1पछेन असो हयो की ईसु भगवानेन राजेन खुस-खबर माणसे काजे सामळावतु जाय्न सहर-सहर ने गांव-गांव फीरने लाग्यु, ने बारे चेला तेरे पुठ्ये हतला।2ने थुड़ाक ईसु पर भुरसु करन्या बायरा बी हतला, तीनुक ईसु भुतड़ान आत्मान कब्जाम ने मादवाड़ कब्जाम सी छुड़ावीन, ने चां तींद्रे मायन, मरीयम, तेरो नाव मगदलनी हतलो, ने तेरेमां सी ईसु सात भुतड़ान आत्मा नीकाळलु।3ने राजा हेरोदेसेन मंत्री खुजान घरवाळी योअन्ना ने सुसन्ना, बेसका दीसरा बायरा आपसा पयस्या आपीन ईसुन ने तेरा चेलान चाकरी करतेला।
बीज एरनेन वाळान दाखलु
4जत्यार बेसकु मटु माणसेन टुळु, भेळु हवणे बाजी रवलु, ने सहर-सहर मां सी माणसे ईसु धड़े आवणे बाजी रवला तीनी टेम मां ईसु ज दाखलु सामळायु:5काहनुक किरसाण माणुस बीज एरने गुयु, ने एरता एरतान थुड़ाक बीज वाट पर पड़्या। चे बीज माणसेन पाय तळे कुचाय गुया ने सरगेन चिरला आवीन तीनु बीज काजे ईछीन खाय गुया।6ने थुड़ाक बीज चापर्या वाळी जागाम पड़्या। ने पाणी नी जड़्यो, अतराम चे उंगी गुया ने चीमायन सुकी गुया।7ने थुड़ाक बीज काटासळ्या झाड़का मां पड़्या, ने काटासळ्या झाड़का मटा हय्न तीनु उंगला बीजेक दड़पी देदा; ने मेर नी पाकी।8ने थुड़ाक बीज वारलु जागाम पड़्या, “ने चे उंग्या ने सोव गुणा फळ लाया।” अतरो कय दीन अळी ईसु जुर सी आयड़ीन कह्यु, “जतरा बी सामळी र्या, चे वारु सामळीन समजणु चाहजे।”
ईसु दाखलान बारामां काहा वात सीकाड़े
9ईसुन चेला ईसु सी असा पुछ्या, “ईना दाखलान मतलब काय छे?”10ने ईसु तीनुक कह्यु, तुहुं काजे भगवानेन राजेन सातायली वात जाणनेन समज भगवान आपलु छे, पर तुहुंक छुड़ीन दीसरा काजे दाखलान साहरे भगवानेन वात सामळावो, हेरेसी की तीनुक देखीन बी वारु नी देखाये तसों, ने सामळीन बी, नी समजे।
ईसु बीज एरने वाळान दाखलु समजाड़े
11दाखलान मतलब ज छे; बीज भगवानेन बुल छे।12ने वाटे पर पड़ला बीज तीनु माणसेन सहलाणी छे; जे भगवानेन बुल सामळे ते खरा, बाकुन भुतड़ु आवीन तींद्रा मनेम सी भगवानेन बुल ईछी ली जाय, कांखुर मायन असो नी हय जाय की चे भुरसु करीन छुटकारु हात कर लेय।13चापर्या वाळी जागा पर पड़ला बीज, तीनु माणसेन सहलाणी छे, जे भगवानेन बुल सामळतात खुस हय्न मानी लेय, बाकुन तींद्रा जड़े उंडा नी धरने सी चे थुड़ाक दाहड़ा लग भुरसु करे, ने पारखणेन टेम आवे, ती भुरसु छुड़ देय।14जे बीज काटाळ्या झाड़काम पड़्या, चे बीज तीनु माणसेन सहलाणी छे, जे भगवानेन बुल सामळे ते खरा, बाकुन अगा जाय्न चे ईनी जीवनेन फीकुर मां, ने माल धन कमायणे मां, ने ईनी जीवनेन मुजा मस्ती मां भेसकायन ने भगवान आपलु तीनी जीवनेन पुरो फळ नी लावे।15ने वारलु जागाम पड़ला बीज, तीनु माणसेन सहलाणी छे, जे भगवानेन बुल सामळीन भुळा ने वारु मन मां जापताये मेले, ने भगवान काजे गमे तसों काम करता जाय्न दम धरीन भगवान वाटे जलम पुरो फळ लावे।
दिवान दाखलु
16कुय बी दिवु धपाड़ीन ठाहरा तळे नी मेके, ने नी खाट्ली तळे मेके, बाकुन चु तीनाक दीवाळ्या मां मेके, तेरे वाटे माहें आवणे वाळा माणसे काजे वीजाळा मां वारु देखाये।17असो काय बी सातायलो नी हय, च उजेंतो नी हवे, ने असो काय बी ढाकायलो नी हय, च उजन्तो नी हवे।18“तेरेमां तुहुं हेरा बारामां चेतीन रहु की तुहुं कसा सामळु? काहाकी जेरे धड़े काहींग छे, तीना काजे अळी बी आप देसे; ने जेरे धड़े काय नी हय, तेरे धड़े जो बी हसे चो बी पछु ली लेसे, तीनाक चु आपणोत समजे।”
ईसुन माय ने भायस
19ईसुन माय ने भाय तीनाक भेळा हवणे आया, बाकुन बेसकी गड़दी हतली, चे तीनाक भेळा नी हय सक्या।20ने माणसे ईसुक असा कह्या, “तारी माय ने तारा भायस बाहर उबा हय रया, चे तुसेक बाहर भेळा हवणे हींडे।”21ईसु तीनु माणसे काजे असु कह्यु, “मारी माय ने मारा भायस जेत छे, जे भगवानेन बुल सामळे, ने माने।”
ईसु आंधी काजे हुगु राखे
22एक दाहड़ु ईसु आपसा चेला काजे असु कह्यु, “चालु आपणु दरीयान पली धड़े जाजे।” ने चे ढंड्या मां बस गुया, ने पली धड़े जाणे बाजी गुया।23ढंड्यो पाणी मां जाणे बाजी रवलो, ने ईसु सुय गुयु; तीनी टेमे दरीया मां आंधी आवी, ने ढंड्या मां पाणी भरायणे बाजी गुयो, ने चे आफत मां पड़ गुया।24तत्यार चेला ईसु धड़े आवीन तीनाक जागाड़्या ने कह्या, “ए मालीक! ए मालीक! हामु डुबणे बाजी र्या।” तत्यारुत ईसु जाग गुयु, ने चु आंधी काजे ने दरीयान झलक काजे झीचकार्यु, ने आंधी ने दरीयान झलक सेळी पड़ गुय।25ने ईसु आपसा चेलाक असु कह्यु, तुंद्रु भुरसु कां छे? बाकुन चे बीही गुया, ने चे चकराय गुया, ने चे-चेत असा कह्या, “जु असु काहनु माणुस छे? चु आंधी ने पाणी काजे लग हुकुम आपे, ने चे हेरी वात माने।”
ईसु भुतड़ा भरायला माणुस काजे वारु करे
26अळी चे ढंड्याम सी उतरीन गीरासेन्यान ईलाका मां पुग्या, ज गलीलेन दरीयान पली धड़े हतलो।27ईसु जसु ढंड्याम सी उतर्यु, तत्यार तीना सहर वाळु एक माणुस ईसु धड़े आयु। तेरे बेसका भुतड़ा लागी रवला। ने चु बेसका दाहड़ा सी पुथल्या नी पेहरतेलु, ने घर मां नी रवतेलु, बाकुन मसाण्या मां रया करतेलु।28भुतड़ान आत्मा लागली माणुस ईसु काजे देखीन आयड़ी पड़्यु, ने पाये पड़ीन जुर सी असु कह्यु, “ए आखान डाहला जुर भर्या भगवानेन पुर्या ईसु! मार साते तारो काय काम छे? मे तारे धड़े लीलघायो की, मेसेक वेला मां पाड़े।”29भुतड़ान आत्मा तेरे अळी-अळीन चस्टी जातला, ने तीना माणसे काजे आपसा कब्जा मां कर लेदला; अतरोत नी बाकुन, माणसे तीना माणसे काजे साकळ्या ने कड़ा, सी बांदीन कब्जाम करतेला, तेबी चु, चे साकळ्या ने कड़ा तुड़ देदलु, ने ची आत्मा तीना माणसे काजे उजाड़्या बयड़ा मां, जां-चां लीन फीरतेला। ईसु भुतड़ान आत्मा काजे तीना माणुस मां सी नीकळनेन हुकुम आप्यु।30ईसु तीना माणसे काजे पुछ्यु, “तारो नाव काय छे, चु कह्यु ‘सेना’ काहाकी तीना माणुस मां बेसका भुतड़ा भराय रवला।”31ने तीना माणसेम भरायला भुतड़ान आत्मा, ईसु काजे अळी-अळीन असी वीन्ती कर्या: हामुक मापाये नी तसला उंडला डहराम जाणेन हुकुम मां आपे।32चां बयड़ा पर सुहर्यान एक बेसकु मटु टुळु चरने बाजी रवलु। अतरे तीना माणसेम भरायली आत्मा ईसु धड़े असी वीन्ती कर्या, “हामुक सुहर्या मां भरायणेन हुकुम आप दे। अतरे ईसु तीनु भुतड़ान आत्मा काजे हुकुम आप देदु।”33तत्यार भुतड़ान आत्मा तीना माणुस मां सी नीकळीन सुहर्या मां भराय गुया, ने चु सुहर्यान टुळु जुर सी ढासीन कड़खाम सी दरीया मां कुद पड़्यु ने पाणी मां डुबीन मर गुयु।34ज देखीन सुहर्या काजे चारने वाळा ढास गुया, ने चे सहरेम ने गांव मां जाय्न ज बी हयो तेरे बारामां कय देदा।35ने ज हयो च देखणे करीन सहर वाळा माणसे सहरेम सी नीकळीन आया, ने चे ईसु साते आवीन तीना माणसे काजे देख्या, तीनाम सी ईसु भुतड़ान आत्मा नीकाळु हतलु, चु माणुस पुथल्या पेहरीन हुगु हय्न, ईसुन पाय धड़े बस रवलु। ने चे तीनाक देखीन बीही गुया।36चे ज आखो तींद्रे डुळे सी देख्णे वाळा, चे माणसे काजे आखी वात कह्या, की काहनी भाते भुतड़ान आत्मा सी भरायलु माणुस वारु हय गुयु।37तत्यार गीरासेन्यान ईलाका वाळा माणसे ने आड़े-धड़ेन आखा माणसे ईसु धड़े असी वीन्ती कर्या, तु हामरे धड़े सी जात रव, काहाकी चे बेसका बीही गुयला। ने ईसु ढंड्याम बसीन जाणे हींडतेलु।38बाकुन तीनी टेमे चु वारु हवलु माणुस असी वीन्ती कर्यु की “मेसेक बी तारे पुठ्ये आवणे दे।” बाकुन ईसु तीना माणसे काजे वळावतु जाय्न कह्यु, “तु तारे घर पछु जात रव, ने भगवान तारे वाटे काय-काय करलु छे च आखो माणसे काजे देखाड़ दे।”39ने अळी चु माणुस तेरे घर पछु जात र्यु। ने ईसु मार वाटे असो-असो काम करलो छे। करीन आखा सहर मां तत्यारुत जाय्न परचार करने लाग्यु।
ईसु याईरेन पुरेक जीवती करे ने एक बायरीन दुख छेटे करे
40जत्यार ईसु पछु गलील जीलाम आयु, ती माणसे खुस हय्न तेरो आव-भाव कर्या, काहाकी आखान-आखा तेरी वाट देखी रवला।41तीनी टेमे याईर नावेन एक माणुस हतलु, चु भगवानेन भक्तीन घरेन मुख्यु हतलु, चु ईसु धड़े आवीन ईसुन पाये पर हीट पड़्यु ने असी वीन्ती कर्यु, मारे घर चाल,42काहाकी बारेक सालेन तेरी एकुत पुरे हतली, ने ची मरने वाळी हतली। ने ईसु तेरे पुठ्ये चाल पड़्यु, ने जत्यार ईसु जाणे बाजी रवलु, तत्यार माणसे तेरे चारे मेर बेसकी गड़दी कर रवला। ने धकलाय्न तेरे पर पड़े-पड़े असा हय जातला।43ने तीनी टेमे एक बायर बारे साल सी पोगराळा दुख मां वेला कर रवली। ने ची वारु हवणे करीन आखो कमायलो डाक्टर्या काजे आपीन खरचु कर देदली बाकुन तेबी ची काहना बी डाक्टर्या सी वारु नी हवी।44ची ईसु पछळ आवीन ईसुन पुथल्यान कुर छीम लेदी, ने तत्यारुत ची पोगराळा दुख, सी वारु हय गुय।45ने तत्यार ईसु कह्यु, “मेसेक कुण छीम्यो?” जत्यार आखा मे नी छीम्यु, मे नी छीम्यु, कहीन मना करने बाजी गुय, ती पतरस ने तेरा साती कह्या, “ए मालीक! तुसेक मालुम नी हय काय? की चारे मेर सी माणसे तुसेक घेरवी रया, ने तारे पर धकलाय्न पड़े-पड़े तसा हय र्या।”46“बाकुन ईसु तीनुक कह्यु, काहनुक ने काहनुक मेसेक छीमलु छे, काहाकी मेसेक मालुम पड़ गुयो की मारेम सी ताकत नीकळ्ळी छे।”47जत्यार बायरी काजे मालुम पड़ गुयो की, मेसेक सातणे नी बणे, ती ची कापती जाय्न ईसु धड़े आवीन तेरा पायेम हीट पड़ी ने आखा माणसे अगळ आखी वात कय देदी की ईसुक काहा छीमली, ने हय मे छीमीन तत्यारुत वारु बी हय गुय।48ईसु तीनीक कह्यु, “पुरे, तु भुरसु करी, काहाकी तु वारु हवली छे, ने हय सांती सी जात रव।”49ईसु ज कहणे बाजी रवलु तत्यारुत काहनुस भगवानेन भक्ती करन्या घरेन मुख्या धड़े आवीन असो कह्यु तारी पुरे ते मर गुय। हय तु मास्तर काजे परेसान मां करे।50बाकुन ईसु ज सामळीन तीना भगवानेन भक्ती करन्या मुख्या काजे कह्यु, “बीहे मां, बाकुन भुरसु कर, ने तारी पुरे बची जासे।”51चु घर पुगीन पतरस, युहन्ना ने याकुप ने तीनी मरली पुरेन आस्या-बास्या काजे छुड़ीन कुय काजे बी तेरे पुठ्ये घर मां नी आवणे देदु।52ने तीनी मरली पुरे धड़े आखा रड़ने बाजी रवला, ने तीनी पुरेन करता, आखा माणसे रड़ी-कलपी रवला, तीनुक ईसु कह्यु, “रड़ु मां! जी नी मरी, बाकुन सुवणे बाजी रय।”53चे माणसे जी वात जाणीन ईसुक हासणे बाजी गुया, काहाकी चे वारु रीती सी जाणतेला, की ची पुरे मर गुयली छे।54बाकुन ईसु पुरेन हात धरीन, तीनी पुरे काजे कह्यु, “ओ पुरे! उठ!”55ने तत्यारुत टेम तेरु जीव पछु आय गुयु, ने ची जीवती हय गुय ने तत्यारुत ची उठीन उबी हय गुय। ने ईसु तीनी पुरेन माय-बास काजे कह्यु, “हीनीक मामार रुटा खावाड़ु।”56तेरा माय-बास चकराय गुया, बाकुन ईसु तीनुक कह्यु “जां आखो काय हयो च कुय काजे घुण कहुं।”