1“गुनो ना लगाड़ो, ता गुनो तमारी पोर बी नी लगाड़े।2काहाके जे रीते तमु गुनो लगाड़ो, तीहयी रीते तमारी पोर बी गुनो लगाड़हे; अने जे माप सी तमु मापहु, ते माप सी तमारी वाटु बी मपायहे।”3“तु ह़ुका तारा भाय ना डोळा मे वाळु कचरु देखे, अने तारा डोळा मे वाळु खटकु तने नी देखातु।4तु तारा भाय ने कीकम की सकत्लो, ‘लाव’ मे तारा डोळा मे गेथु कचरु नीकाळ देम, पण देख, खटकु ते तारा डोळा मे से?”5ए ढोंगड़ा करन्या, पेले आह़फा ना डोळा मे वाळु खटकु नीकाळ ले, ता तारा भाय ना डोळा मे वाळु कचरु नीकाळवा करीन वारु देख सकही।6“चोखली चीज कुतरा ने ना आपो, अने आह़फाम ना मोती ह़ुवर्या ना अगळ ना नाखो, कंखर ईसम नी हय जाय के तीहया तीने तीमना पोगु तळे डाबहे अने पासा फीरीन तमने फाड़ देहे।”
13ह़ाकड़ला झापले माय्न चालो, काहाके चवड़लो रोहो से तीहयो रोहो अळी वारु से तीहयो रोहो नास भणी लीजत्लो से; अने ढेरेत से जे तीनी सी चालत्ला से।14काहाके ह़ाकड़ु से तीहयु झापलु अने काठो से तीहयो रोहो जे जीव ने तां ली जाय; अने थोड़ाक से जे तीने हात करे।