याकूब3bhu_twf

जीभ के बस हे करा

1हे मोर भाई, तुम्हर मसे बोहत झन गुरू झइ बनै, काखे तुम जानत हबा कि हम गुरूवन लग बोहत कडाइ लग हिसाब मांगे जही।2हम सब बेर-बेर पाप करथन, सिध्द ऊ हबै, जेखर बचन हे कउनो मेर के भूल चूक नेहको होथै, ऊ अपन सगलू देह के काबिज हे रख सकथै।3अगर हम घोडवा के वस हे रखै के निता ओखर मुंह हे लगाम लगाथै, ता ओखर सगलू देह के इछो-उछो घुमाय सकथै।4देखा, नाह जिहाज के ऊ केतको बडा काखे न होय अउ बोहत तेज हवा लग भले बहाय जथै, तउभरमा ऊ चलामै बाले के इक्छा के जसना अक्ठी नान हस पतवार लग चलाय जथै।5इहैमेर जीभ देह के अक्ठी नान हस अंग हबै, पय ऊ सक्तिसाली होमै के दाबा के सकथै। देखा, अक्ठी नान हस आगी के तिनगा लग बडा पतेरा आगी लग लेसर जही।6जीभ अक्ठी आगी हबै, ओहमा अधरम के दुनिया भरे पडे हबै, हमर अंगन हे जीभ हबै जउन हमर सगलू देह के असुध्द के देथै, अउ नरक लग चमकदार हुइ के हमर जीवन काल हे आगी लगाय देथै।7हर मेर के गोरू अउ चिरइया, रेंगै बाले जीव, अउ पानी हे रहै बाले जीव, सब के सब मनसेन के दवारा वस हे हुइ सकथै या वस हे हुइ गय हबै,8पय जीभ के कउ मनसे अपन वस हे नेहको के सकथै, ऊ अक्ठी असना बुराई करै बाले हबै, जउन कबहुन सान्त नेहको रथै अउ परान के नास करे बाले बिस लग भररे हर हबै।9हम ओखरै लग अपन परभु या बाफ के महिमा करथन, अउ ओखरै लग मनसेन के सरापथन, जउन भगवान के मेर बनाय गय हबन।10अक्ठिन मुंह लग आसीस अउ सराप दुनो निकडथै, हे मोर भाई अउ बेहन हइ सही नेहको हबै।11का अक्ठी पानी के झरना लग कडु अउ गुरतुर दुनो निकडथै?12हे मोर भाई, का अंजीर के रूख लग जैतून के रूख लगही, या रूख के डगइल लग अंजीर लग सकथै? ओसनेन नुनछुर पानी झरना लग गुरतुर पानी नेहको निकडथै।

स्वरगी सिक्छा

13तुम्हर मसे जउन ग्यानी अउ समझदार कोन हबै? ऊ अपन चाल चलन के दवारा अपन कोवड या होसियारचंद बेउहार दवारा हइ बात के परमाड देया।14अगर तुम्हर मन कडवा जलन अउ मतलब लग भररे हर हबै, ता एखर घमंड करत झूठ के सही बनाय के पेस झइ तो करा।15हइ मेर के ग्यान भगवान लग नेहको आथै, पय सांसारिक, स्वभाविक देह अउ भुतवा हबै।16जछो जलन अउ मतलबिहा हबै, उछो असान्ति अउ हर मेर के बुराई पाय जथै।17पय जउन ग्यान भगवान के तरफ लग आथै ऊ निरदोस हबै, अउ ऊ सान्ति लग, सहै बाले, दया, करुना, निक्खा काम करै बाले, कउनो मेर के पक्छपात नेहको, मन हे कउनो मेर के कपट झइ होय।18मेल जोल करामै बाले मनसे सान्ति के बिजहा बोमै के दवारा नियाइपन के उपज अक जिघा करथै।