3जत्यार हयु जेतुनेन बयड़ा पर बसी रवलु, ती चेला एखलात ईसु धड़े आवीन कह्या, “हामुक बताड़ की जी वात कत्यार हवसे? तारो आवणेन ने कळीन खत्तम हवणेन काय सहलाणीरवसे।”4ईसु तीनुक जपाप आप्यु, चेतीन रवु! तुहुंक कुय बी भटकाड़नु नी चाहजे।5काहाकी बेसका माणसे असा रवसे चे मार नाव सी आवीन कह्वसे, मे मसी छे! ने बेसका काजे भटकाड़ी देसे।6तुहुं लड़ाय पर लड़ायन वात सामळसु, ती घाबरायु घुण, काहाकी असो ते हवण्यत छे, बाकुन तीनी टेमे कळजुग सरनु नी हय।7काहाकी जाती पर जाती, ने राजे पर राजेन माणसे भेळा हयन लड़ाय करसे, ने जागे-जागे काळ पड़से, ने धरती धदड़ीन फाट जासे।8जी आखी वात हीड़ा-पीड़ान सुरुवात हवसे।9तत्यार चे एला पाड़ने करीन तुहुं काजे धराय देसे, ने तुहुंक मार नाखसे, ने तुहुं मारी वात सामळसु ने मार नावेन वजे सी आखी जातीन माणसे तुंद्रा वेरी रवसे।10तत्यार बेसका माणसे मारे पर सी भुरसु करनु छुड़ देसे, ने एक दीसरा काजे धराड़से, ने एक दीसरा सी वेरी रवसे।11बेसका लुच्चा भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखाड़न्या उठीन हुबा हवसे, ने बेसका माणसे काजे भटकाड़से।12पाप अदणे सी बेसका माणसेन परम छे चु सेळाय जासे,13बाकुन जु मरता लग गम खासे, तेरुत छुटकारु हवसे।14भगवानेन राजेन ज्य खुस-खबर आखी कळी मां माणसे परचार करसे, ने सामळावसे, काहाकी चे आखी जाती मां गवा बण जाय, तत्यार कळजुग सरनेन टेम आय जासे।
मट्ली गरान सुरुवात
15तेरेमां जत्यार तुहुं तीनु उजाड़ने वाळी वात ने भुंडीत चीज काजे तेरी वात दानीयल भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखाड़न्यान साहरे हवली, चु चुखली जागा मां उबु हय रवलु देख्यु, जे भणे, चे समजे।16तत्यार चे यहुदीया जीला मां रवे चे बयड़ा मां ढास जाय।17जे घरेन बमड़ा पर रवे, चे आपणा घर मां समान लेणे घुण उतरु;18ने जे कदी खेत मां हय, चे आपणा पुथल्या लेणे पछा घुण आवु।19तीनु दाहड़ा मां जी भारीस ने दुत धावाड़ती हसे, तींद्रे वाटे बेसकी, दुखेन वात छे।20दुवा करता रहु काहाकी सीयाळान दाहड़ा मां, ने आरामेन दाहड़े ढासणु नी पड़े।21काहाकी तीनी टेमे मां असी भारी एला हवसे, जसों हीनी कळीन सुरु सी हय लग नी हयो ने कदी तसों हवसे।22कदी दाहड़ा नी कम करता ती, काहनु बी जीव नी बचे, बाकुन नेवाड़ला माणसेन वजे सी चे दाहड़ा कम हय जासे।23तीनी टेमे मां कदी कुय बी तुंद्रे सी कह्वे, की देखु, मसी जां छे! नीते वां छे! ती भुरसुघुण करु।24काहाकी लुच्चा मसी ने लुच्चा भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखाड़न्या उठीन उबा हय जासे, ने मट्ली सहलाणी, ने बेसका मटा-मटा काम देखाड़से कदी हय सके ते नेवाड़ला काजे बी भटकाड़ देसे।25देखु, मे पेहलुत तुंद्रे सी जी आखी वात कय देदु।26तेरेमां कदी चे तुंद्रे सी कह्वे, देखु, हयु ते बयड़ा मां छे! ती बाहार घुण नीकळी जावु, नीते देखु, हयु ते खुणा कपरा मां छे, ती तुहुं भुरसु घुण करु।27काहाकी जसी वीजळी उगवणीसी नीकळे ने बुडवणी लग वीजळे, तसोत माणसेन पुर्यान बी आवणु हवसे।28जां लास रवे, चांहान मटला घुवड़ा बी भेळा हवसे।
माणसेन पुर्यान पछु आवणेन बारामां
29तीनु दाहड़ा मां गरा आवणेन तत्यारुत पछेन दाहड़ु उलवाय जासे ने चांदेन वीजाळो खत्तम हय जासे, ने तारा छे चे सरग सी भुयमां हीट पड़से ने सरगेन आखो ताकुतेन काम सी हाल जासे।30तत्यार माणसेन पुर्यान सहलाणी सरग मां देखाय जासे ने तत्यार कळीन आखी जातीन माणसे छाती ठुकीन रड़से; ने माणसेन पुर्या काजे मट्ली ताकत ने सेक-सींगार साते वादळा मां आवतेलु देखसे।31चु फेप्यान मट्ली आवाज भेळु आपणा सरग वाळा काहवाळ्या काजे मकलसे, ने चे कळीन उपर एक खुणा सी दीसरा खुणा लग, चारे-मेर सी तेरा नेवाड़ला काजे भेळा करसे।
अंजीरेन झाड़कान दाखलु
32“अंजीरेन झाड़का सी गुयु दाखलु सीकु। जत्यार तीनी डाळ मां कवळा डीरा फुटणे लग जाय ने नवला पान्टा नीकळने बाजी जाय, ती तुहुं जाण जावु की हय उंडाळु आवणे वाळु छे।”33एरेत तसोत जत्यार तुहुं हीनु आखी वाते काजे देखु, ती जाण लेजु की तेरो आवणेन टेम धड़ेत छे, बाकुन बारना मां आय गुया।34ने तुहुंक छाचलीन कहो की जी आखी वात ईनी पीड़ीन माणसेन मरनेन पेहलुत हवसे।35सरग ने धरती टळ जासे, बाकुन मारी वाते कदी नी टळे।