भक्तीन ढंगड़ा करन्या फरीसी माणसेन तसा मां बणु कय्न ईसु आपसा चेलाक चेतावे
1तीनी टेमे हुड़ु-हुड़ु माणसे भेळा हय गुया, ने माणसे, माणसे पर हीटी पड़े असा हय जातला। तत्यार ईसु आखान पेहेल आपसा चेलाक कह्वणे बाजी गुयु, फरीसी माणसेन ढंगड़ा सी चेतीन रवजु।2असो काय बी सातायलो नी हय, ज्य उघड़ीन उजेंतो नी हवे, असो काय बी ढाकायलो नी हय ज कुय काजे मालुम नी पड़े।3हेरेसी जी वात तुहुं आंदारला मां कह्वला छे, ची वात वीजाळा मां सामळायसे ने जी वात तुहुं घरेन कपरा मां कुर-कुर कान्टा मां सामळ्या हय ची वात घर पर उपर चहड़ीन परचार कह्वसे।कुणी सी बीहजे
4मे तुहुं मारा दुस्तीदार्या काजे कहो-जे माणसे तुंद्रा डील अतरात नुकसाण करे ती तींद्रे सी मां बीहु। बाकुन चे ते अळी अगा काय बी नी बीगाड़ सके।5मे तुहुंक देखाड़ो की कुणी सी बीहणु चाहजे। भगवान सी बीहु, तेरे धड़े मारीन ने नरक मां नाखणेन बी हक छे। हव, मे तुहुंक अळी-अळीन कहो की-तीना सी अतरात बीहु!6“दुय पयस्या मां पांच घीनचीड़ा नी वेचाये काय?” तेबी भगवान तींद्रे मांयन एक काजे बी नी ईसरे।7हव, तुंद्रा मुणकान आखा कान्या बी गीणायला छे, तेरेसी मां बीहु काहाकी तुंद्रु भाव ईनु घीनचीड़ा सी अदु छे!माणसे अगळ ईसुन नाव लेणे सी मां लाजवायु
8मे तुहुंक कहो काहनु बी माणुस मेसेक दीसरा माणसे अगळ मेसेक मान लेसे। तीनाक माणसेन पुर्यु बी भगवानेन सरग वाळा काहवाळ्या अगळ मेसेक मान लेसे।9बाकुन जु माणुस मेसेक दीसरा माणसे अगळ नीकारु करसे, तीनाक मे बी भगवानेन सरग वाळा काहवाळ्या अगळ नीकारु कर दीस।10“जु माणसेन पुर्यान वीरुद मां कायबी कवसे, तीनाक माफी जड़ जासे, बाकुन चुखली, आत्मान नाव-बद्दी करने वाळा माणुस काजे कदी माफी नी जड़े।11“जत्यार माणसे तुहुंक भगवानेन भक्तीन घर मां, ने नीयाव करन्या ने राज करन्या अगळ घीसीन ली जासे, ती ईनी वातेन फीकुर घुण करु की हामुक कसा आपसा काजे बचाड़ने करीन अगा हय्न काय कवसुन;12काहाकी तीनीत टेमे चुखली-आत्मा तुहुंक सीकाड़से की तुहुंक काय-काय कह्वणु चाहजे।”ईसु एक मालदार माणसेन दाखलु सामळावे
13एक दाहड़ु माणसे ईसुन वात सामळने बाजी रवला। तत्यार टुळा मां सी एक अदमी ईसुक कह्यु, “ए मास्तर! मारा भाय काजे कय दे की चु मेसेक तीना माल-धन मायन मारु वाटु आप देय, तीना माल-धन काजे हामरु बास मरनेन टेमे हामरे धड़े रहणीदीन जाती रवलु।”14ईसु तीनाक कह्यु, “ए माणुस! मारे धड़े तारु नीयाव करनेन ने वाटु पाड़नेन हक नी हय, काहाकी मेसेक कुय नी कह्यो की मे तुंद्रे दुय जणान ईचमां रय्न हींद्री चीजेन वाटा पाड़ दे।”15तत्यार ईसु तीना माणसे काजे कह्यु, चेतीन रवु ने हायाळ्ळा मां बणु! कुय अदमी कतरु बी लकपती हय, “तेरो मतलब ज नी हय की तेरी उमर वदी जासे।”16तत्यार ईसु तीनुक एक अमीर अदमीन दाखलु सामळायु: “एक मालदार अदमी धड़े एक खेत हतलो; तेरे मां बेसकी मेर पाकी।”17चु अमीर माणुस आपसा मन मां असु वीच्यार कर्यु, मारी आखी मेर मेकणे वाटे मारे धड़े कणगी नी हय।18ती चु कह्यु, मेसेक मालुम छे की मे काय कर सको मे जुन्ला कणग्या काजे वेखड़ी दीस, ने तींद्रे सी मटा कणग्या बणायस। तत्यार मे मेर ने रवली आखी चीज तींद्रे मां मेकीस।19ने मे मारा जीव काजे कवीस तारे धड़े बेसका साल लग, बेसको धन भेळो करलो छे, हेरेसी आराम कर, खा-पी ने मुजा कर!20बाकुन भगवान तीना अदमी काजे कह्यु, ए डेड़-अकल्या! ईनीत राते तारु जीव तारे धड़े सी मांग लीस ने तु मर जासी ने तु जो आपसा वाटे भेळो करलु छे, च आखो हय कुणीन रवसे? ने हय कुण ईनी चीजेन मुजा लेसे?21जु दाखलु कयदीन ईसु अगु कह्यु, “जु आपसा वाटे धन भेळो करे, चु माणुस बी हेरे डेड़-अकल्यान तसु मरीन सर जासे; बाकुन भगवानेन नींगा मां चु अमीर नी हय।”भगवान पर भुरसु करु
22चु हेरा चेला काजे कह्यु, हेरेसी मे तुहुं काजे कहो, काय खाय्न जीवसु, ने डील पर काय पेहरसुन करीन फीकुर घुण करु।23काहाकी जीव खाणा सी वदु मंहगलो छे ने डील पुथल्या सी महंगो छे।24कागळान बारामां वीच्यार करु; चु नी ते वेरे, नीते काटे, ने नी ते तींद्रे धड़े दाणा मेकणे कणग्या हय; तेबी भगवान तीनुक पेट भरीन खावाड़े। तुहुं चिरला सी बेसका महंगा छे।25तुंद्रे मायन असु कुण छे, जु फीकुर करीन आपसी जीवाय्न ईतरीक बी उमर बड़ाय सके?26कदी तुहुंक अतरो नानो काम बी करता नी आवड़े, ती अळी दीसरी वातेन फीकुर काहा करु?27बयड़ा मायन फुलेक देखीन वीच्यार करु; हये कसाक अदे! ने हये नी मेहनत करे, ने नी दुरा काटे, तेबी मे तुहुंक कह्वो की सुलेमान राजाक बी आपसा पुरा ठट मां ईनु फुलेन तसा पुथल्या पेहरीन वारु नी।28तेरेमां कदी भगवान खळदाण मायन चारा काजे, जो आज छे ने वाहणे सुकीन चुल्हा मां धपणे वाटे हय जासे। तेबी असा पुथल्या पेहरावे ती ए कम भुरसा करने वाळा, ती चु तुहुंक काहा नी वारलु पुथल्या पेहरावसे?29अळी काय खासुन ने काय पीसुन करीन खाणे-पीणेन हेर मां करु ने काहनी बी वातेन फीकुर मां करु।30ईनी कळीन माणसे ईनी आखी चीजेन फीकुर मां पड़ता रवे। बाकुन तुंद्रु सरगे मां रहण्यु बास जाणे की तुहुंक काय-काय चाहजे।31बाकुन तुहुं भगवानेन राजेन हेर करु, ती तुहुंक जी चीज बी जड़ जासे।धन काजे कां भेळो करनु चाहजे?
32ए नानला टुळा! बीहु मां, काहाकी तुंद्रु बास तुहुंक राज आपणे करीन खुस छे।33आपणो धन वेच देवु, ने दीसरा गरीब माणसे काजे दान कर देवु। आपणे वाटे असा बटवा तीयार करु, जे कदी जुना हय्न फाटे नी। सरगे मां आखो धन भेळो करु, जो कमी नी हवे, ने तेरे धड़े चुरी करने चुट्टु नी जाय सके। ने तीना धनेक थयलि काटण्यु कीड़ु नी खाय।34काहाकी चां तुंद्रो धन छे, चां तुंद्रो मन बी रवसे।जलम तीयार रवजु
35“तुंद्री कमर वारु कसीन बांदली रवणु चाहजे, ने तुंद्रा दिवा धपला रवणु चाहजे।36तुहुं तीनु माणसेन तसा बणी जावु, जे हामरु मालीक ईयाव मां सी पछु कत्यार आवसे करीन वाट देख र्या, ने जत्यार तींद्रु मालीक ईयाव करीन पछु आवीन बारनो ठुके ती चु उतवाळुस तेरे वाटे बारनो उगाड़ देय।37वारलु छे चे चाकरी करन्या, तीनुक मालीक आवे, तत्यार जागला देख्यु! मे तुहुंक छाचलीन कहो चु मालीक आपसु कमर बांदीन वारती बणी जासे ने तीनुक खाणे बठाड़से ने एक-एक जणा काजे खाणु वाटीन खावाड़से।38ने बेसका वारु छे चे चाकरी करन्या, जत्यार मालीक आधी राते ने कुकड़ा वासणीक आवे, तत्यार तीनुक असात जागला देखे!39तुहुं ज ते वारु रीते जाणु-की कदी घर धेणी काजे मालुम रवे की चुट्टु काहने टेमे आवसे, ती चु आपसा घर मां चुरी नी हवणे देय।40तुहुं बी तीयार रवु, काहाकी तीने टेमे तुहुं तेरा आवणेन बारामां वीच्यारु बी नी, तीनेत टेमे माणसेन पुर्यु बी आवसे।”भुरसा वाळु ने नी भुरसा वाळु पावर्यु
41तत्यार पतरस तीनाक कह्यु, “ए मालीक! तु, जु दाखलु हामरे वाटे कय र्यु, की आखा वाटे कय र्यु?”42मालीक कह्यु, “असु कुण ईमानदार ने अक्कल वाळा जुगाड़-करन्यु माणुस छे, तीनाक तेरु मालीक आपसा पावर्यान मुख्यु बणावे ने कहें की तु मारा पावर्याक खाणे-पीणेन चीज टेमे-टेमे आप्या करजी?”43वारलु छे चु चाकरी करन्यु, तेरु मालीक आवे, तत्यार चु तीनाक सुपरुत करलो काम करतेलु देख्यु,44मे तुहुंक छाचीन कह्वो-चु मालीक तीनाक, आपसा आखा माल धन पर मुख्यु बणावीन ठेहरावसे।45बाकुन कदी चु चाकरी करन्यु आपसा मन मां वीच्यार करने बाजी जाय, मारु मालीक आवणे मां वार लागाड़ र्यु, करीन चु दीसरी पावरनी काजे ने पावर्या काजे ठुकणे, ने खाणे-पीणे ने दारु पीन छाकणे बाजी जाय।46ती तीना चाकरी करन्यान मालीक असलेस दाहड़े आवसे जत्यार चु तेरी वाट नी देख र्यु हय ने असलेत टेम मां आवसे ची टेम तीनाक समज मां नी आवे। मालीक तीनाक बेसकी मटी डंड आपसे ने नी भुरसा करे असला भेळु भेसकी देसे।47“आपणा मालीकेन मरजी जाणीन बी चु चाकरी करन्यु, मालीकेन मरजीन अनसारे काम नी कर्यु, अळी चु बेसकु कायनी मार खासे।”48बाकुन जु मालीकेन मरजी जाणे पाखुर गलत काम कर्यु, चु तेरे सी थुड़ुक मार खासे। ने तीनाक बेसको आपलो छे, तेरे धड़े बेसको मांग्से, ने तीनाक बेसको आपलो छे तेरे धड़े तीनाक आपला सी वदु मांगसे।अलग हवणेन वजे
49मे धरती पर आकठी लीन धपाड़ने आवलु छे, ने मारी हेर जी छे की जी आकठी हय माणसेन जीवाय मां धपी जाय ती बेसको वारु हय जाय।50मेसेक ते एक अळी बपतीस्मा लेणु छे, ने चो बपतीस्मा नी लेवाये, ती लग मे कांदरायलु रवीस।51मे धरती पर सांती लीन आवलु छे, तुहुं असो समजी र्या काय? मे तुहुं माणसेक अलग-अलग करने आवलु छे।52काहाकी हय सी कदी, एक घर मां पांच जणा हसे, ती तींद्रे मायन तीन जणा दुय जणान वीरुद करसे, ने चे दुय जणा तीनु तीन जणान वीरुद करसे।53बास आपसा पुर्यान वीरुद करसे, ने पुर्यु आपसा बासेन वीरुद करसे, माय आपसी पुरेन वीरुद करसे, ने पुरे आपसी मायन वीरुद करसे। सासुस आपसी उहड़ीसेन वीरुद करसे, “ने उहड़ीस आपसी सासुसेन वीरुद करसे।”टेमेन उळखाण
54ईसु तेरे पछळ आवणे वाळा बेसका माणसे काजे कह्यु, “कदी तुहुं बुडवणा सुदा सी आदळा नीकळते देखु, ती तत्यार कहुं, ‘की पाणी आवसे’ ने असोत हवे बी।”55जत्यार दाखणाव सुदे सी वाहळो आवे, ती कहुं की, आंधी आवसे ने असोत हवे।56ए ढंगड़ा करन्या ढंगी! तुहुं सरगेम हवणेवाळी ने, धरती पर हवणेवाळी वात बेसका वारु आकणी लेवु, ती ईनु दाहड़ाम काय हय र्यो च काहा नी आकणता?आपणा दुसमन सी झगड़ु भांगणु
57तुहुं आपसा जीव सी काहा नी वीच्यारतु की सय काय छे?58जत्यार तुहुं आपसा दुसमन पुठ्ये जेल मां जाणे बाजी र्या हय, ती वाटे तेरे साते वीच्यारीन झगड़ु भांग लेवु। कांखुर मायन असो नी हय जाय की चु तुहुंक नीयाव करने वाळान भीणी ली जाय, ने नीयाव करन्यु तुहुंक, सीपायड़ान हात मां कर देय, ने सीपायड़ा तुहुंक जेल मां कुंड देय।59मे तुहुंक कहुं, “जत्यार लग तुहुं एकेक पांचपाय नी आप देवु तत्यार लग चां सी नी नीकळाये।”