ईसु मर्या-सर्याम सी जीवतु हवे
1हाप्तान पेहले दाहड़े संदारे एगीत, मरीयम मगदलनी मसाण धड़े आवी, ने ची मसाण पर सी चापर्यु दगड़ु छेटे करलो देखी।2ची सीमोन ने पतरसेन्चां ने दीसरा चेलान चां दवड़ीन आवी, चु ईसुन लाटेक्लु चेलु कहंवायतेलु। ने ची तीनुक कही काहनाक माणसे मालीक ईसुन धड़ काजे मसाण सी नीकाळीन ली जात र्या। ने हामुक मालम नी हय की चे तीना धड़ काजे कां मेक र्या।3तत्यार पतरस ने ईसुन दीसरु चेलु मसाण भीणी दवड़ी पड़्या।4चे दुय भेळा दवड़्या बाकुन दीसरु चेलु पतरस काजे पछळ नाख दीन पेहलुत मसाण धड़े पुग गुयु।5चु ढंगु अळीन लेफड़्या पुथल्यान देख्यु बाकुन मसाणेन खंगरा मां माहें नी भरायु।6सीमोन पतरस तेरे पछळ-पछळ आयु, ने अळतेन मसाण धड़े गुयु मसाण खंगरा मां माहें गुयु, ने चु लेफड़्या पुथल्यान पड़ रवलु देख्यु।7ईसुन मुंहडा पर फेटको बांदलो हतलो च फेटको लेफड़्या पुथल्यान भेळतो हतलो, बाकुन दीसरे जागे दुर करीन मेल्लो देखाव पड़्यो।8ती चु दीसरु चेलु जु मसाण धड़े पेहलुत पुगी गुयलु, चु बी मसाणेन खंगरा मां माहें गुयु ने पुथल्यो देख्यु ने चु चेलु असु भुरसु कर्यु की ईसु पछु जीवतु हय्न बठु हय गुयु।9ज हवणेन पेहेल तीनुक जी वात समज मां नी आवी की, खरला-सास्तुरेन अनसारे ईसुन मर्या-सर्याम सी जीवतु हय्न बठु हवसे।10ने चे दुय चेला आपसा-आपसा जागा पर जात र्या।पछु जीवतु हवलु ईसु मरीयम मगदली काजे देखाव पड़े
11मरीयम मगदलनी मसाण धड़े खयड़े रड़तेली, ने ची रड़ती-रड़ती ढंगी अळीन मसाण मां माहें नींगा करी।12ने तीना जागा पर ईसुन धड़ मेलायलो हतलो, चां ची उजळा पुथल्या पेहर रवला दुय सरग वाळा चाकर्या काजे देखी एक काय मुणका भीणी ने एक पायाता भीणी बस रवला देखी।13चे दुय सरग वाळा खबर लावण्या तीनी काजे कह्या, “ओ बायर जात! तु काहा रड़ रय?” ची कय “चे मारा मालीक काजे हाकली ली गुयला छे ने मेसेक नी मालम हय की चे तीनाक कां मेल र्या!”14ज कयदीन ची पछी फीरीन भाळी ने ची ईसु काजे उबु हय रवलु देखीम, बाकुन तीनीक जु ईसु छे करीन उळखायो नी।15ईसु तीनी काजे कह्यु, “ओ बायर जात तु काहा रड़ रय कुणीक हेर रय?” ची मरीयम तीनाक वाड़ीम काम करन्यु पावर समजीन तीनाक कय, “ए दादा! कदी तु तीना काजे ली गुयु हय ती मेसेक कय दे की तु तीनाक कां मेल र्यु ने तीनाक ली आवीस।”16ज सामळीन ईसु तीनीक कह्यु, “ओ मरीयम!” ची पछी फीरीन ईसुक उळखीन तीनाक ईब्रानी मां कय, “रबी।” यहुदी माणसेन बुली मां ईना बुलेन मतलब ए गुरु हतलो।17ईसु तीनी काजे कह्यु, “मे हय लग भगवान बासेन चां उपर सरग मां नी गुयु। ने मेसेक छीमीन मां रुके, बाकुन मारा भायसेन चां जाय्न तीनु काजे ज कय दे, की ईसु कय र्यु की, मे मारा भगवान बासेन्चां जाणे हींड र्यु, हयु हय सी तुंद्रु बी भगवान बास छे।”18मरीयम मगदलनी जाय्न जी वात चेला काजे कय की “मे मालीक काजे देखली छे, ने चु मेसेक बी वात कय मकल्यु।”ईसु चेला काजे देखाव पड़े
19तीने दाहड़े, हाप्तान पेहले दाहड़े सांती वेळाय ईसुन चेला यहुदी माणसेन धाके आपसात बारनो दीलीन घरमां कुंडाय रवला। ने ईसु तींद्रे ईचमां आय्न उबु हय गुयु, ने चेला काजे कह्यु “तुहुंक सांती जड़े!”20ज कयदीन ईसु आपसा हातेन घाव, ने आपसी कुखेम घाव देखाड़्यु, ती तेरा चेला मालीक ईसु काजे देखीन खुस हय गुया।21ने ईसु तीनुक अळी कह्यु, “तुहुंक सांती जड़े! असु भगवान बास मेसेक मकेल्लु छे तसुत मे बी तुहुंक मकलो।”22ज कयदीनईसु तीनु पर फुक्यु ने तीनुक कह्यु, “लेवु, जी चुखली-आत्मा, तुंद्रा जीवन मां ली लेवु।23तुहुं जीनु माणसेक पापेन माफी आपसु, तीनु माणसेक पापेन माफी जड़ जासे, ने तीनुक माणसेक तुहुं पापेन माफी नी आपु तीनु माणसेक पापेन माफी नी जड़े।”पछु जीवतु हवलु ईसु थोमा काजे देखाव पड़े
24जत्यार ईसु चेला धड़े आयु ती थोमा तींद्रे भेळु नी हतलु चु बी बारे चेला मायन एक हतलु, चु दीद्मुस कहवाये।25दीसरा चेला तीनाक कह्या, “हामु मालीक ईसु काजे देखला छे।” ती चु कह्यु, “जत्यार लग मे तेरा हातेम खीळानघाव नी देख लम ने खीळा सी पड़लो घावेम मारी आंगळी नी नाख दम ने तेरा कुखेम पड़ला घाव मां मारु हात नी नाख दम तत्यार लग मे भुरसु नी करो।”26आंठ दाहड़ा हय गुया, ने अळतेन ईसुन चेलान अळी घरमां हतला, ने थोमु बी तींद्रे भेळु हतलु तीने टेमे घरेन बारनो देदलो हतलो, तेबी ईसु तींद्रे ईचमां आवीन उबु रय गुयु ने कह्यु, “तुहुंक सांती जड़े!”27ती ईसु थोमा काजे हेरा हात देखाड़ीन कह्यु, “तारी आंगळी ईनु हातेन घाव मां नाख ने आपसु हात उरु कर ने मारा कुखेम वाळा घाव मां तारु हात नाख। ने तु नी भुरसु वाळु मां बणे बाकुन मारे पर भुरसु कर।”28थोमा ईसु काजे जपाप आप्यु, “ए मारा मालीक! ए मारा भगवान!”29ती ईसु थोमा काजे कह्यु तु ते मेसेक देखीन मारे पर भुरसु करलु छे। बरकतवाळ चे छे, जे मेसेक नी देख्या बाकुन मार पर भुरसु करे।जी वात युहन्नु काहा लिखलु
30ईसु आपसा चेला अगळ अळी बेसका मटा कामेन सहलाणी देखाड़्यु बाकुन तीनु मटा कामेन सहलाणीन बारामां ईनी किताप मां लिखलो नी हय।31बाकुन जी वात जां असो करीन लिखली छे की तुहुं जु भुरसु करु की ईसुत भगवानेन पुर्यु मसी छे, ने तेरे पर भुरसु करीन तेरे नावे सी अमर जीवन हात कर लेय।