बिलापगीत5hne_twf

1हे यहोवा, हमर ऊपर जऊन बीते हवय, ओला सुरता कर;हमर ऊपर धियान दे, अऊ हमर बेजत्ती ला देख।2हमर उत्तराधिकार ह अजनबीमन ला,अऊ हमर घर परदेसीमन ला दे दिये गे हवय।3हमन बिगर ददा के हो गे हवन,हमर दाईमन बिधवा हो गे हवंय।4पीये के पानी बिसोना जरूरी हो गे हवय;हमन ला लकरी तभे मिलथे, जब हमन ओकर दाम देथन।5जऊन मन हमर पीछा करत हें, ओमन हमर गोड़ मेर आ गे हवंय;हमन थक गे हन अऊ हमन ला अराम नइं मिलत हे।6हमन भरपूर जेवन पाय बरमिसर अऊ अस्सूर के अधीन हो गेंन।7हमर पुरखामन पाप करिन अऊ ओमन खतम हो गीन,अऊ हमन ओमन के दंड भोगत हन।8गुलाममन हमर ऊपर सासन करत हें,अऊ हमन ला ओमन के हांथ ले छोंड़ाय बर कोनो नइं एं।9निरजन जगह म तलवार के कारनजब हमन अपन जान ला जोखिम म डालथन, त हमन ला जेवन मिलथे।10हमर चमड़ी ह भट्ठी सहीं गरम हो गे हवय,भूख के मारे जर आवत हे।11सियोन म माईलोगनमन अऊ यहूदा के नगरमन मकुंवारीमन ला भ्रस्ट कर देय गे हवय।12हाकिममन ला हांथ के बल लटका देय गे हवय;अगुवामन के आदर नइं करे जावय।13जवानमन चक्की चलाय म मेहनत करथें;लड़कामन लकरी के बोझा उठात लड़खड़ाथें।14अगुवामन सहर के दुवार ला छोंड़के चले गे हवंय;जवानमन अपन संगीत ला छोंड़ दे हवंय।15आनंद ह हमर हिरदय ले चले गे हवय;हमर नचई ह सोक म बदल गे हवय।16मुकुट ह हमर मुड़ ले गिर गे हवय।हमन ला धिक्कार ए, काबरकि हमन पाप करे हन!17येकर कारन हमर हिरदय ह कमजोर हो गे हवय,ये बातमन के कारन हमर नजर ह कमजोर हो गे हवय18काबरकि सियोन पहाड़ उजाड़ पड़े हे,अऊ सियारमन येकर ऊपर घुमत हें।
19हे यहोवा, तेंह सदाकाल तक राज करथस;तोर सिंघासन ह पीढ़ी-पीढ़ी तक बने रहिथे।20तेंह काबर हमन ला हमेसा भुला जाथस?तेंह काबर हमन ला अतेक लम्बा समय तक छोंड़ देथस?21हे यहोवा, तोर संग हमर संबंध ला फेर ठीक कर दे, कि हमन लहुंटके आवन;हमर दिनमन ला फेर पुराना समय सहीं कर दे22यदि तेंह हमन ला पूरा तियाग नइं दे हसअऊ हमर ऊपर बहुंत नराज नइं अस त।