1जब हि पूरी जाति को लोग यरदन नदी को पार उतर गयो, तब परमेश्वर न यहोशू सी कह्यो,2“प्रजा म सी बारा आदमी, मतलब हर एक कुल सी एक आदमियों ख चुन क या आज्ञा दे,3‘अऊर तुम यरदन को बीच म, जहां याजकों न पाय रख्यो होतो वहां सी बारा गोटा उठाय क अपनो संग ओन पार ले चलो, अऊर जहां अज की रात मुक्काम करो वहांच रख देवो।’”4तब यहोशू न उन बारा आदमियों ख, जिन्ख ओन इस्राएलियों को हर एक कुल म सी छांट क रख्यो होतो,5बुलाय क कह्यो, “तुम अपनो परमेश्वर यहोवा को सन्दूक को आगु यरदन को बीच म जाय क इस्राएलियों को कुलों की गिनती को अनुसार एक एक गोटा उठाय क अपनो अपनो कन्धा पर रखो,6जेकोसी यो उन लोगों को बीच चिन्ह ठहरे, अऊर आगु जब तुम्हरो टुरा यो पूछेंन, ‘इन गोटावों को का मतलब हय?’7तब तुम उन्ख यो उत्तर देवो, कि यरदन नदी को पानी परमेश्वर को वाचा को सन्दूक को सामने दोय भाग भय गयो होतो; कहालीकि जब ऊ यरदन नदी पार कर क् आय रह्यो होतो, तब यरदन नदी को पानी दोय भाग भय गयो होतो। येकोलायी हि गोटा इस्राएल ख हमेशा लायी याद दिलावन वालो ठहरेंन।”8यहोशू की या आज्ञा को अनुसार इस्राएली लोगों न करयो, जसो परमेश्वर न यहोशू सी कह्यो होतो वसोच उन्न इस्राएली कुलों की गिनती को अनुसार बारा गोटा यरदन नदी को बीच म सी उठाय क; ऊ जागा पर ले गयो जहां उन्न मुक्काम करयो होतो रख दियो।9अऊर यरदन नदी को बीच म, जहां याजक वाचा को सन्दूक ख उठायो हुयो अपनो पाय रख्यो होतो वहां यहोशू न बारा गोटा खड़ो करायो; हि अज भी वहां हय।10जिन कामों ख करन की आज्ञा परमेश्वर न यहोशू को द्वारा इस्राएली लोगों ख दी होती, जब तक हि पूरी नहीं होय जाय तब तक वाचा को सन्दूक उठाय क लिजान वालो याजक यरदन नदी को बीच म खड़ो रह्यो, असीच आज्ञा मूसा न यहोशू ख दियो होतो। तब लोगों न फुर्ती सी नदी पार कर लियो।11अऊर जब सब लोग ओन पार उतर चुक्यो, तब याजक अऊर परमेश्वर को सन्दूक भी उन्को देखतो पार भय गयो।12अऊर रूबेनी, गादी, अऊर मनश्शे को अरधो कुल को लोग मूसा को कहन को अनुसार बच्यो इस्राएली लोगों को आगु हथियार बान्ध्यो हुयो पार गयो;13हि चालीस हजार आदमी युद्ध को हथियार बान्ध्यो हुयो युद्ध करन लायी परमेश्वर को सामने पार उतर क यरीहो को मैदान म पहुंच्यो।14ऊ दिन परमेश्वर न सब इस्राएलियों को सामने यहोशू की महिमा बढ़ायी; अऊर जसो हि मूसा को भय मानत होतो वसोच यहोशू को भी भय ओको जीवन भर मानतो रहे।15तब परमेश्वर न यहोशू सी कह्यो,16“वाचा को सन्दूक उठावन वालो याजकों ख आज्ञा दे कि यरदन म सी निकल आये।”17त यहोशू न याजकों ख आज्ञा दियो, “यरदन म सी निकल आवो।”18अऊर जसोच परमेश्वर की वाचा को सन्दूक उठावन वालो याजक यरदन नदी को बीच म सी निकल आयो, अऊर उन्को पाय सूखी जमीन पर पड़्यो, वसोच यरदन नदी को पानी अपनो जागा पर लौट आयो, अऊर पहले को जसो किनारा को ऊपर फिर बहन लग्यो।19पहिलो महिना को दसवों दिन ख प्रजा को लोगों न यरदन म सी निकल क यरीहो की पूर्व सीमा पर गिलगाल म अपनो डेरा डाल्यो।20अऊर जो बारा गोटा यरदन नदी म सी निकाल्यो होतो, उन्ख यहोशू न गिलगाल म खड़ो करयो।21तब ओन इस्राएली लोगों सी कह्यो, “जब भविष्य म तुम्हरो बाल-बच्चा अपनो-अपनो बाप सी यो पूछेंन, ‘हि गोटावों को का मतलब हय?’22तब तुम उन्ख यो बतावो, ‘यो यरदन ख हम इस्राएलियों न सूखी जमीन पर चल क पार करयो होतो।’23कहालीकि जसो तुम्हरो परमेश्वर यहोवा न लाल समुन्दर ख हमरो पार होय जान तक हमरो सामने सी हटाय क सुखाय दियो होतो, वसोच ओन यरदन नदी को भी पानी तुम्हरो पार होय जान तक तुम्हरो सामने सी हटाय क सुखाय दियो;24येकोलायी धरती को सब देशों को लोग जान ले कि परमेश्वर को हाथ सामर्थवान हय; अऊर तुम हमेशा परमेश्वर यहोवा को भय मानतो रहो।”