवा अऊ अगमजानीमन ला दबकारे जवई

1तब मेंह कहेंव,“हे याकूब के अगुवामन, सुनव,हे इसरायल के सासन करइयामन, सुनव।का तुमन ला नियाय के काम नइं करना चाही,2तुमन जऊन मन भलई ले घिन करथव अऊ बुरई ले मया करथव;तुमन, जऊन मन मोर मनखेमन के चमड़ीअऊ ओमन के हाड़ा म ले मांस ला चीथ लेथव;3तुमन, जऊन मन मोर मनखेमन के मांस खाथव,ओमन के खाल खींच लेथवअऊ ओमन के हाड़ामन के कुटा-कुटा कर देथव;तुमन, जऊन मन ओमन ला कराही म रंधइया मांसया बरतन म रखे मांस के सहीं काट डारथव?”
4तब ओमन यहोवा ला पुकारहीं,पर ओह ओमन के नइं सुनही।ओमन के दुस्ट काम के कारनओ बेरा ओह अपन मुहूं ला ओमन ले छुपा लीही।5यहोवा ह ये कहिथे:“ओ अगमजानीजऊन मन मोर मनखेमन ला भटका देथें,कहूं ओमन ला खाय बर कुछू मिलथे,तब ओमन सांति के घोसना करथें,पर जऊन मनखे ह ओमन ला खवाय बर मना करथे,ओकर बिरूध म लड़ई करे बर तियार हो जाथें।6एकरसेति बिगर दरसन के तुम्हर ऊपर रथिया आ जाहीअऊ बिगर सकुन-बिचार के तुम्हर ऊपर अंधियार छा जाही।अगमजानीमन बर बेर ह बुड़ जाही,अऊ दिन रहत ओमन ऊपर अंधियार छा जाही।7अगम के बात ला देखइयामन लज्जित होहींअऊ सकुन-बिचार करइयामन कलंकित होहीं।ओमन जम्मो लाज के मारे अपन मुहूं ढांप लीहींकाबरकि ओमन ला परमेसर ले कोनो जबाब नइं मिलही।”8पर जहां तक मोर बात ए,मेंह यहोवा के आतमा के संग सक्ति लेअऊ नियाय अऊ बल ले भरे हंव,ताकि याकूब ला ओकर अपराध,अऊ इसरायल ला ओकर पाप बता सकंव।
9हे याकूब के अगुवामन, ये बात ला सुनव,हे इसरायल के सासन करइयामन, सुनव,तुमन जऊन मन नियाय ला तुछ समझथवअऊ जम्मो सही बातमन ला बिगाड़थव;10तुमन जऊन मन सियोन ला खून-खराबा ले,अऊ यरूसलेम ला दुस्टता ले भरथव।11ओकर अगुवामन घूस लेके नियाय करथें,ओकर पुरोहितमन दाम लेके सिकछा देथें,अऊ ओकर अगमजानीमन पईसा बर सकुन-बिचार करथें।तभो ले ओमन यहोवा के मदद के आसा करत कहिथें,“का यहोवा हमर बीच म नइं ए?कोनो बिपत्ति हमर ऊपर नइं आही।”12एकरसेति तुम्हर कारन,सियोन ला कोनो खेत के सहीं जोते जाही,यरूसलेम ह गोटी-पथरामन के कुढ़ा हो जाही,अऊ मंदिर के पहाड़ी ह झाड़ीमन ले भरके एक टीला बन जाही।