यरमियाह3hne_twf
1“यदि कोनो मनखे ह अपन घरवाली ला तियाग देथेअऊ ओ माईलोगन ह ओला छोंड़के आने आदमी ले बिहाव कर लेथे,त का ओ पहिला आदमी ला ओ माईलोगन करा फेर वापिस जाना चाही?का ओ देस ह पूरा असुध नइं हो जाही?पर तेंह कतको मयारूमन संग एक बेस्या सहीं रहे हस—त फेर, का अब तेंह मोर करा लहुंटके आबे?”यहोवा ह ये घोसना करत हे।2“बंजर टीलामन कोति आंखी उठाके देख।कोनो अइसने जगह हवय, जिहां तेंह कुकरम नइं करे हस?तेंह सड़क-तीर म अइसने बईठके मयारूमन के बाट जोहय,जइसने एक घुमंतू मनखे ह सुन्ना जगह म बईठे रहिथे।तेंह अपन बेभिचार अऊ दुस्टता के काम लेदेस ला असुध कर दे हस।3एकरसेति, बरसात ला रोक दे गे हवय,अऊ बसन्त रितु के बारिस नइं होईस।तभो ले, तेंह एक बेस्या सहीं दिखत हस;तोर म सरम नांव के चीज ही नइं ए।4का तेंह अभी मोला ये कहिके नइं बलाय:‘हे मोर ददा, हे मोर जवानी के संगी,5का तेंह हमेसा गुस्सा करत रहिबे?का तोर कोरोध ह सदाकाल तक बने रहिही?’तेंह अइसने गोठियाथस,पर तेंह ओ जम्मो दुस्ट काम करथस, जेला तेंह कर सकथस।”