1ईसु काना अराम ना दाड़े गम ना खेतर माय्न जवा बाज रेलो। ता तीमना चेलाम ने भुक लागी, अने तीहया उंब्या तोड़ी-तोड़ीन खावा बाज ज्या।2आहयु देखीन फरीसी पंथवाळा ईसु ने केदा, “देख, जे काम अराम ना दाड़े करवा वारु नी हय, तीहयुत काम तारा चेला कर र्या।”3ईसु तीहया फरीसी माणहु ने केदो, “खरला सास्तर मे तमु नी भण्या ह़ु? के जत्यार दावुद राजा अने तीना ह़ाती ने भुक लागी ता तीहया ह़ु कर्या?4तीहया भगवान ना तम्बु मे जाय्न भेट चड़ावला रोट्ला खादा, अने नीस्ता भगवान ना पुंजारा ने सोड़ीन तीने अने तीना ह़ाती ने रोट्ला खावा ताले नी हतु।”5नीता, मुसा नी लारे लीखली सास्तर मे तमु नी भण्या ह़ु? के भगवान ना मंदीर ना पुंजारा अराम ना दाड़ा नो नेम तोड़ीन बी तीहया वण-गुनाळ्ळा ठेर्या।6“मे तमने केम, जे आञे ह़ारीक से तीहयो मंदीर गेथो बी मोटो से।7कदीम तमु सास्तर मे लीखली आहयी वात ह़मजी जता के ‘मे माणहु मे गीण देखवा हींडु, जानवरु ने मारीन बादा नी जोवती’ ता वण-गुनाळ्ळा ने गुनाळ्ळा नी ठेरावता।8काहाके मनख्या नो सोरो अराम ना दाड़ा नो मालीक से।”
ईसु ह़ुकला हात वाळा ने वारु करे
9अने अळतेण ईसु तां गेथो अगो ज्यो, अने भगवान ना भक्ती ना घोर मे ज्यो।10तां एक माणेह हतो, तीनो हात ह़ुक जेलो हतो। ईसु पोर गुनो लगाड़वा करीन फरीसी माणहु तीने पुछ्या, “अराम ना दाड़े कोयने वारु करवा तालेत से ह़ु?”11ईसु तीमने केदो, “कदीम तमारु एकीत गाडरु हय, अने तीहयु खाडा मे पड़ जाय, ता तमारी माय्न एवु कोय से, जे अराम ना दाड़े तीने धरीन नी नीकाळे?12माणेह ते गाडरा गेथो घणो मोगो से। एतरे अराम ना दाड़े भलाय करवा तालेत से।”13ता तीहयो ते माणेह ने केदो, “तारो हात नाम्बो कर।” अने तीहयो आह़फा नो हात नाम्बो कर्यो, अने तीहयो हात वारु हय ज्यो। अने बीजा वारला हात ने तेवो हय ज्यो।14एतरे फरीसी पंथवाळा बारथा नीकळीन ईसु ना वीरोद मे आहयो वीच्यार कर्या आमु आने कीसम करीन मारया?
भगवान नो टाळलो पावर्यो
15ईसु आहयु जाण ज्यो अने तां गेथो चाल पड़्यो। अने घण ढेरका माणहु ईसु पसळ चाल पड़्या। तीहयो आखा ने आरगो करतो हतो।16बाखीन तीहयो तीमने आहयु कीन चेतावतो हतो के “तमु मारु नाम लीन बीजा माणहु अगळ उजन्तो नी करजो।”17आहयु एतरे हयु के भगवान वगे गेथी वात केण्या माणहु यसाया नी लारे जे मालीक केदलो हतो, तीहयु पुरु हये:18आहयो मारो चाकर्यो से, आने मे टाळलो से; आहयो मारो घणो मोंगाळ्ळो से, मे आनी पोर घणो खुस से। मे आनी मे मारी आत्मा भर देही। अने आहयो आखा देस ना माणहु ने ह़ाचलीन नीयाव नी खुस-खबर करहे।19तीहयो नी झगड़ो करे, अने नी धुम मचाड़हे; अने नी हाट मे कोय बी आनो बोल नी ह़मळे।20आहयो कचराय्ली वाहण ने नी तोड़े। अने ओलायत्ला दीवा ना बाम्ळा ने अगोत नी ओलवे। जत्यार लग आहयो ह़ाचलीन नीयाव करीन जीक नी अपाड़े, तां लग पासो नी सोड़े।21तत्यार आखा देस ना माणहु आना नाम नी आह करहे।
ईसु अने डखी भुतड़ो बालजबुल
22अळतेण माणहु एक आंदळा माणेह ने ईसुन्तां लाया, तीहयु गुंगु बी हतु। अने भुत लागलु हतु। ईसु तीने आरगो कर्यो। अने तीहयो बोलवा अने देखवा बाज ज्यो।23आखा माणहु वहराय्न ईसु ना बारा मे केवा बाज ज्या, “आहयो दावुद नी अवल्यात हयवा जोवे ह़ु?”24पण आहयी वात ह़मळीन फरीसी पंथवाळा केदा, “आहयो ते भुत ना मुखी बालजबुल नी मदत सी भुत ने नीकाळे।”25ईसु तीमना वीच्यार जाणीन तीमने केदो, “जे राज मे बेरजाव पड़ जाय तीहयु कदी नी टेके। एमेत तीहयु घोर नीता ह़ेर बी नी टेके, जीनी मे बेरजाव पड़ जाय।26कदीम भुतड़ोत आह़फा ना वीरोद मे हय जाय ता तीनु राज कीकम टेकलु रेहे?27अने कदीम मे भुतड़ा नी मदत सी भुत ने काडु ता तमारा सोरा कोयनी मदत सी भुत काडे? एतरे तीहया तमारो नीयाव करहे।28पण कदीम मे भगवान नी जीव आत्मा नी ज्योरे भुतड़ा ना जोमु ने काडु, ता जाण लेवो के भगवान नु राज तमारी वच मे आय जेलु से।”29कोय बी माणेह काना बी जोर वाळा माणेह ना घोर मे भराय्न ह़मान नी लुट सके जत्यार तक तीहया ते जोर वाळा माणेह ने बांद नी लेय। अने जत्यार तीहयो ते जोर वाळा ने बांद लेय, तत्यार तीहयो तीना घोर मे भराय्न ह़मान लुट सके।30“जे मारी ह़ाते नी हय, तीहयो मारा वीरोद मे से, अने जे मारी ह़ाते भगवान गेथा सेटा हयला माणहु ने भेळा नी करे, तीहयो तीमने रीवण्या-तीवण्या कर र्यो।”31एतरे मे तमने केम, माणहु ने आखी भाती ना पाप नी लेदे माफी जड़ जहे; आंया लग के भगवान नो जबराण वाक काडे तीने बी माफी जड़ जहे, पण भगवान नी चोखली आत्मा नो वाक काडे ता तीने माफी नी जड़े।32जे कोय मनख्या ना सोरा ना वीरोद मे कंय केहे, तीने माफी जड़ जहे। पण चोखली आत्मा ना वीरोद मे कंय केहे, तीने माफी नी जड़े। आहयी कळी मे बी माफी नी जड़े, अने आव्वा वाळी कळी मे बी माफी नी जड़े।
झाड़ अने तीनु फोळ
33कदीम एक झाड़ वारु हय, ता तीना फोळ बी वारु रेहे, अने कदीम एक झाड़ खोड़लु रेय, ता तीनु फोळ बी खोड़लुत रेहे, काहाके एक झाड़ नी ओळखाण तीना फोळ सी हये।34ए गड़हा ना सोरा! तमु बुरा हय्न बी वारली वात कीसम की सके? जे तमारा मन मे भरलु से, तीहयुत तमारा मोडा मे गेथु आवे।35वारलु माणेह आह़फा ना वारला मन ना खजाना मे गेथी वारली वात नीकाळे; अने खोड़लो माणेह आह़फा ना खोड़ला मन ना खजाना मे गेथी खोड़ली वात नीकाळे।36एतरे मे तमने केम, “नीयाव ना दाड़े माणहु ने आह़फाम नी एक-एक रीकामी वात नो लेखो आपु पड़हे।37काहाके तमु आह़फाम नी वात नी लारेत वण-गुनाळ्ळा अने गुनाळ्ळा ठेरहु।”
ह़रग नी सेलाणी नी मांग
38तीहयी टेमे थोड़ाक चोखली सास्तर ह़ीकाड़न्या, अने फरीसी पंथवाळा ईसु ने केदा, “मास्तर! आमु तारी लारे एक उजन्ती सेलाणी देखवा हय र्या।”39पण ईसु तीमने केदो, “आहयी पीड़ी ना कुहर्या अने छीनाळ्या माणहुत एक सेलाणी देखवा हींडे, पण भगवान वगे गेथी वात केण्या माणेह योना नी सेलाणी ने सोड़ीन कानी बी सेलाणी आमने नी देखाव पड़े।”40जीसम योना तीन दाड़ा मे अने तीन रात मे राकस माछला ना पेट मे रेलो, तेमेत मनख्या नो सोरो धरती मे रेहे।41नीयाव ना दाड़े नीनवे ह़ेर ना माणहु आहयी पीड़ी ना माणहु ह़ाते जीवता हयहे, अने आमने गुनाळ्ळा ठेरावहे। काहाके तीहया योना नी लारे भगवान नी केदली वात ह़मळीन, पापु भणी गेथु मन फीरवीन भगवान गवा वळला हता, अने देखो, आञे ते योना गेथो बी घणो मोटो से।42नीयाव ना दाड़े दखणाव देस नी राणी आहयी पीड़ी ना माणहु ह़ाते जीवती हय जहे, अने आहयी पड़ी ना माणहु ने गुनाळ्ळा ठेरावहे; काहाके तीहयी सुलेमान राजा नी अक्कल वाळी वात ह़मळवा करीन धरती नी काकड़ गेथी आवली, अने देखो, आञे ते सुलेमान राजा गेथो बी मोटो से!