1यीसू ह कहिस, “तुम्हर हिरदय बियाकुल झन होवय। परमेसर ऊपर बिसवास करव अऊ मोर ऊपर घलो बिसवास करव।2मोर ददा के घर म बहुंत जगह हवय; यदि नइं होतिस, त मेंह तुमन ला बता देतेंव। मेंह उहां तुम्हर बर जगह तियार करे बर जावत हंव।3अऊ जब मेंह जाके तुम्हर बर जगह तियार कर लूहूं, त मेंह फेर आहूं अऊ तुमन ला मोर इहां ले जाहूं ताकि जिहां में रहंव उहां तुमन घलो रहव।4जिहां मेंह जावत हंव, तुमन ओ जगह के रसता ला जानत हव।”
यीसू ह ददा करा जाय के रसता अय
5थोमा ह यीसू ला कहिस, “हे परभू, हमन नइं जानन कि तेंह कहां जावत हस, त फेर हमन रसता ला कइसने जानबो?”6यीसू ह ओला जबाब दीस, “रसता, सत अऊ जिनगी मेंहीच अंव। मोर बिगर कोनो ददा करा नइं आ सकय।7यदि तुमन मोला जाने होतेव, त मोर ददा ला घलो जानतेव। फेर अब ले तुमन ओला जानत हव अऊ ओला देखे घलो हवव।”8फिलिप्पुस ह ओला कहिस, “हे परभू, हमन ला ददा के दरसन करा दे। हमर बर अतका ह बहुंत होही।”9यीसू ह जबाब दीस, “हे फिलिप्पुस, मेंह अतेक दिन ले तुम्हर संग म हवंव अऊ तभो ले का तेंह मोला नइं जानस? जऊन ह मोला देखिस, ओह ददा ला घलो देख डारिस। फेर तेंह कइसने कह सकथस कि हमन ला ददा के दरसन करा दे।10का तेंह बिसवास नइं करस कि मेंह ददा म हवंव अऊ ददा ह मोर म हवय? जऊन बचन मेंह तुमन ला कहिथंव, ओह मोर अपन कोति ले नो हय। पर ददा जऊन ह मोर म रहिथे; ओह अपन काम करत हवय।11मोर बिसवास करव कि मेंह ददा म हवंव अऊ ददा ह मोर म हवय। या फेर मोर चमतकार के काममन के सेति मोर बिसवास करव।12मेंह तुमन ला सच कहथंव कि जऊन ह मोर ऊपर बिसवास करथे, ओह ओ काममन ला करही, जऊन ला मेंह करत हवंव। अऊ त अऊ ओह येमन ले घलो बड़े-बड़े काम करही, काबरकि मेंह ददा करा जावत हंव।13जऊन कुछू तुमन मोर नांव म मांगहू, ओला मेंह पूरा करहूं ताकि बेटा के दुवारा ददा के महिमा होवय।14यदि तुमन मोर नांव म मोर ले कुछू मांगहू, त मेंह ओला पूरा करहूं।
यीसू ह पबितर आतमा ला पठोय के वायदा करथे
15“यदि तुमन मोर ले मया करथव, त मोर हुकूममन ला मानव।16मेंह ददा ले पराथना करहूं, अऊ ओह तुमन ला एक आने मददगार दीही, ओह हमेसा तुम्हर संग रहिही।17जऊन ला सत के आतमा कहे जाथे। संसार ह ये मददगार ला गरहन नइं कर सकय, काबरकि संसार ह न तो ओला देखे हवय अऊ न ही ओला जानय। पर तुमन ओला जानथव, काबरकि ओह तुम्हर संग रहिथे अऊ तुमन म रहिही।18मेंह तुमन ला अनाथ नइं छोड़ंव; मेंह तुम्हर करा आहूं।19थोरकन देर अऊ हवय, तब संसार ह मोला फेर नइं देखही, पर तुमन मोला देखहू। काबरकि मेंह जीयत हंव; तुमन घलो जीयत रहिहू।20ओ दिन तुमन जानहू कि मेंह अपन ददा म हवंव, अऊ तुमन मोर म हवव, अऊ मेंह तुमन म हवंव।21जेकर करा मोर हुकूम हवय, अऊ ओह ओमन ला मानथे, ओहीच ह मोर ले मया करथे। अऊ जऊन ह मोर ले मया करथे, ओकर ले मोर ददा ह मया करही, अऊ मेंह घलो ओकर ले मया करहूं अऊ ओला अपन दरसन दूहूं।”22तब यहूदा (जऊन ह यहूदा इस्करियोती नइं रिहिस) यीसू ला कहिस, “हे परभू, का बात ए कि तेंह हमन ला अपन दरसन देबे, पर संसार के मनखेमन ला नइं।”23यीसू ह ओला जबाब दीस, “यदि कोनो मनखे ह मोर ले मया करथे, त ओह मोर बचन ला मानही। अऊ मोर ददा ह ओकर ले मया करही, अऊ हमन ओकर करा आबो अऊ ओकर संग रहिबो।24जऊन ह मोला मया नइं करय, ओह मोर बचन ला नइं मानय। ये बचन जऊन ला तुमन सुनत हव, येमन मोर नो हंय; येमन ददा के अंय, जऊन ह मोला पठोय हवय।25“तुम्हर संग रहत मेंह तुमन ला ये बात कहे हवंव।26पर मददगार याने पबितर आतमा जऊन ला ददा ह मोर नांव म पठोही, ओह तुमन ला जम्मो बात सिखाही अऊ ओ हर एक बात तुमन ला सुरता कराही, जऊन ला मेंह तुमन ला कहे हवंव।27मेंह अपन सांति तुम्हर संग छोंड़त हवंव; अपन सांति मेंह तुमन ला देवत हंव। मेंह तुमन ला वइसने नइं देवंव जइसने संसार ह देथे। तुम्हर हिरदय बियाकुल झन होवय अऊ झन डरव।28“तुमन मोला ये कहत सुने हवव, ‘मेंह जावत हंव अऊ मेंह तुम्हर करा फेर आहूं।’ यदि तुमन मोर ले मया करतेव, त तुमन खुस होतेव कि मेंह ददा करा जावत हंव, काबरकि ददा ह मोर ले महान ए।29ये बात होय के पहिली मेंह तुमन ला बता दे हवंव, ताकि जब ये बात होवय, त तुमन बिसवास करव।30मेंह तुम्हर संग अऊ जादा देर तक नइं गोठियावंव, काबरकि ये संसार के राजकुमार ह आवत हवय। ओकर मोर ऊपर कोनो अधिकार नइं ए।31पर जइसने ददा ह मोला हुकूम दे हवय, वइसने मेंह करथंव, ताकि संसार ह ये जान लेवय कि मेंह ददा ले मया करथंव। “अब आवव, इहां ले चलन।